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खुलासा हुआ मगर सवाल है बना, क्यों किया कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 11 Apr 2017 02:04 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मऊआइमा के पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी हत्याकांड में एक शूटर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया लेकिन बड़ा सवाल अब भी बना है कि आखिर शमी के कत्ल की सुपारी किसने दी? उसकी शमी से क्या दुश्मनी थी? पुलिस का कहना है कि शूटरों से वारदात कराने वाले प्रतापगढ़ के राजकुमार मौर्या समेत दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद तस्वीर साफ हो सकेगी। दो शूटरों में एक विमल कहार पकड़ा गया है जबकि दूसरे बलिकरन पासी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तीसरे बदमाश महेंद्र पासी को घटना के छह रोज बाद प्रतापगढ़ में मार दिया गया था।
एसएसपी शलभ माथुर ने सोमवार को शमी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन लोगों विमल कहार, अब्दुल रज्जाक, रोहित को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। ये तीनों प्रतापगढ़ में शहर कोतवाली इलाके के रहने वाले हैं। विमल ने ही शमी को गोलियां मारी थीं। एसएसपी के अनुसार, विमल से पूछताछ में उसने बताया कि 19 मार्च को दोपहर में वह बलिकरन पासी के साथ प्रतापगढ़ शहर गया था तभी महेंद्र पासी ने फोन पर कहा कि एक काम मिला है, तुम दोनों बडनपुर बगिया आ जाओ। वे दोनों बगिया पहुंचे तो वहां महेंद्र के साथ कटरा कोतवाली प्रतापगढ़ निवासी ठेकेदार राजकुमार मौर्या, लवकुश सिंह और रोहित सिंह मौजूद थे।महेंद्र ने कहा कि आज ही एक आदमी को गोली मारनी है। विमल और बलिकरन भी पैसों के लिए राजी हो गए। महेंद्र ने विमल को रज्जाक और इकबाल से पिस्टल लेने भेज दिया। पिस्टल लेकर विमल लौटा तो वहां से लवकुश और रोहित चले गए। राजकुमार की डिस्कवर बाइक पर विमल और महेंद्र के साथ अपाचे बाइक पर बलिकरन बैठ गया।
वे चारों शाम को मऊआइमा रेलवे क्रासिंग पहुंचे। वहां शराब खरीदकर पी। फिर वे मऊआइमा बाजार में पेट्रोल पंप के पास निकट पहुंचे। राजकुमार ने बाइक की रफ्तार धीमी कर विमल को मारे जाने वाले व्यक्ति यानी मोहम्मद शमी का घर और बाहर खड़ी उसकी फॉरच्यूनर गाड़ी दिखाई। उसने कहा कि वह व्यक्ति अभी कुछ देर में आएगा तभी उसे गेट के पास ही मार देना है। वहां भी विमल और बलिकरन ने शराब पी। राजकुमार और महेंद्र सड़क की दूसरी पटरी पर खड़े रहे। इसी बीच एक गाड़ी से कुछ लोग आए। उन्होंने राजकुमार तथा बलिकरन से कहा कि वह व्यक्ति कुछ देर बाद आएगा।
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वे शमी का दो घंटे इंतजार करते रहे हालांकि उन दोनों को यह नहीं पता था कि जिसे वे मारने वाले हैं वह पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी हैं। करीब आठ बजे शमी किसी कार से अपने घर के सामने उतरकर पहले से खड़ी फॉरच्यूनर का गेट खोलने लगे। बलिकरन ने करीब जाकर तमंचे से फायर किया लेकिन गोली मिस हो गई। फिर विमल ने पिस्टल से शमी को कई गोलियां मार दीं। राजकुमार और महेंद्र सड़क पर दिखे नहीं तो वे दोनों शमी के घर के बगल की गली से होकर पीछे भागे। खेतों से होते हुए बगीचे में जाकर आम के पेड़ पर चढ़कर देर तक छिपे रहे। भोर में अपने-अपने घर चले गए। पुलिस ने विमल से प्वाइंट 32 बोर की पिस्टल बरामद की है। दूसरे शूटर बलिकरन ने छह अप्रैल को हत्या के दूसरे मामले में प्रतापगढ़ जिला अदालत में सरेंडर कर दिया था। बलिकरन से तमंचा बरामदगी और पूछताछ के लिए अदालत से उसका कस्टडी रिमांड मांगा जाएगा।
शूटर समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने कत्ल का खुलासा भले कर दिया है लेकिन यह रहस्य अब भी बना है कि आखिर पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की हत्या का मुख्य सूत्रधार कौन है? उनकी हत्या की वजह क्या रही? एसएसपी के अनुसार, विमल कहार के बयान से यही जाहिर हुआ है कि राजकुमार ने ही यह साजिश रची। उसने विमल को 62 हजार रुपये दिए थे। बाकी पैसे महेंद्र और बलिकरन को दिए। दूसरा शूटर बलिकरन जेल में है। महेंद्र को 25 मार्च को उसके साथियों ने मार दिया था। ऐसे में शूटरों से संपर्क कर वारदात कराने वाले राजकुमार की गिरफ्तारी होने पर साफ हो सकेगा कि शमी की हत्या उसने निजी रंजिश के चलते कराई या फिर किसी और व्यक्ति ने काम सौंपा था। हत्याकांड के नामजद आरोपियों ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या, भाजपा नेता अभिषेक यादव और दुबाही गांव के जाबिर की भूमिका भी राजकुमार के बयान से पता चलेगी। वही बताएगा कि महेंद्र को क्यों मारा गया? महेंद्र के कत्ल के बाद ही पुलिस को शमी हत्याकांड का सुराग मिला।
