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UP: अब्बास अंसारी मामले में हाईकोर्ट ने सुरक्षित किया फैसला, भड़काऊ भाषण केस में दोनों पक्षों की बहस पूरी

Wed, 30 Jul 2025 04:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 30 Jul 2025 04:01 PM IST
सार

Abbas Ansari News: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भड़काऊ भाषण मामले में मऊ से पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। अगले सप्ताह फैसला आने की उम्मीद है।

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Court reserves decision in Abbas Ansari case, arguments of both sides completed in inflammatory speech case
अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हेट स्पीच मामले में पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की दो साल की सजा स्थगित करने की मांग में दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की पीठ ने दिया है।

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विधानसभा चुनाव-2022 के अब्बास अंसारी पर सपा की सरकार बनने पर राज्य अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी देने और दो समुदायों में वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगा था। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। एमपी/एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी को विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी देने के अपराध का दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई थी।
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इस फैसले के खिलाफ अब्बास अंसारी ने विशेष अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष सजा को स्थगित करने के लिए प्रार्थना दाखिल किया था जिसे पांच जुलाई को खारिज कर दिया गया। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।
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याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि इस मामले में दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने का मामला नहीं बनता है। अगर अधिकारियों को धमकी दी भी गई है तो वे कोई समुदाय नहीं हैं। सरकारी अधिकारी को धमकी मामले में दो साल की अधिकतम सजा दी गई है जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी अपराध के लिए अधिकतम सजा दी जाती है तो कारण लिखना जरूरी है। राज्य की ओर से महाधिवक्ता अजय मिश्र व शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र ने दलील दी कि अपवाद स्वरूप सजा स्थगित किया जाना चाहिए। यह मामला अपवाद का नहीं है। याची और इनके परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है। इसलिए इन्हें राहत नहीं मिलना चाहिए। 

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