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पुलिस भर्ती भर्ती: डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jun 2018 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पुलिस भर्ती परीक्षा से ठीक एक दिन पहले डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह ने परीक्षा पास कराने के लिए विभिन्न जिलों के कई छात्रों से पांच-पांच लाख रुपये लिए हैं। इसमें से दो छात्र रविवार की शाम गिरोह के एक सदस्य से डिवाइस लेने तेलियरगंज आए थे। तभी पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। सभी इलाहाबाद के ही हैं। इनसे चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड देवकीनंदन वर्मा है, जो कि सोरांव का रहने वाला है। उसकी तलाश में पुलिस जुट गई है। साथ ही अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है।
एसएसपी नितिन तिवारी और परीक्षा के नोडल इंचार्ज पूर्णेंदू सिंह ने रविवार को ही मीडिया के सामने आरोपियों को पेश कर बताया कि शिवकुटी पुलिस को एक गिरोह के बारे में खबर मिली, जो सिपाही भर्ती में धांधली की फिराक में था। पुलिस को पड़ताल में पता चला कि कई छात्रों से इस गिरोह ने परीक्षा पास कराने के लिए पैसे ले रखे हैं। यह भी जानकारी मिली कि परीक्षा में नकल के लिए डिवाइस का इस्तेमाल किया जाना है। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिवकुटी में शाम करीब छह बजे तीन लोगों को पकड़ लिया। इनमें फूलचंद्र पटेल (निवासी होलागढ़) गिरोह का सदस्य है। बाकी दो में सराय इनायत निवासी मनीष यादव और अजय यादव (उतरावं) छात्र हैं। यह दोनों फूलचंद्र पटेल से डिवाइस लेने आए थे।
इनसे पूछताछ में गिरोह के मास्टरमांइड देवकीनंदन वर्मा (निवासी सोरांव) के बारे में मालूम चला। यह भी कि गिरोह में सुल्तानपुर निवासी राधेश्याम पांडेय एवं हनुमानगंज (इलाहाबाद) निवासी सुधीर कुमार यादव भी उसकी मदद करते थे। पुलिस इन दोनों की भी तलाश में जुटी है। इन सभी ने पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले कई छात्रों से परीक्षा पास कराने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये लिए थे। कितने छात्रों से पैसा लिया गया, इसकी संख्या पुलिस को फिलहाल मालूम नहीं चल सकी है।
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फूलचंद्र ने पुलिस को बताया कि छात्रों को एक इलेक्ट्रानिक डिवायस मुहैया कराई जानी थी। छात्र भीतर से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजते, जिसे साल्व करके उनको इसी डिवाइस के माध्यम से मुहैया कराया जाता। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ डिवाइस, डिवाइस बैट्री बरामद हुई है। एसएसपी ने एसओ शिवकुटी पंकज सिंह, उपनिरीक्षक प्रभात सिंह, संजय गुप्ता को पंद्रह हजार रुपये के पुरस्कार का भी एलान किया है।
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एसएसपी नितिन तिवारी और परीक्षा के नोडल इंचार्ज पूर्णेंदू सिंह ने रविवार को ही मीडिया के सामने आरोपियों को पेश कर बताया कि शिवकुटी पुलिस को एक गिरोह के बारे में खबर मिली, जो सिपाही भर्ती में धांधली की फिराक में था। पुलिस को पड़ताल में पता चला कि कई छात्रों से इस गिरोह ने परीक्षा पास कराने के लिए पैसे ले रखे हैं। यह भी जानकारी मिली कि परीक्षा में नकल के लिए डिवाइस का इस्तेमाल किया जाना है। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिवकुटी में शाम करीब छह बजे तीन लोगों को पकड़ लिया। इनमें फूलचंद्र पटेल (निवासी होलागढ़) गिरोह का सदस्य है। बाकी दो में सराय इनायत निवासी मनीष यादव और अजय यादव (उतरावं) छात्र हैं। यह दोनों फूलचंद्र पटेल से डिवाइस लेने आए थे।
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इनसे पूछताछ में गिरोह के मास्टरमांइड देवकीनंदन वर्मा (निवासी सोरांव) के बारे में मालूम चला। यह भी कि गिरोह में सुल्तानपुर निवासी राधेश्याम पांडेय एवं हनुमानगंज (इलाहाबाद) निवासी सुधीर कुमार यादव भी उसकी मदद करते थे। पुलिस इन दोनों की भी तलाश में जुटी है। इन सभी ने पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले कई छात्रों से परीक्षा पास कराने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये लिए थे। कितने छात्रों से पैसा लिया गया, इसकी संख्या पुलिस को फिलहाल मालूम नहीं चल सकी है।
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फूलचंद्र ने पुलिस को बताया कि छात्रों को एक इलेक्ट्रानिक डिवायस मुहैया कराई जानी थी। छात्र भीतर से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजते, जिसे साल्व करके उनको इसी डिवाइस के माध्यम से मुहैया कराया जाता। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, दो ब्लूटूथ डिवाइस, डिवाइस बैट्री बरामद हुई है। एसएसपी ने एसओ शिवकुटी पंकज सिंह, उपनिरीक्षक प्रभात सिंह, संजय गुप्ता को पंद्रह हजार रुपये के पुरस्कार का भी एलान किया है।