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Prayagraj News: दलाई लामा के प्रथम उत्तराधिकारी ने नेत्र कुंभ का किया निरीक्षण
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तिब्बती धर्म गुरु और दलाई लामा के प्रथम उत्तराधिकारी लिंग रिन पोछे ने मेला के सेक्टर छह स्थित नेत्र कुंभ शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेला अद्भुत है। उन्होंने नेत्र कुंभ की चिकित्सा सुविधा की सराहना की। वह चिकित्सकों के सेवा कार्य से काफी प्रसन्न नजर आए। इस दौरान नेत्र कुंभ के महाप्रबंधक सत्यविजय सिंह ने तिब्बती धर्म गुरु को कई जानकारियां दीं।
सोमवार को नेत्र कुंभ परिसर में तिब्बती धर्म गुरु लिंग रिन पोछे अपने अनुयायियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उनका स्वागत सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने किया। इसके बाद धर्म गुरु ने आयोजन समिति के प्रबंधक सत्यविजय सिंह और सदस्य सुनील कुमार के साथ दोनों ओपीडी और विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया।
धर्म गुरु ने कहा कि भारत और तिब्बत का संबंध बड़े और छोटे भाई की तरह है। वह भारत के प्रति आभारी हैं। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें महाकुंभ में आने का अवसर मिला। नेत्र कुंभ में आकर और यहां की चिकित्सा सेवा व्यवस्था देखकर वह अभिभूत हैं।
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इस दौरान महाप्रबंधक सत्यविजय सिंह ने बताया कि बौद्ध धर्म सनातन धर्म का ही एक अंग है। इसलिए भारत और तिब्बत के बीच मजबूत सांस्कृतिक एकता है। वहीं, आयोजन समिति की मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ. कीर्तिका अग्रवाल ने बताया कि नेत्र कुंभ के प्रति धर्म गुरुओं में भी उत्सुकता है। संवाद
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सोमवार को नेत्र कुंभ परिसर में तिब्बती धर्म गुरु लिंग रिन पोछे अपने अनुयायियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उनका स्वागत सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने किया। इसके बाद धर्म गुरु ने आयोजन समिति के प्रबंधक सत्यविजय सिंह और सदस्य सुनील कुमार के साथ दोनों ओपीडी और विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया।
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धर्म गुरु ने कहा कि भारत और तिब्बत का संबंध बड़े और छोटे भाई की तरह है। वह भारत के प्रति आभारी हैं। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें महाकुंभ में आने का अवसर मिला। नेत्र कुंभ में आकर और यहां की चिकित्सा सेवा व्यवस्था देखकर वह अभिभूत हैं।
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इस दौरान महाप्रबंधक सत्यविजय सिंह ने बताया कि बौद्ध धर्म सनातन धर्म का ही एक अंग है। इसलिए भारत और तिब्बत के बीच मजबूत सांस्कृतिक एकता है। वहीं, आयोजन समिति की मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ. कीर्तिका अग्रवाल ने बताया कि नेत्र कुंभ के प्रति धर्म गुरुओं में भी उत्सुकता है। संवाद