आंख मूंद कर हुई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पर शिकंजा, एफआईआर की संस्तुति
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राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए वर्ष-2014 के एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में व्यापक गड़बड़ी सामने आई है। इसमें बिना सत्यापन के ही सात सौ से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। अंधेरगर्दी की हद पार करते हुए मेरिट वाले अभ्यर्थियों को दर किनार कर दिया गया। यूपी बोर्ड के टेबलेशन रजिस्टर के पन्ने बदलकर अपात्रों की मेरिट हाई बनाकर नियुक्तियां कर दी गईं। बाद में इससे जुड़े रिकार्ड तक गायब करवा दिए गए।
जांच में यह गड़बड़ी सामने आने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक विनय कुमार पांडेय की संस्तुति पर सचिव नीना श्रीवास्तव ने सत्यापन सेक्शन के तत्कालीन इंचार्ज समेत छह कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश जारी किया है। सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में हुए इस फर्जीवाड़े में उस समय के निदेशक से लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय तक की भूमिका पर सवाल खड़े होने से हड़कंप मच गया है।
एलटी ग्रेड शिक्षकों की इस भर्ती में प्रदेश भर में मंडल स्तर पर पुरुष व महिला संवर्ग के 6645 पदों को भरा जाना था। सपा शासन में नियमों की अनदेखी कर जब यह नियुक्तियां हुईं तब माध्यमिक शिक्षा निदेशक के पद पर अमरनाथ वर्मा तैनात थे। कहा जा रहा है कि प्रयागराज मंडल की नियुक्तियों में अपात्रों व चहेतों की मेरिट बढ़ाने के लिए यूपी बोर्ड के टेबलेशन रजिस्टर के पन्ने तक हटा दिए गए थे।
इससे जुड़े रिकॉर्ड गायब होने की जानकारी के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद की क्षेत्रीय सचिव नीना श्रीवास्तव ने तत्कालीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी समेत छह लिपिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए निदेशक से संस्तुति मांगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की संस्तुति के बाद इस मामले में सचिव ने अपर सचिव एसपी द्विवेदी को संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है। अपर सचिव ने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी तैयार करा ली है।
इससे जुड़े रिकार्ड गायब होने की जानकारी के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद की क्षेत्रीय सचिव नीना श्रीवास्तव ने तत्कालीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी समेत छह लिपिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए निदेशक से संस्तुति मांगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की संस्तुति के बाद इस मामले में सचिव ने अपर सचिव एसपी द्विवेदी को संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है। अपर सचिव ने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी तैयार करा ली है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस भर्ती में सिर्फ 15 मंडलों ने ही 2917 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट दिया था। इनमें कुछ को छोड़कर अधिकांश मंडलों ने अभ्यर्थियों का सत्यापन कराना तक उचित नहीं समझा। 441 महिला व 301 पुरुष समेत कुल 742 अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार सारी गड़बड़ी उच्चाधिकारियों के दबाव में जल्दबाजी में की गई थी। अफसरों ने अभ्यर्थियों का बिना सत्यापन कराए ही नियुक्ति पत्र बांट दिए थे। इसी वजह से उस समय की आगरा, मेरठ, कानपुर, लखनऊ, बरेली, मिर्जापुर समेत कई मंडलों में हुई सहायक अध्यापक पदों पर भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
वर्ष 2014 की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के दौरान टेबलेशन रजिस्टर बदलकर मेरिट में हेराफेरी के मामले में छह कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा गया है, लेकिन कुछ लोगों की शिकायत पर इस मामले में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने अपर निदेशक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर नए सिरे से जांच कराने का आदेश जारी किया है। टेबलेशन रजिस्टर बदलकर मेरिट में हेराफेरी कर कितने पदों पर नियुक्तियां की गई थीं, इसका ब्यौरा बिना फाइल देखे नहीं दिया जा सकता। नीना श्रीवास्तव, सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी मामले में अभी कुछ नहीं कह सकता। इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्रावली परिषद की सचिव ने ही भेजी थी। वह इस प्रकरण में ज्यादा जानकारी दे पाएंगी। विनय कुमार पांडेय निदेशक माध्यमिक शिक्षा।