{"_id":"6a821ff0b6f583d5a20e7f17","slug":"cough-cold-and-throat-infections-on-the-rise-during-the-rains-allahabad-news-c-3-ald1020-952327-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: बारिश में बढ़ा खांसी-जुकाम और गले का संक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: बारिश में बढ़ा खांसी-जुकाम और गले का संक्रमण
Mon, 17 Aug 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
मौसम में बदलाव से खांसी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, चर्म रोग और आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ रहे हैं। बीते चार दिनों में एसआरएन अस्पताल में 12,193 मरीज देखे गए। इनमें करीब पांच हजार मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व चर्म रोग से पीड़ित थे।
बारिश में हवा में नमी और पसीने के कारण फंगस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इससे दाद, खाज, फोड़े-फुंसी, घमौरियां और मुंहासे हो जाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों से साफ पानी पीने, बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलने और शरीर को सूखा रखने की सलाह दी है।
बचाव के देशी उपाय
1-शहद गले की खराश को कम कर सकती है। इसके लिए आप गर्म पानी में शहद मिक्स करें और फिर इसे धीरे-धीरे पीएं।
2- लहसुन में एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो खांसी में प्रभावी होते हैं। रोजाना लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है। इम्युनिटी बढ़ती है।
विज्ञापन
3- अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो खांसी और गले की खराश को कम कर सकते हैं।
4- नमक में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं। जो बलगम को साफ करने या कम करने में मदद कर सकते हैं। नमक के पानी से गरारा करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
5- हल्दी में औषधीय गुण पाए जाते हैं। जो शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। सूखी खांसी से हल्दी राहत दिला सकती है। 6- तुलसी के पत्तों में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जो खांसी से राहत दिलाते हैं।
7- अगर खांसी और बंद नाक से परेशान हैं, तो स्टीम जरूर लें। एक पैन में पानी उबालें। इस पानी को कटोरे में रखें, इसमें दो-तीन बूंद पुदीने का तेल डालें। फिर सिर पर तौलिया रखकर कटोरे से निकलने वाली भा को कम से कम 10 मिनट तक लें।
वर्जन
शहद, लहसुन, तुलसी, हल्दी, नमक का गरारा, अदरक व स्टीम लेना हमेशा से फायदेमंद रहा है। बदलते मौसम में इनका इस्तेमाल संक्रामक बीमारियों के खतरे से बचाता है। - वैद्य डॉ. एसके राय
वर्जन
गीले कपड़े पहनने व गंदगी की वजह से चर्म रोग की समस्या होती है। बारिश में संख्या बढ़ती है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और गंदगी से बचें। - डॉ. अमित शेखर, चर्म रोग विशेषज्ञ, एसआरएन अस्पताल।
विज्ञापन
बारिश में हवा में नमी और पसीने के कारण फंगस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इससे दाद, खाज, फोड़े-फुंसी, घमौरियां और मुंहासे हो जाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों से साफ पानी पीने, बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलने और शरीर को सूखा रखने की सलाह दी है।
विज्ञापन
बचाव के देशी उपाय
1-शहद गले की खराश को कम कर सकती है। इसके लिए आप गर्म पानी में शहद मिक्स करें और फिर इसे धीरे-धीरे पीएं।
2- लहसुन में एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो खांसी में प्रभावी होते हैं। रोजाना लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है। इम्युनिटी बढ़ती है।
विज्ञापन
3- अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो खांसी और गले की खराश को कम कर सकते हैं।
4- नमक में एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण पाए जाते हैं। जो बलगम को साफ करने या कम करने में मदद कर सकते हैं। नमक के पानी से गरारा करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
5- हल्दी में औषधीय गुण पाए जाते हैं। जो शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। सूखी खांसी से हल्दी राहत दिला सकती है। 6- तुलसी के पत्तों में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जो खांसी से राहत दिलाते हैं।
7- अगर खांसी और बंद नाक से परेशान हैं, तो स्टीम जरूर लें। एक पैन में पानी उबालें। इस पानी को कटोरे में रखें, इसमें दो-तीन बूंद पुदीने का तेल डालें। फिर सिर पर तौलिया रखकर कटोरे से निकलने वाली भा को कम से कम 10 मिनट तक लें।
वर्जन
शहद, लहसुन, तुलसी, हल्दी, नमक का गरारा, अदरक व स्टीम लेना हमेशा से फायदेमंद रहा है। बदलते मौसम में इनका इस्तेमाल संक्रामक बीमारियों के खतरे से बचाता है। - वैद्य डॉ. एसके राय
वर्जन
गीले कपड़े पहनने व गंदगी की वजह से चर्म रोग की समस्या होती है। बारिश में संख्या बढ़ती है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और गंदगी से बचें। - डॉ. अमित शेखर, चर्म रोग विशेषज्ञ, एसआरएन अस्पताल।