फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Danger: The dilapidated house became fatal, notice issued to 100, the controversy over the action heavy

खतरा: जानलेवा बने जर्जर मकान, 100 को नोटिस जारी, कार्रवाई पर विवाद भारी

Thu, 16 Sep 2021 11:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Sep 2021 11:26 PM IST
सार

प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जर्जर भवन न तो खाली कराए गए हैं न हीं उनमें चल रहीं दुकानें बंद की गई हैं। इससे कभी कोई हादसा हो सकता है।

विज्ञापन
Danger: The dilapidated house became fatal, notice issued to 100, the controversy over the action heavy
Prayagraj News : नखासकोहना क्षेत्र में जर्जर भवन के नीचे दुकानें चल रही है। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

शहर में सौ से अधिक जर्जर मकान हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं। लोगों को जान का खतरा है। नगर निगम ने नोटिस जारी किया है फिर भी कार्रवाई लंबित है। ज्यादातर स्थानों पर मकान मालिक और किराएदारों का विवाद कार्रवाई में बाधा बना है। दो दिन से हो रही भारी बारिश के दौरान मकान गिरने से हुई मौतों के बाद प्रशासन फिर हरकत में आया है।
विज्ञापन


शहर के चौक, बताशा मंडी, नखास कोहना, कीडगंज, मुट्ठीगंज, रानी मंडी, मीरापुर सहित पुराने शहर के कई मोहल्लों में नगर निगम ने सौ से अधिक जर्जर मकान चिह्नित किए हैं। करीब पांच वर्ष में 16 जर्जर भवनों की संख्या सौ के पार हो गई, लेकिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई एक स्थान पर भी नहीं हुई।
विज्ञापन


जर्जर भवनों की हालत यह है कि कहीं छत लटकी या चटकी है, अधिकतर स्थानों पर दीवारें टेढ़ी हो गई हैं। जर्जरों मकानों के बरामदे डरावने हैं। दूर से इन मकानों को देखने वाले सिहर जाते हैं, लेकिन सच यह है कि लोग जान जोखिम में डालकर इन मकानों में रह रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गऊघाट में ढहे मकान में रहने वालों को मकान मालिक ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस को नोटिस की छाया प्रति दिखाई गई। चौक, रानी मंडी, नखाखकोहना और कीडगंज के 46 मकान मालिकों को मकान स्वत: ध्वस्त कराने का नोटिस नगर निगम ने जारी किया है। साल, दो साल अब पांच साल बीतने को हैं, लेकिन न मकान मालिक माने न ही किराएदार, कार्रवाई विवाद में फंसी है।


जर्जर भवन के  स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। विवाद के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दोनों पक्षों को नोटिस किए गए। कहा गया है कि भवन खाली या ध्वस्त करा दें, अनहोनी हुई तो उनकी जिम्मेदारी होगी। कई मामलों में कानूनी अड़चन भी है। - सतीश कुमार, मुख्य अभियंता नगर निगम 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed