Corona News : पहले स्नान पर्व के ठीक पहले मेला क्षेत्र में मिले 38 नए कोरोना पॉजिटिव
माघ मेला को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे। मेले की सुरक्षा के लिए जनपद के साथ ही अन्य जिलों से भी पुलिस व पीएसी कर्मियों को बुलाया गया है।
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माघ मेले के पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति के ठीक पहले मेला क्षेत्र में बुधवार को 38 नए कोरोना पॉजिटिव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। रिपोर्ट आने के बाद संक्रमित मिले लोगों को मेला से हटा कर दूरे स्थान पर ले जाया गया। इनमें से कई संक्रमितों को कोटवा एट बनी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
माघ मेला को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे। मेले की सुरक्षा के लिए जनपद के साथ ही अन्य जिलों से भी पुलिस व पीएसी कर्मियों को बुलाया गया है।
जिससे मेले में स्नान पर्व पर आने वाले श्रद्घालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो। मेले कोरोना संक्रमण रोनके की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए श्रद्घालुओं के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य किया गया है। इसी बीच बुधवार की दोपहर 28 पुलिस कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने की सूचना से हड़कंप मच गया।
शाम तक कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 38 तक पहुंच गई। इसमें 36 पुलिस कर्मी और दो अन्य लोग शामिल है। स्नान पर्व के ठीक पहले अचानक इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिलने से मेला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हरकत में आ गई।
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव मिले 36 पुलिस कर्मियों में 28 को कोटवा एट बनी अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। शेष पुलिस कर्मी होम आइसोलेशन पर रहेगे। दो अन्य मिले संक्रमित लोगों को भी उनकी सहूलियत के हिसाब से एडमिट कराया जाएगा।
जिले में 40 संक्रमित है भर्ती
कोरोना की तीसरी लहर में ज्यादातर मरीजों गंभीर अवस्था में नहीं है। ऐसे में होम आइसोलेशन पर जाने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। लेकिन करीब 40 गंभीर संक्रमितों को कोरोना इलाज के लिए बनाए गए एल 1, एल 2, एल 3 और एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिससे उनका सही प्रकार से इलाज हो सके।
साथ ही 10 अति गंभीर संक्रमित मरीजों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए कई अन्य अस्पतालों को भी तैयार कराया जा रहा है। जिससे जरूरत पर संक्रमित मरीजों को भर्ती कराकर उनका इलाज कराया जा सके।