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रेलकर्मियों की सतर्कता से टला पुरुषोत्तम का हादसा
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 23 Jan 2015 12:55 AM IST
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इलाहाबाद। रेलकर्मियों की सतर्कता से बृहस्पतिवार को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार होने से बच गई। ट्रेन के पेंट्रीकार की क्वाल स्प्रिंग टूटी हुई मिली। इसके कारण इलाहाबाद जंक्शन पर ट्रेन का पेंट्रीकार काटकर निकाला गया। इसके चक्कर में ट्रेन पूरे तीन घंटे तक जंक्शन के तीन नंबर प्लेटफार्म पर खड़ी रही। इससे ऊबे यात्रियों ने हंगामा भी काटा। दूसरी ओर रेलवे ने गाड़ी के यात्रियों को कानपुर में भोजन दिए।
21 जनवरी की शाम को जंक्शन पहुंचने वाली गाड़ी संख्या 12801 पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस बृहस्पतिवार की दोपहर में करीब 12.45 बजे आउटर से यार्ड में घुसी। रफ्तार कम होने के कारण हट में बैठकर ट्रेनों के रोलिंग की जांच करने वाले कर्मचारियों को पेंट्रीकार के एक पहिए की क्वाल स्प्रिंग में कुछ गड़बड़ दिखी। कर्मचारियों ने फौरन इसकी सूचना स्टेशन पर दी तो टीएक्सआर से जुड़े कर्मचारियों ने दोपहर 12.50 बजे गाड़ी प्लेटफार्म पर लगते ही पड़ताल शुरू कर दी। जांच के दौरान स्प्रिंग टूटी मिली।
रेल कर्मियों ने आशंका जताई कि इससे हादसा हो सकता है। स्प्रिंग के फंसने से बोगी पटरी से उतर सकती है या रगड़ खाने से आग लग सकती है। इस पर पेंट्रीकार को डैमेज में रिकार्ड कर दिया गया। सो, पेंट्रीकार को ट्रेन से अलग करने का फैसला लिया गया। शंटिंग इंजन लगाकर ट्रेन के कोचों को अलग किया गया। पेंट्रीकार को अलग कर हटाए गए कोचों को दुबारा ट्रेन में जोड़ा गया। कोचों को आगे-पीछे करने, काटने और जोड़ने में करीब तीन घंटे लग गए। ट्रेन अपराह्न 15.40 बजे जंक्शन से रवाना की जा सकी।
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टीएक्सआर कर्मचारियों की सतर्कता से हादसा बच गया। क्वाल स्प्रिंग को फौरन दुरुस्त करना संभव नहीं था। इसलिए पेंट्रीकार को काटकर अलग किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए कानपुर में भोजन के पैकेट ट्रेन में चढ़ाए गए।
नवीन बाबू
सीपीआरओ, एनसीआर
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21 जनवरी की शाम को जंक्शन पहुंचने वाली गाड़ी संख्या 12801 पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस बृहस्पतिवार की दोपहर में करीब 12.45 बजे आउटर से यार्ड में घुसी। रफ्तार कम होने के कारण हट में बैठकर ट्रेनों के रोलिंग की जांच करने वाले कर्मचारियों को पेंट्रीकार के एक पहिए की क्वाल स्प्रिंग में कुछ गड़बड़ दिखी। कर्मचारियों ने फौरन इसकी सूचना स्टेशन पर दी तो टीएक्सआर से जुड़े कर्मचारियों ने दोपहर 12.50 बजे गाड़ी प्लेटफार्म पर लगते ही पड़ताल शुरू कर दी। जांच के दौरान स्प्रिंग टूटी मिली।
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रेल कर्मियों ने आशंका जताई कि इससे हादसा हो सकता है। स्प्रिंग के फंसने से बोगी पटरी से उतर सकती है या रगड़ खाने से आग लग सकती है। इस पर पेंट्रीकार को डैमेज में रिकार्ड कर दिया गया। सो, पेंट्रीकार को ट्रेन से अलग करने का फैसला लिया गया। शंटिंग इंजन लगाकर ट्रेन के कोचों को अलग किया गया। पेंट्रीकार को अलग कर हटाए गए कोचों को दुबारा ट्रेन में जोड़ा गया। कोचों को आगे-पीछे करने, काटने और जोड़ने में करीब तीन घंटे लग गए। ट्रेन अपराह्न 15.40 बजे जंक्शन से रवाना की जा सकी।
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टीएक्सआर कर्मचारियों की सतर्कता से हादसा बच गया। क्वाल स्प्रिंग को फौरन दुरुस्त करना संभव नहीं था। इसलिए पेंट्रीकार को काटकर अलग किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए कानपुर में भोजन के पैकेट ट्रेन में चढ़ाए गए।
नवीन बाबू
सीपीआरओ, एनसीआर