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बैंरग लौटी टीम, मंत्री को धमकाने वाला पकड़ से दूर
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बैरंग लौटी टीम, नहीं मिला मंत्री को धमकी देने वाला
कैबिनेट मंत्री से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्टांप एवं उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाले को आखिरकार नहीं पकड़ा जा सका। जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौट आई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया है।
मंत्री नंदी को फोन पर धमकी देेकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला चार दिन पहले सामने आया था। उनके वकील सुभाष बाजपेयी ने तहरीर देकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच पड़ताल के दौरान टीम पहले बांदा और फिर हमीरपुर पहुंची। दरअसल जांच में पता चला था कि हमीरपुर के पुनीत नामक युवक ने बांदा निवासी अधिवक्ता की आईडी लगाकर यह सिम लिया था। सर्विलांस से लोकेशन मिलने पर शुक्रवार को टीम ने उसकी तलाश में हमीरपुर में छापा मारा लेकिन, वह नहीं मिला। जिसके बाद रात में टीम लौट आई। रविवार सुबह उसके पड़ोस के एक जनपद में होने की खबर पर पुलिस ने वहां पहुंचकर छापा मारा लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चल सका। जिसकेबाद टीम बैरंग लौट आई। कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपी घर छोड़कर फरार है। उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया है, जिससे फिलहाल उसे पकड़ा नहीं जा सका है। उसकी तलाश की जा रही है।
सवा साल बीतने को, नहीं पूरी हुई विवेचना
जार्जटाउन थाने में फरवरी 2018 में दर्ज हुआ था मामला
दिलीप व विजय मिश्र के नाम से मंत्री नंदी को मिली थी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले उनके साथ ही उनकी पत्नी मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी को भी धमकी देने के मामले सामने आ चुके हैं। मेयर को धमकी देने केआरोपी को तो पुलिस जेल भेज चुकी है। हालांकि मंत्री को धमकी देने के मामले की विवेचना सवा साल बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है।
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गौरतलब है कि सात फरवरी 2018 को नंदी के वकील सुभाष बाजपेयी की ओर से जार्जटाउन थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि मंत्री केव्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर लगातार कॉल करकेअंजान कॉलर विजय मिश्र व दिलीप मिश्र का नाम लेकर गालीगलौच करने केसाथ ही जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने धमकाने समेत अन्य आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि सवा साल बीतने के बाद भी मामले की विवेचना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मुकदमे की विवेचना अब तक तीन दरोगाओं को स्थानांतरित हो चुकी है। इसकेबावजूद यह अब तक लंबित है। इस बारे में जार्जटाउन इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह से बात की गई तो उनका कहना है कि विवेचक गोविंदराम मौजूदा समय में चुनाव ड्यूटी पर बाहर गए हुए हैं। आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।
बुलेट एजेंसी मालिक का आया था नाम
सूत्रों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही पुलिस को कॉलर के बारे में जानकारी मिल गई थी। पता चला था कि जिस अज्ञात नंबर से मंत्री के मोबाइल पर कॉल आई वह जार्जटाउन स्थित एक बुलेट एजेंसी के मालिक का था। इसके बावजूद पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी रहीं। हालांकि पुलिस यही कहती रही कि जांच जारी है और हालत यह हुई कि सवा साल बीतने के बाद भी विवेचना लंबित है।
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कैबिनेट मंत्री से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्टांप एवं उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाले को आखिरकार नहीं पकड़ा जा सका। जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौट आई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया है।
मंत्री नंदी को फोन पर धमकी देेकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला चार दिन पहले सामने आया था। उनके वकील सुभाष बाजपेयी ने तहरीर देकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच पड़ताल के दौरान टीम पहले बांदा और फिर हमीरपुर पहुंची। दरअसल जांच में पता चला था कि हमीरपुर के पुनीत नामक युवक ने बांदा निवासी अधिवक्ता की आईडी लगाकर यह सिम लिया था। सर्विलांस से लोकेशन मिलने पर शुक्रवार को टीम ने उसकी तलाश में हमीरपुर में छापा मारा लेकिन, वह नहीं मिला। जिसके बाद रात में टीम लौट आई। रविवार सुबह उसके पड़ोस के एक जनपद में होने की खबर पर पुलिस ने वहां पहुंचकर छापा मारा लेकिन, उसका कुछ पता नहीं चल सका। जिसकेबाद टीम बैरंग लौट आई। कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपी घर छोड़कर फरार है। उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया है, जिससे फिलहाल उसे पकड़ा नहीं जा सका है। उसकी तलाश की जा रही है।
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सवा साल बीतने को, नहीं पूरी हुई विवेचना
जार्जटाउन थाने में फरवरी 2018 में दर्ज हुआ था मामला
दिलीप व विजय मिश्र के नाम से मंत्री नंदी को मिली थी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले उनके साथ ही उनकी पत्नी मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी को भी धमकी देने के मामले सामने आ चुके हैं। मेयर को धमकी देने केआरोपी को तो पुलिस जेल भेज चुकी है। हालांकि मंत्री को धमकी देने के मामले की विवेचना सवा साल बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है।
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गौरतलब है कि सात फरवरी 2018 को नंदी के वकील सुभाष बाजपेयी की ओर से जार्जटाउन थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि मंत्री केव्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर लगातार कॉल करकेअंजान कॉलर विजय मिश्र व दिलीप मिश्र का नाम लेकर गालीगलौच करने केसाथ ही जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने धमकाने समेत अन्य आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि सवा साल बीतने के बाद भी मामले की विवेचना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मुकदमे की विवेचना अब तक तीन दरोगाओं को स्थानांतरित हो चुकी है। इसकेबावजूद यह अब तक लंबित है। इस बारे में जार्जटाउन इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह से बात की गई तो उनका कहना है कि विवेचक गोविंदराम मौजूदा समय में चुनाव ड्यूटी पर बाहर गए हुए हैं। आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।
बुलेट एजेंसी मालिक का आया था नाम
सूत्रों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही पुलिस को कॉलर के बारे में जानकारी मिल गई थी। पता चला था कि जिस अज्ञात नंबर से मंत्री के मोबाइल पर कॉल आई वह जार्जटाउन स्थित एक बुलेट एजेंसी के मालिक का था। इसके बावजूद पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी रहीं। हालांकि पुलिस यही कहती रही कि जांच जारी है और हालत यह हुई कि सवा साल बीतने के बाद भी विवेचना लंबित है।