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कोल्ड स्टोर में लगा ताला, कई टीमें कर रही हैं जांच
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Feb 2017 01:53 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरायइनायत इलाके के सहसों में कसेरूआ कला स्थित शिव कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस चैंबर में ब्लास्ट से ऑपरेटर दिनेश कुमार मिश्रा की मौत और दर्जन भर लोगों के बेसुध होने की घटना के बाद सोमवार को वहां तालाबंदी के बीच सन्नाटा छाया रहा। घटना में लापरवाही और अवैध एनओसी की बात सामने आने के बाद श्रम और खाद्य विभाग के साथ ही अग्नि शमन विभाग की ओर से भी जांच की जा रही है। पुलिस भी केस लिखकर छानबीन कर रही है।
कोल्ड स्टोर में रविवार दोपहर आपरेटर दिनेश कुमार मिश्रा वॉल्व बदल रहा था तभी रिसीवर चैंबर फट गया। दिनेश की मौत हो गई। 12 मजदूर गैस की जद में आने से बेसुध हो गए। गैस फैलने से आबादी और बाजार में भी खलबली मच गई। लोग घर और व्यापारी दुकानों से निकल भागे। करीब दो घंटे तक अफरातफरी का आलम रहा। चीफ फायर अफसर इंदू कुमार तिवारी पहुंचे तो जांच में पता चला कि कोल्ड स्टोर संचालक के पास मौजूद एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) अवैध है।
आठ महीने पहले फायर ब्रिगेड के हवलदार अनिल कुमार सिंह ने डिप्टी डायरेक्टर से एनओसी जारी करा दी, जबकि यह अधिकार चीफ फायर अफसर को है। वैसे भी एक ही परिसर में कोल्ड स्टोर और दो मिल होने से एनओसी नहीं जारी की जा सकती। कोल्ड स्टोर में आग से बचाव के भी उपाय नहीं थे। घटना के दूसरे रोज कोल्ड स्टोर में ताला लगा रहा। मजदूर सब भाग गए थे। कोल्ड स्टोर संचालक शिवपूजन केसरवानी और बाकी कर्मचारियों का पता नहीं चला। संचालक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह स्विच ऑफ बता रहा था। मृत ऑपरेटर दिनेश मिश्र के पिता रामसूरत की तहरीर पर रविवार रात ही पुलिस ने शिवपूजन के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस लिखा है। सरायइनायत थानाध्यक्ष संजय कुमार इस मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं।
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सोमवार को श्रम विभाग के उप निदेशक एसी गुप्ता भी वहां जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से भी बात की। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग की डॉ.तूलिका शर्मा ने भी वहां जाकर पड़ताल की। हालांकि ताला बंदी के साथ ही कर्मचारियों और संचालक के नदारद होने से जांच अभी किसी सिरे नहीं पहुंची है। एसडीएम फूलपुर विकास कुमार सिंह ने भी बताया कि कोल्ड स्टोर में हुए हादसे के बाद विभिन्न विभागों की टीम जांच-पड़ताल कर रही है।
कोल्ड स्टोर में गैस चैंबर ब्लास्ट में मारे गए ऑपरेटर दिनेश कुमार मिश्रा का शव सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उसके गांव कसेरुआ कला ले जाया गया तो एक बार फिर परिवार और रिश्ते की महिलाओं का विलाप गूंजने लगा। लोगों में कोल्ड स्टोर संचालक के खिलाफ नाराजगी थी। वे चक्काजाम के बारे में भी सोच रहे थे ताकि पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल सके। हालांकि बुजुर्गों ने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को मनाया। तब शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।
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कोल्ड स्टोर में रविवार दोपहर आपरेटर दिनेश कुमार मिश्रा वॉल्व बदल रहा था तभी रिसीवर चैंबर फट गया। दिनेश की मौत हो गई। 12 मजदूर गैस की जद में आने से बेसुध हो गए। गैस फैलने से आबादी और बाजार में भी खलबली मच गई। लोग घर और व्यापारी दुकानों से निकल भागे। करीब दो घंटे तक अफरातफरी का आलम रहा। चीफ फायर अफसर इंदू कुमार तिवारी पहुंचे तो जांच में पता चला कि कोल्ड स्टोर संचालक के पास मौजूद एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) अवैध है।
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आठ महीने पहले फायर ब्रिगेड के हवलदार अनिल कुमार सिंह ने डिप्टी डायरेक्टर से एनओसी जारी करा दी, जबकि यह अधिकार चीफ फायर अफसर को है। वैसे भी एक ही परिसर में कोल्ड स्टोर और दो मिल होने से एनओसी नहीं जारी की जा सकती। कोल्ड स्टोर में आग से बचाव के भी उपाय नहीं थे। घटना के दूसरे रोज कोल्ड स्टोर में ताला लगा रहा। मजदूर सब भाग गए थे। कोल्ड स्टोर संचालक शिवपूजन केसरवानी और बाकी कर्मचारियों का पता नहीं चला। संचालक से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह स्विच ऑफ बता रहा था। मृत ऑपरेटर दिनेश मिश्र के पिता रामसूरत की तहरीर पर रविवार रात ही पुलिस ने शिवपूजन के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस लिखा है। सरायइनायत थानाध्यक्ष संजय कुमार इस मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं।
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सोमवार को श्रम विभाग के उप निदेशक एसी गुप्ता भी वहां जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से भी बात की। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग की डॉ.तूलिका शर्मा ने भी वहां जाकर पड़ताल की। हालांकि ताला बंदी के साथ ही कर्मचारियों और संचालक के नदारद होने से जांच अभी किसी सिरे नहीं पहुंची है। एसडीएम फूलपुर विकास कुमार सिंह ने भी बताया कि कोल्ड स्टोर में हुए हादसे के बाद विभिन्न विभागों की टीम जांच-पड़ताल कर रही है।
कोल्ड स्टोर में गैस चैंबर ब्लास्ट में मारे गए ऑपरेटर दिनेश कुमार मिश्रा का शव सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उसके गांव कसेरुआ कला ले जाया गया तो एक बार फिर परिवार और रिश्ते की महिलाओं का विलाप गूंजने लगा। लोगों में कोल्ड स्टोर संचालक के खिलाफ नाराजगी थी। वे चक्काजाम के बारे में भी सोच रहे थे ताकि पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल सके। हालांकि बुजुर्गों ने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को मनाया। तब शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।