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व्हाट्सएप इंडिया से एसटीएफ मांगेगी चैट रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:16 AM IST
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चैट और आडियो क्लिप वायरल होने से विवादों में आई महिला की मां की शिकायत पर एसटीएफ ने शुक्रवार को जांच शुरू की है। चैट की असलियत जानने के लिए एसटीएफ व्हाट्सएप इंडिया के अधिकारियों से संपर्क कर कर रिकार्ड मांगेगी। इसके लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस प्रकरण में शामिल सभी छात्रनेताओं के साथ महिला और पुरुष को जांच के दायरे में रखा गया है। आडियो क्लिप में महिला और पुरुष की आवाज के मिलान के लिए साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
चैटिंग प्रकरण में एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है लेकिन, सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई कि जिन दो लोगों के बीच व्हाट्सएप चैटिंग और बातचीत का आडियो वायरल है, वे इलाहाबाद में नहीं हैं। उनका मोबाइल न होने की वजह से एसटीएफ ने व्हाट्सएप इंडिया से संपर्क करने का निर्णय लिया है। व्यक्तिगत चैट लेने के लिए कई औपचारिकताएं होती हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। महिला की मां ने छात्रनेता अविनाश दुबे की शिकायत की थी। उसकी सीडीआर (कॉल डीटेल्स रिकार्ड) निकलवाई गई है। सीडीआर से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसमें तमाम लोगों से बातचीत सामने आई है। डिप्टी एसपी एसटीएफ नवेंदु सिंह ने बताया कि सीडीआर के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। जिन लोगों की अविनाश से बात हुई है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अविनाश से बात करने की कोशिश की गई है लेकिन, बात हो नहीं पाई है। एक दो दिन में समन जारी कर बुलाया जाएगा। इस मामले से जुड़े सभी पक्ष अब जांच के दायरे में आ गए हैं। एक-एक करके पूछताछ की जाएगी। जिन दो लोगों की चैटिंग और आडियो वायरल हुए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी। जिन छात्रनेताओं ने सोशल मीडिया पर चैटिंग और आडियो क्लिप वायरल किया है, उनसे भी पूछा जाएगा कि आखिर यह उन्हें कहां से मिला।
चैटिंग प्रकरण और आडियो वायरल प्रकरण का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। एसटीएफ अब ब्लैकमेलिंग के एंगल से भी जांच करेगी। दरअसल चैट हो या आडियो, दो लोगों के बीच की व्यक्तिगत बात है। यह मामला सार्वजनिक हुआ तो सवाल उठने लगा कि कहीं यह ब्लैकमेलिंग का मसला तो नहीं है। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह का कहना है कि इस प्रकरण में एसटीएफ हर एंगल की जांच कर रही है। इसमें ब्लैकमेलिंग का एंगल भी है।
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विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर की नियुक्ति की जांच एसटीएफ के पास पहले से ही है। दरअसल, कुछ लोगों ने यूजीसी में शिकायत की थी कि कुलपति ने रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर के नाम पहले से तय कर रखे हैं। शिकायत में उन नामों का भी खुलासा किया गया था। एसटीएफ ने जांच शुरू की। वह जांच अभी चल ही रही है।
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चैटिंग प्रकरण में एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है लेकिन, सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई कि जिन दो लोगों के बीच व्हाट्सएप चैटिंग और बातचीत का आडियो वायरल है, वे इलाहाबाद में नहीं हैं। उनका मोबाइल न होने की वजह से एसटीएफ ने व्हाट्सएप इंडिया से संपर्क करने का निर्णय लिया है। व्यक्तिगत चैट लेने के लिए कई औपचारिकताएं होती हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। महिला की मां ने छात्रनेता अविनाश दुबे की शिकायत की थी। उसकी सीडीआर (कॉल डीटेल्स रिकार्ड) निकलवाई गई है। सीडीआर से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसमें तमाम लोगों से बातचीत सामने आई है। डिप्टी एसपी एसटीएफ नवेंदु सिंह ने बताया कि सीडीआर के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। जिन लोगों की अविनाश से बात हुई है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अविनाश से बात करने की कोशिश की गई है लेकिन, बात हो नहीं पाई है। एक दो दिन में समन जारी कर बुलाया जाएगा। इस मामले से जुड़े सभी पक्ष अब जांच के दायरे में आ गए हैं। एक-एक करके पूछताछ की जाएगी। जिन दो लोगों की चैटिंग और आडियो वायरल हुए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी। जिन छात्रनेताओं ने सोशल मीडिया पर चैटिंग और आडियो क्लिप वायरल किया है, उनसे भी पूछा जाएगा कि आखिर यह उन्हें कहां से मिला।
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चैटिंग प्रकरण और आडियो वायरल प्रकरण का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। एसटीएफ अब ब्लैकमेलिंग के एंगल से भी जांच करेगी। दरअसल चैट हो या आडियो, दो लोगों के बीच की व्यक्तिगत बात है। यह मामला सार्वजनिक हुआ तो सवाल उठने लगा कि कहीं यह ब्लैकमेलिंग का मसला तो नहीं है। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह का कहना है कि इस प्रकरण में एसटीएफ हर एंगल की जांच कर रही है। इसमें ब्लैकमेलिंग का एंगल भी है।
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विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर की नियुक्ति की जांच एसटीएफ के पास पहले से ही है। दरअसल, कुछ लोगों ने यूजीसी में शिकायत की थी कि कुलपति ने रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर के नाम पहले से तय कर रखे हैं। शिकायत में उन नामों का भी खुलासा किया गया था। एसटीएफ ने जांच शुरू की। वह जांच अभी चल ही रही है।