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वीसी को ज्ञापन देने जा रहे छात्र गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 05 May 2017 02:05 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
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वीसी को ज्ञापन देने जा रहे दो छात्र नेताओं को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों छात्र नेता छात्रसंघ भवन में क्रमिक अनशन पर बैठे हुए थे। तभी सूचना मिली कि प्रो. ए. सत्यनारायण डीन आर्ट्स की कुर्सी पर बैठ गए हैं लेकिन उन्हें पद वापस देने के लिए कार्यालय आदेश जारी नहीं किया जा रहा है। इस पर दोनों छात्र कुलपति को ज्ञापन देने चल पड़े लेकिन जैसे ही आगे बढ़े, उनकी गिरफ्तारी हो गई और उन्हें जेल भेज दिया गया।
कुलपति को हटाए जाने और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर छात्र बृहस्पतिवार को भी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। इस बीच छात्रों को जब पता चला कि प्रो. सत्यनारायण को उन पद वापस देने के लिए कार्यालय आदेश जारी नहीं किया जा रहा है तो छात्रों ने वीसी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया और वीसी को ज्ञापन देने के लिए छात्र नेता विक्रांत सिंह एवं हरिनाम सिंह कुलपति को ज्ञापन देने के लिए निकल पड़े। बीच में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं जबकि छात्र न्यायालय के आदेश का सम्मान कर रह हैं। इसी वजह से छात्रों ने हॉस्टल के मुद्दे पर आंदोलन बंद कर दिया और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ाई शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि कुलपति को न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करना चाहिए। क्रमिक अनशन में आनंद सिंह निक्कू, उदय प्रकाश यादव, अश्विनी मौर्य, सूर्य प्रकाश मिश्र, शनि सिंह आदि मौजूद रहे। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में जब तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय कुलपति पर कार्रवाई नहीं करता है, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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कुलपति को हटाए जाने और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर छात्र बृहस्पतिवार को भी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। इस बीच छात्रों को जब पता चला कि प्रो. सत्यनारायण को उन पद वापस देने के लिए कार्यालय आदेश जारी नहीं किया जा रहा है तो छात्रों ने वीसी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया और वीसी को ज्ञापन देने के लिए छात्र नेता विक्रांत सिंह एवं हरिनाम सिंह कुलपति को ज्ञापन देने के लिए निकल पड़े। बीच में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं जबकि छात्र न्यायालय के आदेश का सम्मान कर रह हैं। इसी वजह से छात्रों ने हॉस्टल के मुद्दे पर आंदोलन बंद कर दिया और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ाई शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि कुलपति को न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करना चाहिए। क्रमिक अनशन में आनंद सिंह निक्कू, उदय प्रकाश यादव, अश्विनी मौर्य, सूर्य प्रकाश मिश्र, शनि सिंह आदि मौजूद रहे। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में जब तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय कुलपति पर कार्रवाई नहीं करता है, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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