कॉमनवेल्थ गेम से उम्मीदें : मुक्केबाज मारेंगे ‘गोल्ड पंच’, कराएंगे मेडल की बारिश ( वीडियो)
Commonwealth Games 2022 : तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को पंच की टिप्स सिखला चुके नेशनल विजेता खिलाड़ी प्रयागराज मुक्केबाजी संघ के सचिव और उत्तर मध्य रेलवे के बाक्सिंग कोच अतुल सिद्धार्थ का दावा है कि अबकी भारत के सभी 12 मुक्केबाज गोल्ड जीतेंगे।
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विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स में पिछली बार मुक्केबाजी में भारत की झोली में तीन गोल्ड सहित कुल नौ पदक गिरे थे लेकिन अबकी भारतीय मुक्केबाजों की नजर मेडल की बारिश पर है। सभी तेज और हौसले से लबरेज हैं। तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को पंच की टिप्स सिखला चुके नेशनल विजेता खिलाड़ी प्रयागराज मुक्केबाजी संघ के सचिव और उत्तर मध्य रेलवे के बाक्सिंग कोच अतुल सिद्धार्थ का दावा है कि अबकी भारत के सभी 12 मुक्केबाज गोल्ड जीतेंगे। ‘अमर उजाला’ से बातचीत उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर मुक्केबाजों की तैयारियों से लेकर प्रयागराज की संभावनाओं तक पर विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश। (अगली स्लाइड में)
मुक्केबाजी में भारत की तैयारी
फिलहाल हमारे मुक्केबाज आयरलैंड में कैंप करके इंग्लैंड की आबोहवा के अनुसार खुद को ढ़ाल रहे हैं। भारत मुक्केबाजी में पदक का सबसे मजबूत दावेदार है। लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल होने से हमारे खिलाड़ी प्रमुख मुक्केबाजों की तकनीक से वाकिफ हैं। बेशक कॉमनवेल्थ में टीम देश की झोली स्वर्ण पदकों से भरने जा रही है।
किससे पदक जीतने की अधिक उम्मीद
मुझे कॉमनवेल्थ में गए सभी12 खिलाड़ियों से स्वर्ण पदक की आस है क्योंकि सभी बेहतरीन हैं। महिला वर्ग में निकहत जरीन, वर्ल्ड कप में स्वर्ण और लवलीना टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज हैं। वहीं पुरुष वर्ग में भी अमित पंघाल और शिव थापा जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं। भारत के सभी मुक्केबाज गोल्ड जीतने की स्थिति में हैं।
प्रयागराज में बाक्सिंग का हाल
किस टीम से है चुनौती
भारत सबसे मजबूत दावेदार है, फिर भी इंग्लैंड और आयरलैंड से मुकाबला बराबरी का हो सकता है। हमें हर मुकाबला सही तरीके से खेलना है। लापरवाही या अधिक आत्मविश्वास हमारे लिए घातक साबित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के मुक्केबाजों की स्थिति
उत्तर प्रदेश में अब खिलाड़ियों को अधिक सुविधाएं दी जा रहीं, उन्हें कैंप भी कराया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यूपी से मुक्केबाजी के कई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
संगमनगरी में मुक्केबाजी के दो-चार सेंटर ही हैं, लेकिन 100 से अधिक खिलाड़ी रोजाना ट्रेनिंग कर रहे हैं। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिंग और बेहतरीन कोच है।
क्या सुविधाएं बढ़ें
मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में विश्वस्तरीय रिंग लगाई गई है, जहां पर काफी खिलाड़ी ट्रेनिंग करते हैं। खेलगांव और विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल में भी अच्छे रिंग हैं। रिंग की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। स्कूली स्तर पर भी मुक्केबाजी को बढ़ावा मिले।
संगमनगरी के युवा खिलाड़ी
यहां पर कई खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में सात खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत के बल पर ही स्पोर्ट्स हास्टल में जगह बनाई है।प्रयागराज के रामसिंह पाल और सुदीप यादव अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा देवांश और विक्रम ने भी नेशनल प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाई है।
30 जुलाई को होंगे भारतीय मुक्केबाजों के मुकाबले
1. अमित पंघाल - पुरुष 51 किग्रा
2. मोहम्मद हुसामुद्दीन - पुरुष 57 किग्रा
3. शिव थापा - पुरुष 63.5 किग्रा
4. रोहित टोकस - पुरुष 67 किग्रा
5. सुमित कुंडू - पुरुष 75 किग्रा
6. आशीष चौधरी - पुरुष 80 किग्रा
7. संजीत - पुरुष 92 किग्रा
8. सागर - पुरुष 92 प्लस किग्रा
9. नीतू - महिला 48.30 किग्रा
10. निकहत जरीन - महिला 50 किग्रा
11. जैस्मीन - महिला 60.30 किग्रा
12. लवलीना बोरगोहिन - महिला 70.30 किग्रा
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