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धराशायी हुई स्कूल की दीवार और गेट, भाग निकले मवेशी
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लालगंज के मटियारा प्राइमरी स्कूल की टूटी बाऊंड्री वाल।
- फोटो : PRATAPGARH
धराशायी हुई स्कूल की दीवार और गेट, भाग निकले मवेशी
दस मवेशियों को भेजने की औपचारिकता पूरी कर चले गए कर्मचारी
प्रशासन की लापरवाही से दूसरे दिन भी नहीं निकल सका हल
रानीगंज कैथौला। संदिग्ध परिस्थितियों में गेट व दीवार धराशायी होने से प्राथमिक विद्यालय में बंद सैकड़ों मवेशी भाग निकले। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सुबह मवेशियों को दूसरे स्कूल में ले जाकर बंद कर दिया। दो दिन बाद भी प्रशासन मवेशियों को गौशाला में ले जाने का प्रबंध नहीं कर सका है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा है। भूख प्यासे मवेशी अभी भी विद्यालय परिसर में बंद हैं। ग्रामीण गौशाला में भेजने पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन उन्हें झांसा देकर विद्यालय परिसर से बाहर निकलना चाहता है। ,
लालगंज विकास खंड के अगई मटियारा प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों ने फसल बर्बाद कर रहे दर्जनों मवेशियों को गुुरुवार की सुबह बंद कर दिया था। उनकी मांग थी कि जब तक मवेशियों को गौशाला नहीं ले जाया जाएगा, तब तक गेट का ताला नहीं खुलेगा। ग्रामीणों की जिद देख प्रशासन ने उनकी आंखों में धूल झोंकते हुए तीन वाहनों का प्रबंध कर मवेशियों को गौशाला भेजने की बात कही। इस पर ग्रामीण मान गए और स्कूल का गेट खोलकर अपने घर निकल गए। ग्रामीणंों के जाने के बाद प्रशासन के नुमाइंदे वाहनों पर लादे गए मवेशियों को गांव के समीप उतारकर भाग खड़े हुए। यह देख ग्रामीणों में मटियारा प्राथमिक विद्यालय में मवेशियों को बंद कर ताला लगा दिया। रात में संदिग्ध परिस्थितियों में स्कूल की बाउंड्रीवॉल व गेट धराशायी हो गया। जिससे बंद मवेशी बाहर निकल गए। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो प्रशासन पर ही स्कूल का गेट व बाउंड्र्ीवॉल गिराने की साजिश करने का आरोप लगाने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों को फिर से कुछ दूरी पर बने प्राथमिक विद्यालय बोधी सिंह का पुरवा में लाकर बंद कर दिया। इसकी जानकारी होने पर भी तहसील प्रशासन लापरवाह बना रहा। प्रशासन के निर्देश पर सेके्रटरी व लेखपाल को मौके पर भेज मवेशियों को बाहर ले जाने को कहा। लेकिन ग्रामीण मवेशियों को गौशाला भेजने की जिद पर अड़े रहे। कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। जिस पर सेके्रटरी व लेखपाल भी चुपके से निकल लिए। बोधी सिंह का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में दिनभर आवारा मवेशी कैद रहे। दो दिन से गांव में मवेशी विद्यालय में कैद हैं। ग्रामीणों का हंगामा लगातार जारी है, लेकिन तहसील प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों पर कोई असर नही हो सका। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप उठा है।
सीएम के निर्देश की उड़ रहीं धज्जियां
रानीगंज कैथौला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि कहीं भी आवारा मवेशी मिलें तो जिलाधिकारी से लेकर प्रधान तक जिम्मेदार होंगे। लेकिन यहां तो लापरवाही सिर चढक़र बोल रही है। नवागत एसडीएम से लेकर नायब तहसीलदार व पुलिस अफसर सीएम के आदेश को सीधे ठेंगा दिखा रहे हैं। न तो किसी ने मौके पर जाना जरूरी समझा और न ही वहां पर कोई प्रबंध किया। जिससे विद्यालय में बंद मवेशी भू्रख प्यास से तड़प रहे हैं। कई मवेशी छोटे से परिसर में आपस में लड़ाई कर जख्मी भी हो गए। यहां सीएम का आदेश भी कोई मायने नही रखता है।
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पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हुए नौनिहाल
रानीगंज कैथौला। बोधी का पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन के लिए शिक्षक व छात्र पहुंचे तो परिसर में मवेशी बंद देख दंग रह गए। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब प्रशासन की ओर से कोई मवेशियों को बाहर निकालने नहीं पहुंचा तो विद्यालय से कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे जमीन पर पठन-पाठन शुरू किया गया। लेकिन खराब मौसम व हंगामे के चलते समय से पहले ही स्कूल बंद कर दिया गया। जिसके चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ।
