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हाईकोर्ट : पीसीएस-जे 2022 के याचियों की कॉपियां हाईकोर्ट में तलब, नंबर अपलोड करने का निर्देश
Sat, 07 Dec 2024 07:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Dec 2024 07:54 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति डी रमेश की अदालत ने श्रवण पांडे समेत दर्जनों याचियों की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। पीसीएस-जे की मुख्य परीक्षा की कॉपियों में अदला-बदली के कारण अंकों में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीसीएस-जे 2022 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अदला-बदली और अभ्यर्थियों के अंक कम किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से याचियों की कॉपियां सीलबंद लिफाफे में तलब की हैं। साथ ही सात दिसंबर तक इनके अंक भी आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति डी रमेश की अदालत ने श्रवण पांडे समेत दर्जनों याचियों की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। पीसीएस-जे की मुख्य परीक्षा की कॉपियों में अदला-बदली के कारण अंकों में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद आयोग ने अदला-बदली की बात स्वीकार कर कार्रवाई की थी। इसके बाद संशोधित परिणाम जारी किया था।
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वहीं, परिणाम में परिवर्तन करते हुए दो चयनित अभ्यर्थियों को बाहर करके दो को चयन में शामिल करने का निर्णय लिया और प्रदेश सरकार को उसकी संस्तुति भेज दी। इसके बाद भी असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में लेने का अनुरोध किया था। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि पीड़ित याचियों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खुला है। लिहाजा, श्रवण पांडे के बाद कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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याचियों का कहना है कि उनके उत्तर सही होने के बावजूद उन्हें या तो शून्य अंक दिए गए हैं या फिर उम्मीद से भी कम मिले हैं। आरोप है कि प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद जानबूझकर उनके अंक कम कर दिए गए। कोर्ट ने शिकायतों के मद्देनजर उत्तर पुस्तिकाओं की तलब कर कहा कि इस स्थिति में उत्तर पुस्तिकाओं के न्यायिक मूल्यांकन की आवश्यकता है। जबकि, अभ्यर्थियों को प्राप्त अंकों में छेड़छाड़ की शिकायत को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में मिले अंक को 24 घंटे के भीतर वेबसाइट पर लोड कर दिया जाए। अब मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।