Allahabad University : सीयूईटी का परिणाम आते ही AU में रजिस्ट्रेशन की होड़, अब तक कुल 6472 रजिस्ट्रेशन
इविवि में कुल 11 पाठ्यक्रमों में सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश लिए जाने हैं। इनमें बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीए, बीएफए शामिल हैं। इनके अलावा छह अन्य पाठ्यक्रमों में नई शिक्षा नीति के तहत दाखिले लिए जाएंगे। इन छह पाठ्यक्रमों के साथ ही इविवि में सत्र 2023-24 से पहले चरण के तहत नई शिक्षा नीति लागू कर दी जाएगी।
विस्तार
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) का परिणाम घोषित किए जाने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्नातक प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थियों की होड़ लग गई। तीन दिनों में जहां 4647 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे, वहीं पांच घंटे में 1825 नए अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिए।
इविवि में कुल 11 पाठ्यक्रमों में सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश लिए जाने हैं। इनमें बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीए, बीएफए शामिल हैं। इनके अलावा छह अन्य पाठ्यक्रमों में नई शिक्षा नीति के तहत दाखिले लिए जाएंगे। इन छह पाठ्यक्रमों के साथ ही इविवि में सत्र 2023-24 से पहले चरण के तहत नई शिक्षा नीति लागू कर दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत डेटा पाठ्यक्रम में पांच वर्षीय एकीकृत बीसीए एवं एमसीए पाठ्यक्रम, परिवार और सामुदायिक विज्ञान में पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम (बीसीए एवं एमसीए) गृह विज्ञान, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण अध्ययन में पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम, विधि में पांच वर्षीय एकीकृत (बीएएलएलबी ऑनर्स) पाठ्यक्रम और प्रबंधन में पांच वर्षीय एकीकृत (बीबीए एवं एमबीए) पाठ्यक्रम में प्रवेश होंगे।
इन सभी 11 पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 28 जुलाई निर्धारित की गई है। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. जेके पति ने बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बुधवार शाम से शुरू हुई थी। शनिवार दोपहर डेढ़ बजे तक कुल 4647 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराए और इनमें से 2428 ने रजिस्ट्रेशन शुक्ल जमा किया था। वहीं, अगले पांच घंटों में शाम साढ़े छह बजे तक रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या बढ़कर 6472 और शुल्क जमा करने वालों की संख्या 3473 हो गई।
राज्य विवि में अगस्त में शुरू होगा प्री-पीएचडी कोर्स वर्क
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में सत्र 2023-24 से पहली बार पीएचडी की पढ़ाई शुरू होने जा रहे है। पीएचडी में नव प्रवेशित शोधार्थियों के लिए प्री-पीएचडी कोर्स वर्क अगस्त माह में शुरू कराया जाएगा। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पीएचडी कोर्स वर्क 12 से 14 सप्ताह का होगा। इसके बाद रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक होगी, जिसमें शोध प्रस्ताव रखे जाएंगे। कमेटी की मंजूरी के बाद पीएचडी शुरू करा दी जाएगी।