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गैंगरेप से दुखी छात्रा ने कर ली आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:29 AM IST
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क्राइम
गैंगरेप से दुखी आठवीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार दोपहर उसने जहर खा लिया। परिजन उसे अस्पताल ले गए लेकिन जान नहीं बची। पिता का आरोप है कि मंगलवार रात उसकी बेटी को घर से अगवा करने के बाद मोबाइल शॉप में रेप किया गया था। पुलिस ने दुकान से मोबाइल शॉप चलाने वाले युवक को उसके दो साथियों समेत पकड़ा लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी थी। बदनामी और पुलिस के इस रवैये से दुखी होकर छात्रा ने मौत गले लगा ली। आत्महत्या के बाद पुलिस ने रेप और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की एफआईआर लिखकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
फूलपुर इलाके के अगरा पट्टी निवासी इस छात्रा के पिता ने घर में ही मिठाई की दुकान खोल रखी है। उसकी तीन बेटियों और दो बेटों में बड़ी पुत्री 14 साल की पायल (नाम काल्पनिक) कक्षा आठ की छात्रा थी। मंगलवार रात मिठाई की दुकान से छात्रा और उसकी आठ साल की बहन को मोबाइल शॉप संचालक दयाराम दोस्तों चंद्रजीत, महानंद यादव, अमित कुमार की मदद से अपनी दुकान में खींच ले गया। आधी रात करीब 12 बजे पिता की नींद खुली तो उसे दो बेटियों के लापता होने की जानकारी मिली। आसपास खोजबीन के दौरान छात्रा के पिता को घर के सामने दयाराम की मोबाइल शॉप में लाइट जली दिखी तो शक हुआ। उसने शटर के पास कान लगाया तो अंदर उसे बड़ी बेटी के रोने और बचाओ-बचाओ की घुटी आवाज सुनाई दी। पिता ने शटर खुलवाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा।
आखिर में छात्रा के पिता से 100 नंबर पर सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो और शटर खोला। अंदर दयाराम समेत तीन युवक मिले जबकि चौथा महानंद यादव भाग गया। दोनों बहन बेसुध थीं। होश में आने पर छोटी बहन ने बताया कि पायल के साथ दुकान के भीतर दयाराम और उसके दोस्तों ने बलात्कार किया है। वे सब कह रहे थे कि रेप के बाद दोनों बहनों को मार डालना है। दयाराम, महानंद, चंद्रजीत पड़ोसी गांव सराय चौहान थाना मुंगरा बादशाहपुर जबकि अमित ईश्वरपुर थाना सरायममरेज का रहने वाला है। पिता का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा लिखकर आरोपियों को जेल भेजने में टालमटोल की। घटना के बाद से बड़ी बेटी पायल दुखी थी। पुलिस के रवैये से उसे और चोट पहुंची। बृहस्पतिवार दोपहर उसने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पिता ने पूछा तो पायल ने कहा कि वह बदनामी से दुखी है इसलिए जहर निगल लिया। उसे एसआरएन अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। उधर, फूलपुर थाना प्रभारी पुष्कर प्रताप सिंह की सफाई है कि पिता ने अर्जी नहीं दी तो रिपोर्ट कैसे दर्ज की जाती। तीन आरोपी तो हिरासत में हैं। अब अर्जी दी गई है तो मुकदमा लिखा जा रहा है।
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गैंगरेप के बाद आत्महत्या का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की एफआईआर लिखने में लापरवाही की है तो कार्रवाई होगी।
-सुनील सिंह, एसपी गंगापार
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फूलपुर इलाके के अगरा पट्टी निवासी इस छात्रा के पिता ने घर में ही मिठाई की दुकान खोल रखी है। उसकी तीन बेटियों और दो बेटों में बड़ी पुत्री 14 साल की पायल (नाम काल्पनिक) कक्षा आठ की छात्रा थी। मंगलवार रात मिठाई की दुकान से छात्रा और उसकी आठ साल की बहन को मोबाइल शॉप संचालक दयाराम दोस्तों चंद्रजीत, महानंद यादव, अमित कुमार की मदद से अपनी दुकान में खींच ले गया। आधी रात करीब 12 बजे पिता की नींद खुली तो उसे दो बेटियों के लापता होने की जानकारी मिली। आसपास खोजबीन के दौरान छात्रा के पिता को घर के सामने दयाराम की मोबाइल शॉप में लाइट जली दिखी तो शक हुआ। उसने शटर के पास कान लगाया तो अंदर उसे बड़ी बेटी के रोने और बचाओ-बचाओ की घुटी आवाज सुनाई दी। पिता ने शटर खुलवाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा।
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आखिर में छात्रा के पिता से 100 नंबर पर सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो और शटर खोला। अंदर दयाराम समेत तीन युवक मिले जबकि चौथा महानंद यादव भाग गया। दोनों बहन बेसुध थीं। होश में आने पर छोटी बहन ने बताया कि पायल के साथ दुकान के भीतर दयाराम और उसके दोस्तों ने बलात्कार किया है। वे सब कह रहे थे कि रेप के बाद दोनों बहनों को मार डालना है। दयाराम, महानंद, चंद्रजीत पड़ोसी गांव सराय चौहान थाना मुंगरा बादशाहपुर जबकि अमित ईश्वरपुर थाना सरायममरेज का रहने वाला है। पिता का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा लिखकर आरोपियों को जेल भेजने में टालमटोल की। घटना के बाद से बड़ी बेटी पायल दुखी थी। पुलिस के रवैये से उसे और चोट पहुंची। बृहस्पतिवार दोपहर उसने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पिता ने पूछा तो पायल ने कहा कि वह बदनामी से दुखी है इसलिए जहर निगल लिया। उसे एसआरएन अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। उधर, फूलपुर थाना प्रभारी पुष्कर प्रताप सिंह की सफाई है कि पिता ने अर्जी नहीं दी तो रिपोर्ट कैसे दर्ज की जाती। तीन आरोपी तो हिरासत में हैं। अब अर्जी दी गई है तो मुकदमा लिखा जा रहा है।
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गैंगरेप के बाद आत्महत्या का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की एफआईआर लिखने में लापरवाही की है तो कार्रवाई होगी।
-सुनील सिंह, एसपी गंगापार