मोहम्मद शमी को गोलियों से छलनी करने वाले शूटर विमल कहार के बारे में पता चला कि वह तीन महीने पहले तक कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाता था। उसने मल्टी मीडिया कंप्यूटर कोर्स किया था। उसने इलाहाबाद के फाफामऊ और नैनी में भी कोचिंग में काम किया, फिर मुंबई जाकर वहां भी कंप्यूटर सेंटर में नौकरी कर ली। एक स्कूल टीचर से ब्याह भी रचाया। तीन महीने पहले वह पैसों की किल्लत होने पर प्रतापगढ़ आया तो अपराधियों की संगत में शूटर बन गया।
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एसएसपी शलभ माथुर ने सोमवार को शमी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन लोगों विमल कहार, अब्दुल रज्जाक, रोहित को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। ये तीनों प्रतापगढ़ में शहर कोतवाली इलाके के रहने वाले हैं। विमल ने ही शमी को गोलियां मारी थीं। एसएसपी के अनुसार, विमल से पूछताछ में उसने बताया कि 19 मार्च को दोपहर में वह बलिकरन पासी के साथ प्रतापगढ़ शहर गया था तभी महेंद्र पासी ने फोन पर कहा कि एक काम मिला है, तुम दोनों बडनपुर बगिया आ जाओ। वे दोनों बगिया पहुंचे तो वहां महेंद्र के साथ कटरा कोतवाली प्रतापगढ़ निवासी ठेकेदार राजकुमार मौर्या, लवकुश सिंह और रोहित सिंह मौजूद थे।महेंद्र ने कहा कि आज ही एक आदमी को गोली मारनी है। विमल और बलिकरन भी पैसों के लिए राजी हो गए। महेंद्र ने विमल को रज्जाक और इकबाल से पिस्टल लेने भेज दिया। पिस्टल लेकर विमल लौटा तो वहां से लवकुश और रोहित चले गए। राजकुमार की डिस्कवर बाइक पर विमल और महेंद्र के साथ अपाचे बाइक पर बलिकरन बैठ गया।
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वे चारों शाम को मऊआइमा रेलवे क्रासिंग पहुंचे। वहां शराब खरीदकर पी। फिर वे मऊआइमा बाजार में पेट्रोल पंप के पास निकट पहुंचे। राजकुमार ने बाइक की रफ्तार धीमी कर विमल को मारे जाने वाले व्यक्ति यानी मोहम्मद शमी का घर और बाहर खड़ी उसकी फॉरच्यूनर गाड़ी दिखाई। उसने कहा कि वह व्यक्ति अभी कुछ देर में आएगा तभी उसे गेट के पास ही मार देना है। वहां भी विमल और बलिकरन ने शराब पी। राजकुमार और महेंद्र सड़क की दूसरी पटरी पर खड़े रहे। इसी बीच एक गाड़ी से कुछ लोग आए। उन्होंने राजकुमार तथा बलिकरन से कहा कि वह व्यक्ति कुछ देर बाद आएगा।
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शूटर समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने कत्ल का खुलासा भले कर दिया है लेकिन यह रहस्य अब भी बना है कि आखिर पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की हत्या का मुख्य सूत्रधार कौन है? उनकी हत्या की वजह क्या रही? एसएसपी के अनुसार, विमल कहार के बयान से यही जाहिर हुआ है कि राजकुमार ने ही यह साजिश रची। उसने विमल को 62 हजार रुपये दिए थे। बाकी पैसे महेंद्र और बलिकरन को दिए। दूसरा शूटर बलिकरन जेल में है। महेंद्र को 25 मार्च को उसके साथियों ने मार दिया था। ऐसे में शूटरों से संपर्क कर वारदात कराने वाले राजकुमार की गिरफ्तारी होने पर साफ हो सकेगा कि शमी की हत्या उसने निजी रंजिश के चलते कराई या फिर किसी और व्यक्ति ने काम सौंपा था। हत्याकांड के नामजद आरोपियों ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या, भाजपा नेता अभिषेक यादव और दुबाही गांव के जाबिर की भूमिका भी राजकुमार के बयान से पता चलेगी। वही बताएगा कि महेंद्र को क्यों मारा गया? महेंद्र के कत्ल के बाद ही पुलिस को शमी हत्याकांड का सुराग मिला।
मोहम्मद शमी को गोलियों से छलनी करने वाले शूटर विमल कहार के बारे में पता चला कि वह तीन महीने पहले तक कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाता था। उसने मल्टी मीडिया कंप्यूटर कोर्स किया था। उसने इलाहाबाद के फाफामऊ और नैनी में भी कोचिंग में काम किया, फिर मुंबई जाकर वहां भी कंप्यूटर सेंटर में नौकरी कर ली। एक स्कूल टीचर से ब्याह भी रचाया। तीन महीने पहले वह पैसों की किल्लत होने पर प्रतापगढ़ आया तो अपराधियों की संगत में शूटर बन गया।