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बारह कछुओं के साथ दो महिला तस्कर बंदी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 02:32 AM IST
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बरामद कछुए अाैर तस्कर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रेलवे पुलिस ने सोमवार देर शाम छिवकी स्टेशन पर बोरियों में बारह कछुओं के साथ दो महिला तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। वे दोनों इन कछुओं को ट्रेन के जरिए कोलकाता ले जा रही थीं तभी चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। अब पुलिस को कछुआ सप्लायर की तलाश है।
जीआरपी नैनी और आरपीएफ ने सोमवार देर शाम करीब सात बजे छिवकी स्टेशन पर चेकिंग लगा रखी थी। करीब साढे़ सात बजे जीआरपी ने मुंबई-हावड़ा मेल में बोरियां लेकर चढ़ीं दो महिलाओं को रोका। तलाशी में बोरियों के भीतर कछुए भरे मिले। ऐसे में दोनों महिलाओं को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की गई। उनमें एक महिला सरस्वती बिहार के नेवादा जनपद और दूसरी साधुरी इलाहाबाद शहर में करेली के सुल्तानपुर भावा मुहल्ले की रहने वाली है।
उन दोनों ने बताया कि अरैल में रहने वाले राजेश निषाद ने उन्हें ये 12 कछुए कोलकाता सप्लाई करने के लिए सौंपे थे। महिलाओं का कहना था कि वे कछुओं से भरी ये बोरियां ट्रेन में एक व्यक्ति को देकर चली जातीं। इस काम की खातिर उन्हें एक-एक हजार रुपये दिए गए थे। मगर पुलिस का कहना है कि यही महिलाएं कछुओं की खेप कोलकाता ले जातीं, जहां से इन कछुओं को दवाएं बनाने के लिए बेच दिया जाता है। जीआरपी ने दोनों महिलाओं के खिलाफ वन्य जीव क्रूरता अधिनियम के तहत नामजद केस लिखकर बरामद कछुओं को वन विभाग के हवाले कर दिया।
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जीआरपी नैनी और आरपीएफ ने सोमवार देर शाम करीब सात बजे छिवकी स्टेशन पर चेकिंग लगा रखी थी। करीब साढे़ सात बजे जीआरपी ने मुंबई-हावड़ा मेल में बोरियां लेकर चढ़ीं दो महिलाओं को रोका। तलाशी में बोरियों के भीतर कछुए भरे मिले। ऐसे में दोनों महिलाओं को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की गई। उनमें एक महिला सरस्वती बिहार के नेवादा जनपद और दूसरी साधुरी इलाहाबाद शहर में करेली के सुल्तानपुर भावा मुहल्ले की रहने वाली है।
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उन दोनों ने बताया कि अरैल में रहने वाले राजेश निषाद ने उन्हें ये 12 कछुए कोलकाता सप्लाई करने के लिए सौंपे थे। महिलाओं का कहना था कि वे कछुओं से भरी ये बोरियां ट्रेन में एक व्यक्ति को देकर चली जातीं। इस काम की खातिर उन्हें एक-एक हजार रुपये दिए गए थे। मगर पुलिस का कहना है कि यही महिलाएं कछुओं की खेप कोलकाता ले जातीं, जहां से इन कछुओं को दवाएं बनाने के लिए बेच दिया जाता है। जीआरपी ने दोनों महिलाओं के खिलाफ वन्य जीव क्रूरता अधिनियम के तहत नामजद केस लिखकर बरामद कछुओं को वन विभाग के हवाले कर दिया।
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