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बगीचे में सोए दंपति की बेटी समेत जलकर मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:13 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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थरवई में पांडेश्वरनाथ धाम के निकट बाग में जमीन पर सोए पति-पत्नी और उनकी 22 साल की बेटी की जलकर मौत हो गई। वे मेलों में भीख मांगने के साथ ही गुब्बारे बेचकर गुजारा करते थे। शनिवार सुबह ग्रामीणों से सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने माना कि सोते में चूल्हे से छिटकी चिंगारी से आग लगने पर वे तीनों मारे गए, जबकि लोग आशंका जता रहे हैं कि तीनों को मारने के बाद जलाया गया था। शवों के पोस्टमार्टम से सच्चाई उजागर होगी।
करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग अपनी 55 वर्षीय पत्नी और 22 साल की बेटी के साथ तीन-चार रोज पहले शिवपुर पड़िला में पांडेश्वरनाथ धाम पर लगे मेले में आया था। वे तीनों मंदिर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर बाग में ठहरे। दिन भर बुजुर्ग भीख मांगता जबकि उसकी पत्नी और बेटी पानी भरकर गुब्बारे बेचती थीं। रात में ईंट से बने चूल्हे पर खाना बनाकर खाने के बाद वे तीनों बगीचे में ही जमीन पर प्लास्टिक (पन्नी) और चादर बिछाकर सोते थे। वह जगह आबादी से बमुश्किल 50 मीटर दूर है। शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व में वे तीनों दिन भर मेले में लगे रहे। रात में करीब नौ बजे गांव के कुछ लोगों ने उन्हें चूल्हे पर खाना बनाते देखा था।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे गांव के लोगों को बगीचे से धुआं उठता दिखा। करीब जाने पर पता चला कि पति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत हो गई थी। वहीं से धुआं उठ रहा था। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो दमकल दस्ते संग थरवई पुलिस पहुंची। फिर एसपी गंगापार मुन्नालाल और तहसीलदार अरविंद तिवारी आ गए। आग बुझा दी गई, लेकिन तीनों की मौत हो चुकी थी। बिस्तर भी जल गया था। सिर के पास भगोने, थाली, कटोरियां, दूध वाले दो डिब्बे, गिलास, बोतल के अलावा चावल और सब्जी पड़ी थी। शव पूरी तरह जल गए थे। दंपति के शव तो तकरीबन कंकाल में तब्दील हो गए थे।
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खबर फैली तो वहां भीड़ जुटती चली गई। कोई भी उनका नाम-पता भी नहीं बता सका। पुलिस ने तीनों शवों को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस इसे हादसा मान रही है कि जबकि शक जताया गया कि तीनों को मारने के बाद जलाया गया। आशंका जताई गई कि नशेड़ियों ने युवती के साथ जोर-जबरदस्ती के बाद पकड़े जाने के डर से तीनों की हत्या कर दी। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
‘मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो तीनों की मौत कारण अग्निकांड प्रतीत हुआ है। अंदेशा है कि वे तीनों कंबल और पन्नी ओढ़कर सोए थे तभी रात में चूल्हे से छिटकी चिंगारी से वे आग की चपेट में आ गए। घुमंतू लोग वैसे भी नशे के आदी होते हैं। पॉलीथिन के धुएं से वे बेहोश में चले गए होंगे जिससे जलने पर चीख नहीं सके। पुलिस तो इसे दुर्घटना ही मान रही है। मौत का सही कारण शवों के पोस्टमार्टम से साफ हो जाएगा।’
-मुन्नालाल, एसपी गंगापार
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करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग अपनी 55 वर्षीय पत्नी और 22 साल की बेटी के साथ तीन-चार रोज पहले शिवपुर पड़िला में पांडेश्वरनाथ धाम पर लगे मेले में आया था। वे तीनों मंदिर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर बाग में ठहरे। दिन भर बुजुर्ग भीख मांगता जबकि उसकी पत्नी और बेटी पानी भरकर गुब्बारे बेचती थीं। रात में ईंट से बने चूल्हे पर खाना बनाकर खाने के बाद वे तीनों बगीचे में ही जमीन पर प्लास्टिक (पन्नी) और चादर बिछाकर सोते थे। वह जगह आबादी से बमुश्किल 50 मीटर दूर है। शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व में वे तीनों दिन भर मेले में लगे रहे। रात में करीब नौ बजे गांव के कुछ लोगों ने उन्हें चूल्हे पर खाना बनाते देखा था।
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शनिवार सुबह करीब पांच बजे गांव के लोगों को बगीचे से धुआं उठता दिखा। करीब जाने पर पता चला कि पति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत हो गई थी। वहीं से धुआं उठ रहा था। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो दमकल दस्ते संग थरवई पुलिस पहुंची। फिर एसपी गंगापार मुन्नालाल और तहसीलदार अरविंद तिवारी आ गए। आग बुझा दी गई, लेकिन तीनों की मौत हो चुकी थी। बिस्तर भी जल गया था। सिर के पास भगोने, थाली, कटोरियां, दूध वाले दो डिब्बे, गिलास, बोतल के अलावा चावल और सब्जी पड़ी थी। शव पूरी तरह जल गए थे। दंपति के शव तो तकरीबन कंकाल में तब्दील हो गए थे।
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खबर फैली तो वहां भीड़ जुटती चली गई। कोई भी उनका नाम-पता भी नहीं बता सका। पुलिस ने तीनों शवों को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस इसे हादसा मान रही है कि जबकि शक जताया गया कि तीनों को मारने के बाद जलाया गया। आशंका जताई गई कि नशेड़ियों ने युवती के साथ जोर-जबरदस्ती के बाद पकड़े जाने के डर से तीनों की हत्या कर दी। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
‘मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो तीनों की मौत कारण अग्निकांड प्रतीत हुआ है। अंदेशा है कि वे तीनों कंबल और पन्नी ओढ़कर सोए थे तभी रात में चूल्हे से छिटकी चिंगारी से वे आग की चपेट में आ गए। घुमंतू लोग वैसे भी नशे के आदी होते हैं। पॉलीथिन के धुएं से वे बेहोश में चले गए होंगे जिससे जलने पर चीख नहीं सके। पुलिस तो इसे दुर्घटना ही मान रही है। मौत का सही कारण शवों के पोस्टमार्टम से साफ हो जाएगा।’
-मुन्नालाल, एसपी गंगापार