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दस मवेशियों को भेजने की औपचारिकता पूरी कर चले गए कर्मचारी
प्रशासन की लापरवाही से दूसरे दिन भी नहीं निकल सका हल
रानीगंज कैथौला। संदिग्ध परिस्थितियों में गेट व दीवार धराशायी होने से प्राथमिक विद्यालय में बंद सैकड़ों मवेशी भाग निकले। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सुबह मवेशियों को दूसरे स्कूल में ले जाकर बंद कर दिया। दो दिन बाद भी प्रशासन मवेशियों को गौशाला में ले जाने का प्रबंध नहीं कर सका है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा है। भूख प्यासे मवेशी अभी भी विद्यालय परिसर में बंद हैं। ग्रामीण गौशाला में भेजने पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन उन्हें झांसा देकर विद्यालय परिसर से बाहर निकलना चाहता है। ,
लालगंज विकास खंड के अगई मटियारा प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों ने फसल बर्बाद कर रहे दर्जनों मवेशियों को गुुरुवार की सुबह बंद कर दिया था। उनकी मांग थी कि जब तक मवेशियों को गौशाला नहीं ले जाया जाएगा, तब तक गेट का ताला नहीं खुलेगा। ग्रामीणों की जिद देख प्रशासन ने उनकी आंखों में धूल झोंकते हुए तीन वाहनों का प्रबंध कर मवेशियों को गौशाला भेजने की बात कही। इस पर ग्रामीण मान गए और स्कूल का गेट खोलकर अपने घर निकल गए। ग्रामीणंों के जाने के बाद प्रशासन के नुमाइंदे वाहनों पर लादे गए मवेशियों को गांव के समीप उतारकर भाग खड़े हुए। यह देख ग्रामीणों में मटियारा प्राथमिक विद्यालय में मवेशियों को बंद कर ताला लगा दिया। रात में संदिग्ध परिस्थितियों में स्कूल की बाउंड्रीवॉल व गेट धराशायी हो गया। जिससे बंद मवेशी बाहर निकल गए। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों को जानकारी हुई तो प्रशासन पर ही स्कूल का गेट व बाउंड्र्ीवॉल गिराने की साजिश करने का आरोप लगाने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों को फिर से कुछ दूरी पर बने प्राथमिक विद्यालय बोधी सिंह का पुरवा में लाकर बंद कर दिया। इसकी जानकारी होने पर भी तहसील प्रशासन लापरवाह बना रहा। प्रशासन के निर्देश पर सेके्रटरी व लेखपाल को मौके पर भेज मवेशियों को बाहर ले जाने को कहा। लेकिन ग्रामीण मवेशियों को गौशाला भेजने की जिद पर अड़े रहे। कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। जिस पर सेके्रटरी व लेखपाल भी चुपके से निकल लिए। बोधी सिंह का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में दिनभर आवारा मवेशी कैद रहे। दो दिन से गांव में मवेशी विद्यालय में कैद हैं। ग्रामीणों का हंगामा लगातार जारी है, लेकिन तहसील प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों पर कोई असर नही हो सका। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप उठा है।
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रानीगंज कैथौला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि कहीं भी आवारा मवेशी मिलें तो जिलाधिकारी से लेकर प्रधान तक जिम्मेदार होंगे। लेकिन यहां तो लापरवाही सिर चढक़र बोल रही है। नवागत एसडीएम से लेकर नायब तहसीलदार व पुलिस अफसर सीएम के आदेश को सीधे ठेंगा दिखा रहे हैं। न तो किसी ने मौके पर जाना जरूरी समझा और न ही वहां पर कोई प्रबंध किया। जिससे विद्यालय में बंद मवेशी भू्रख प्यास से तड़प रहे हैं। कई मवेशी छोटे से परिसर में आपस में लड़ाई कर जख्मी भी हो गए। यहां सीएम का आदेश भी कोई मायने नही रखता है।
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पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हुए नौनिहाल
रानीगंज कैथौला। बोधी का पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन के लिए शिक्षक व छात्र पहुंचे तो परिसर में मवेशी बंद देख दंग रह गए। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब प्रशासन की ओर से कोई मवेशियों को बाहर निकालने नहीं पहुंचा तो विद्यालय से कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे जमीन पर पठन-पाठन शुरू किया गया। लेकिन खराब मौसम व हंगामे के चलते समय से पहले ही स्कूल बंद कर दिया गया। जिसके चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ।

लालगंज के बोधी क पुरवा अगई प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा मवेशी बंद किये जाने से बाहर बच्चो?- फोटो : PRATAPGARH

लालगंज के बोधी क पुरवा अगई प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा बंद किये गये मवेशी।- फोटो : PRATAPGARH