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जानलेवा हमले के आरोप की निष्पक्ष जांच का आदेश
Wed, 08 May 2019 11:45 PM IST
विनोद सिंह
जानलेवा हमले के आरोप की निष्पक्ष जांच का आदेश
जानलेवा हमले के आरोप की निष्पक्ष जांच का आदेश
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 May 2019 11:45 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने थाना सकरार झांसी में जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी की दो माह में निष्पक्ष विवेचना पूरी करने का निर्देश दिया है। याची से कहा कि यदि उसके बेटे को फर्जी फंसाया गया है तो वह कोर्ट में अर्जी दे सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति एनए मुनीस तथा न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने लालता प्रसाद की याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ता एके ओझा का कहना था कि याची ने अपने बेटे को पुलिस द्वारा झूठा फंसाए जाने की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी, मगर अधिकारी उस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने याची को धारा 156 (3) या धारा 190/200 के तहत कोर्ट में अर्जी देने को कहा है। पुलिस के बुलाने पर याची अपने बेटे हेमंत राजपूत को लेकर 28 अक्तूबर 2018 को गरौठा पुलिस स्टेशन गया था। थाना प्रभारी बीएल सिंह यादव लड़के को साथ लेकर गए और मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखा दी। याची की शिकायत पर एसएसपी ने सीओ से जांच कराई। सात दिसंबर 18 की सीओ की रिपोर्ट में आरोप की पुष्टि की गई है। फिर भी एसएचओ पर कार्रवाई नही की गई, तो यह याचिका दाखिल की गई थी।
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