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दोबारा होगी क्रेट, सीधे इंटरव्यू में शामिल होंगे जेआरएफ अभ्यर्थी
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Crate to be repeated, JRF candidates will join the interview directly
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) में कई विषयों की सीटें खाली रह जाने पर संबंधित विषयों में पीएचडी प्रवेश के लिए क्रेट का आयोजन दोबारा किया जाएगा। इस बार जेआरएफ अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा से छूट रहेगी और वह सीधे इंटरव्यू में शामिल होंगे। यह निर्णय सोमवार को हुई इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लिया गया।
विधि संकाय में हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को डीलिट की मानद उपाधि देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति दी। ओपी सिंह और केशरीनाथ त्रिपाठी दोनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराछात्र रह चुके हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय में जल्द ही बाल अधिकार को लेकर एक नया पाठ्यक्रम शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी इस कोर्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय क्रेट के पुन: आयोजन को लेकर हुआ। इस बार क्रेट के तहत नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा में शामिल किया गया था, जबकि इससे पहले उन्हें लिखित परीक्षा से छूट मिल जाती थी और वह सीधे इंटरव्यू में शामिल होते थे। नतीजा कि चार विषयों में पीएचडी की सभी सीटें खाली रह गईं। एक विषय में सिर्फ एक अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सका और अन्य कई विषयों में सीटों से कम प्रवेश हो सके। एकेडमिक कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन विषयों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उनके विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और इस बार जेआरएफ अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा से छूट प्रदान करते हुए उन्हें सीधे इंटरव्यू में शामिल किया जाएगा। कई जेआरएफ अभ्यर्थियों ने इस बाबत इविवि प्रशासन को आवेदन भी दिए थे। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने निर्देश दिए कि 10 सितंबर तक पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और क्रेट के दोबारा आयोजन के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में विज्ञापन जारी कर दिया जाए।
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कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इस वर्ष यूजीसी जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को पीएचडी प्रवेश में सीधे साक्षात्कार का अवसर दिया गया है। वैसे सभी छात्र जो यूजीसी जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण हैं, अब सीधे पीएचडी साक्षात्कार परीक्षा में उपस्थित हो सकेंगे। कई विभागों में पुन: परीक्षा के लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा। डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि
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विधि संकाय में हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को डीलिट की मानद उपाधि देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति दी। ओपी सिंह और केशरीनाथ त्रिपाठी दोनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराछात्र रह चुके हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय में जल्द ही बाल अधिकार को लेकर एक नया पाठ्यक्रम शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी इस कोर्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय क्रेट के पुन: आयोजन को लेकर हुआ। इस बार क्रेट के तहत नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा में शामिल किया गया था, जबकि इससे पहले उन्हें लिखित परीक्षा से छूट मिल जाती थी और वह सीधे इंटरव्यू में शामिल होते थे। नतीजा कि चार विषयों में पीएचडी की सभी सीटें खाली रह गईं। एक विषय में सिर्फ एक अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सका और अन्य कई विषयों में सीटों से कम प्रवेश हो सके। एकेडमिक कौंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन विषयों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उनके विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और इस बार जेआरएफ अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा से छूट प्रदान करते हुए उन्हें सीधे इंटरव्यू में शामिल किया जाएगा। कई जेआरएफ अभ्यर्थियों ने इस बाबत इविवि प्रशासन को आवेदन भी दिए थे। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने निर्देश दिए कि 10 सितंबर तक पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और क्रेट के दोबारा आयोजन के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में विज्ञापन जारी कर दिया जाए।
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कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इस वर्ष यूजीसी जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को पीएचडी प्रवेश में सीधे साक्षात्कार का अवसर दिया गया है। वैसे सभी छात्र जो यूजीसी जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण हैं, अब सीधे पीएचडी साक्षात्कार परीक्षा में उपस्थित हो सकेंगे। कई विभागों में पुन: परीक्षा के लिए जल्द ही विज्ञापन निकाला जाएगा। डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि