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बीस लाख रुपये के लिए नवविवाहिता को यातना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:09 AM IST
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दहेज के लिए नवविवाहिता का उत्पीड़न
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दारागंज इलाके में बीस लाख रुपये दहेज नहीं मिलने पर एक नवविवाहिता को घर के भीतर जान से मारने की कोशिश की गई। किसी तरह उसने घर से भागकर कानपुर में मायके वालों को सूचना दी। कानपुर से रात में पिता समेत मायके वाले आ गए। पुलिस को तहरीर देकर वे रात भर होटल में रहे। बुधवार को पुलिस ने एफआईआर लिखकर पति और ससुर को हिरासत में लिया तब पीड़ित महिला को लेकर मायके वाले कानपुर लौट गए।
कानपुर नगर में आवास विकास कॉलोनी नौबस्ता के टलनपुर में रहने वाले अशोक त्रिवेदी ने बेटी नेहा (23) का ब्याह पिछले वर्ष 29 अप्रैल को यहां दारागंज इलाके में रहने वाले डॉ.श्याम सुंदर मिश्रा के पुत्र निशांत गौरव मिश्रा से किया था। शादी के वक्त कहा गया था कि निशांत मोटे वेतन पर नौकरी करता है, लेकिन आरोप है कि सब झूठ निकला। ससुराल में कुछ ही दिन गुजरे थे कि नेहा को मायके से बीस लाख रुपये लाने के लिए कहा जाने लगा ताकि मकान का लोन चुकता किया जा सके। उसने यह कहकर पैसे मांगने से इनकार किया कि उसके पिता ने शादी में ही अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया है।
इस पर उसे यातना दी जाने लगी। नेहा का आरोप है कि मंगलवार दोपहर पति निशांत ने उसे लात-घूंसे से पीटा और जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह जान बचाकर वह घर से भागी और दारागंज थाने जाकर अपने मायके में फोन किया। आधी रात में पिता, भाई, बहन के आने तक वह थाने में ही बैठी रही। रात में वह मायके वालों संग होटल में रही। बुधवार सुबह वह फिर दारागंज थाने पहुंची तो बड़ी टालमटोल के बाद पुलिस ने नेहा की तहरीर पर पति निशांत और ससुर डॉ.श्यामसुंदर के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ना का केस लिखकर उन्हें हिरासत में ले लिया। थाने में मायके और ससुरालियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद शाम को एफआईआर कापी लेकर नेहा अपने मायके वालों संग कानपुर चली गई।
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कानपुर नगर में आवास विकास कॉलोनी नौबस्ता के टलनपुर में रहने वाले अशोक त्रिवेदी ने बेटी नेहा (23) का ब्याह पिछले वर्ष 29 अप्रैल को यहां दारागंज इलाके में रहने वाले डॉ.श्याम सुंदर मिश्रा के पुत्र निशांत गौरव मिश्रा से किया था। शादी के वक्त कहा गया था कि निशांत मोटे वेतन पर नौकरी करता है, लेकिन आरोप है कि सब झूठ निकला। ससुराल में कुछ ही दिन गुजरे थे कि नेहा को मायके से बीस लाख रुपये लाने के लिए कहा जाने लगा ताकि मकान का लोन चुकता किया जा सके। उसने यह कहकर पैसे मांगने से इनकार किया कि उसके पिता ने शादी में ही अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया है।
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इस पर उसे यातना दी जाने लगी। नेहा का आरोप है कि मंगलवार दोपहर पति निशांत ने उसे लात-घूंसे से पीटा और जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह जान बचाकर वह घर से भागी और दारागंज थाने जाकर अपने मायके में फोन किया। आधी रात में पिता, भाई, बहन के आने तक वह थाने में ही बैठी रही। रात में वह मायके वालों संग होटल में रही। बुधवार सुबह वह फिर दारागंज थाने पहुंची तो बड़ी टालमटोल के बाद पुलिस ने नेहा की तहरीर पर पति निशांत और ससुर डॉ.श्यामसुंदर के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ना का केस लिखकर उन्हें हिरासत में ले लिया। थाने में मायके और ससुरालियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद शाम को एफआईआर कापी लेकर नेहा अपने मायके वालों संग कानपुर चली गई।
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