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कुलपति से नाराज छात्र ने किया आत्मदाह
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:46 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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लाठीचार्ज तथा कुलपति के विवादित फैसलों से नाराज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक छात्र मोहम्मद जाबिर रजा ‘इलाहाबादी’ ने बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय पर आत्मदाह कर लिया। उसकी हालत चिंताजनक बताई गई है। निजी हॉस्पिटलों के डॉक्टरों ने जवाब दिया तो उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया। छात्रों के दबाव पर जाबिर को रात में विशेष एंबुलेंस में दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल को रवाना किया गया।
आत्मदाह से गुस्साए छात्रों ने रजिस्ट्रार को देर रात तक बंधक बनाए रखा और कुलपति दफ्तर का ताला तोड़ दिया। एडीएम सिटी और एसपी सिटी की मौजूदगी में विश्वविद्यालय के अफसरों ने आश्वासन दिया कि सोमवार को कुलपति के वापस लौटने पर उनसे वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद छात्र शांत हुए लेकिन परिसर में तनाव बना रहा। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन, सुरक्षाकर्मियों और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अज्ञात अफसर के खिलाफ कर्नलगंज थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने जांच शुरू की।
विश्वविद्यालय का माहौल कई दिन से गर्माया है। प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प देने, लाइब्रेरी से पुस्तक निर्गत करने, रजिस्ट्रार और एफओ के पद स्थाई नियुक्ति करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों के दो गुटों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। फोरम फॉर कैंपस डेमोक्र्रेसी के बैनर तले कुलपति दफ्तर पर आंदोलन के दौरान हंगामा बढ़ गया। छात्रों ने कुलपति दफ्तर का मुख्य चैनल तोड़ने का प्रयास किया तो वहां मौजूद पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया। गुस्साए छात्र धरने पर बैठ गए। लाठीचार्ज के तकरीबन दो घंटे बाद फिर हंगामा बढ़ गया।
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इसी दौरान कुलपति के रवैये और पुलिस लाठीचार्ज से नाराज बीए अंतिम वर्ष के छात्र जाबिर ने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। उसे लपटों से घिरा देख छात्र चीखने लगे। अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह छात्र के शरीर से जलते कपड़े हटाए। इतनी देर में वह बुरी तरह से झुलस गया था। साथी छात्र उसे एलनगंज स्थित निजी अस्पताल ले गए लेकिन उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया। जाबिर को स्वरूपरानी अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। डॉक्टर मोहित जैन ने बताया कि छात्र करीब 50 फीसदी झुलसा है। छात्रों के भारी दबाव पर रात में विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे एंबुलेंस में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया। जाबिर ने दो साल पहले छात्रसंघ का चुनाव लड़ा था। तब से वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहता है। इस घटना के बाद इविवि परिसर और अस्पताल में कई थानों की पुलिस फोर्स मुस्तैद कर दी गई।
‘पूरी घटना और आंदोलन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वीडियो फुटेज के साथ रिपोर्ट गृह और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जाएगी। दोषी लोगों के खिलाफ प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्रवाई करेगा। छात्रों के पास आरोप के कोई साक्ष्य नहीं है।’
-प्रोफेसर रतनलाल हांगलू, कुलपति
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आत्मदाह से गुस्साए छात्रों ने रजिस्ट्रार को देर रात तक बंधक बनाए रखा और कुलपति दफ्तर का ताला तोड़ दिया। एडीएम सिटी और एसपी सिटी की मौजूदगी में विश्वविद्यालय के अफसरों ने आश्वासन दिया कि सोमवार को कुलपति के वापस लौटने पर उनसे वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद छात्र शांत हुए लेकिन परिसर में तनाव बना रहा। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन, सुरक्षाकर्मियों और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अज्ञात अफसर के खिलाफ कर्नलगंज थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने जांच शुरू की।
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विश्वविद्यालय का माहौल कई दिन से गर्माया है। प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प देने, लाइब्रेरी से पुस्तक निर्गत करने, रजिस्ट्रार और एफओ के पद स्थाई नियुक्ति करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों के दो गुटों का आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। फोरम फॉर कैंपस डेमोक्र्रेसी के बैनर तले कुलपति दफ्तर पर आंदोलन के दौरान हंगामा बढ़ गया। छात्रों ने कुलपति दफ्तर का मुख्य चैनल तोड़ने का प्रयास किया तो वहां मौजूद पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया। गुस्साए छात्र धरने पर बैठ गए। लाठीचार्ज के तकरीबन दो घंटे बाद फिर हंगामा बढ़ गया।
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इसी दौरान कुलपति के रवैये और पुलिस लाठीचार्ज से नाराज बीए अंतिम वर्ष के छात्र जाबिर ने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। उसे लपटों से घिरा देख छात्र चीखने लगे। अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह छात्र के शरीर से जलते कपड़े हटाए। इतनी देर में वह बुरी तरह से झुलस गया था। साथी छात्र उसे एलनगंज स्थित निजी अस्पताल ले गए लेकिन उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया। जाबिर को स्वरूपरानी अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। डॉक्टर मोहित जैन ने बताया कि छात्र करीब 50 फीसदी झुलसा है। छात्रों के भारी दबाव पर रात में विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे एंबुलेंस में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया। जाबिर ने दो साल पहले छात्रसंघ का चुनाव लड़ा था। तब से वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहता है। इस घटना के बाद इविवि परिसर और अस्पताल में कई थानों की पुलिस फोर्स मुस्तैद कर दी गई।
‘पूरी घटना और आंदोलन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वीडियो फुटेज के साथ रिपोर्ट गृह और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जाएगी। दोषी लोगों के खिलाफ प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्रवाई करेगा। छात्रों के पास आरोप के कोई साक्ष्य नहीं है।’
-प्रोफेसर रतनलाल हांगलू, कुलपति