Prayagraj : महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई में फेल कंपनी होगी बर्खास्त, नगर निगम ने दिया अंतिम नोटिस
महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई कराने में नाकाम किंग्स कंपनी को बर्खास्त करते हुए डिबार भी किया जाएगा। नगर निगम ने इसका अंतिम नोटिस दे दिया है। बुधवार तक सफाई कर्मियों का भुगतान करने का नोटिस भी दिया गया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई कराने में नाकाम किंग्स कंपनी को बर्खास्त करते हुए डिबार भी किया जाएगा। नगर निगम ने इसका अंतिम नोटिस दे दिया है। बुधवार तक सफाई कर्मियों का भुगतान करने का नोटिस भी दिया गया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग ने बताया कि महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3250 सफाई कर्मियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया था। इसके लिए किंग्स कंपनी से समझौता हुआ था, लेकिन कंपनी इसमें असफल रही।
वह सिर्फ 1000 सफाई कर्मचारी ही उपलब्ध करा सकी। इसकी वजह से निगम को तीन अन्य कंपनियों से समझौता करना पड़ा। इसके अलावा इनके कर्मचारी भी वक्त से नहीं आते थे और पूरे समय तक ड्यूटी भी नहीं करते थे। नगर आयुक्त के मुताबिक, पता लगा है कि वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने यह लापरवाही बरती। इससे महाकुंभ जैसे आयोजन के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। निगम ने कंपनी को डिबार करने के साथ बर्खास्तगी का नोटिस दिया है।
अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव ने बताया कि कर्मचारियों का भुगतान करने के लिए कंपनी को बुधवार दोपहर तक का समय दिया गया है। भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2000 सफाईकर्मी ही हो सके तैनात
महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई के लिए तीन हजार कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था, लेकिन कंपनी कर्मचारी उपलब्ध नहीं करा पाई। निगम की ओर से अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए तीन अन्य कंपनियों से समझौता किया गया। इसके बावजूद औसतन दो हजार कर्मचारियों के भरोसे ही शहर की सफाई व्यवस्था रही।
वेतन के लिए सफाई कर्मियों का धरना-प्रदर्शन
महाकुंभ के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त अतिरिक्त सफाई कर्मियों ने मंगलवार को वेतन के लिए नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर और नगर आयुक्त से मुलाकात की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सफाई कर्मी धरने पर बैठ गए। यह धरना देर शाम तक चला। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पैसा नहीं मिलने से परिवार चलाने का संकट है। उन्होंने काम के एवज में कम ड्यूटी दिखाने का भी आरोप लगाया। इस बाबत नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि सफाई कर्मियों और उन्हें काम पर रखने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि से बात हुई है। जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।