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261 करोड़ के घोटाले में यूनियन बैंक के निदेशक से जवाब तलब

Sun, 16 Jun 2019 12:31 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Jun 2019 12:31 AM IST
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Court asked answer to Union Bank director in 261 crore scam case.
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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हुए 261.37 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी अधिकारी को बिना जांच दस माह से अधिक समय से निलंबित रखने पर हाईकोर्ट ने बैंक के कार्यकारी निदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि बैंक ने अधिकारी को अब तक आरोपपत्र भी जारी नहीं किया है। उस पर क्या आरोप है तथा उसके विरुद्ध बैंक को क्या साक्ष्य मिले हैं, इसकी भी जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में अदालत को निर्णय देने में मुश्किल होगी। बैंक अधिकारी एएम कुलश्रेष्ठ की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचिका पर अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

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याची के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडेय का कहना था कि याची के मुंबई में डिप्टी जनरल मैनेजर पद पर नियुक्ति के दौरान 261.37 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला हुआ। गलत ओवरड्राफ्ट और खाता एनपीए होने पर बैंक ने याची को निलंबित कर दिया। तब से दस माह बीत जाने के बाद भी आज तक याची के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की गई और न ही याची के खिलाफ कोई गंभीर बात सामने आई है। याची पर लघु दंड आरोपित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें उसने अपना जवाब दाखिल किया है। मगर, बैंक से इस प्रक्रिया को पूरा करने के बजाए उसे नए सिरे से नोटिस जारी कर दिया। अधिवक्ता का कहना था कि याची 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाला है, ऐसे में उसे निलंबित रखना गैरकानूनी है।
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इस मामले में यूनियन बैंक ने जवाब में कहा कि चूंकि प्रकरण में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं तथा सभी से जवाब मांगा गया है। विजलेंस विभाग को भी प्रकरण संदर्भित किया गया कि क्या इसकी विजलेंस जांच हो सकती है। कोर्ट का कहना था कि बैंक के हलफनामे में यह नहीं बताया गया कि याची के खिलाफ क्या साक्ष्य मिले हैं। याची को अगस्त 2018 में निलंबित किया गया, तब से बैंक के पास जांच के लिए पर्याप्त समय था। सुप्रीमकोर्ट ने अजय कुमार चौधरी केस में किसी कर्मचारी को 90 दिन से अधिक निलंबित रखने को गैरकानूनी माना है। कोर्ट ने बैंक के कार्यकारी निदेशक को 17 जून तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। 

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