Murder Case: कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या का मामला, आईफोन, पिस्टल-तमंचा खरीदने के लिए कहां से आई रकम
बमरौली स्थित वायु सेना के हाई सिक्योरिटी जोन में कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि कातिल ने पैसे की लालच में हत्या करने की बात कुबुली है। अब सवाल यह उठ रहा है कि वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था तो पिस्टल और महंगा आईफोन खरीदने के लिए उसके पास पैसे कहां से आए।
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कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र की हत्या के मामले में परिजनों की ओर से उठाई गई मांगों को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो सका है। उधर, हत्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं के संंबंध में अब तक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हत्यारोपी सौरभ के पास आईफोन, पिस्टल-तमंचा खरीदने के लिए रकम कहां से आई, इसका भी पता नहीं चल सका है।
खुलासे के दौरान पुलिस अफसरों ने बताया था कि आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी। इसके साथ ही वारदात के दौरान एक तमंचा भी लेकर गया था। फिलहाल यह बात नहीं सामने आ सकी है कि पिस्टल खरीदने के लिए उसे रकम कहां से मिली।
दरअसल, आरोपी एक साल पहले ही काम छोड़ चुका था। काम करने के दौरान भी वह मजदूरी ही करता था। उसके महंगे शौक थे और इसके चलते उसके खुद के लिए कमाए गए पैसे भी कम पड़ते थे। माता-पिता सफाईकर्मी थे और उनके पैसों से ही घर चला करता था।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पिस्टल-तमंचा खरीदने के लिए उसके पास पैसे कहां से आए। मृतक के परिजनाें की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि रुपयों के लिए चोरी करने गया बदमाश 40 हजार की पिस्टल खरीदकर जाएगा, यह बेहद चौंकाने वाली बात है।डीसीपी नगर अभिषेक भारती का कहना है कि फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर की गई है। विवेचना जारी है और जो साक्ष्य मिलेंगे, उसी आधार पर आगे भी कार्रवाई होगी।
वीडियो में देता नजर आया था नोटों की गड्डी
हत्यारोपी सौरभ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह आईफोन खरीदते वक्त काउंटर पर बैठे शख्स को नोटों की गड्डी देता नजर आया है। सवाल यह है कि जिस युवक के पास अपने भाई की जमानत कराने के पैसे नहीं थे, उसके पास नोटों की गड्डी कहां से आई। यह बात सामने आई है कि उसने लगभग 1.5 लाख रुपये का आईफोन 12 फरवरी को खरीदा था।
खुलासे की जल्दबाजी में अधूरी तो नहीं रह गई पड़ताल
परिजनाें की ओर से खुलासे को लेकर पुलिस की ओर से बताई गई थ्योरी पर असंतोष जताए जाने के बाद अब यह भी सवाल उठ रहे हैं कि कहीं खुलासे की जल्दबाजी में पूरामुफ्ती पुलिस की पड़ताल अधूरी तो नहीं रह गई। दरअसल आईफोन, पिस्टल-तमंचा खरीदने में इस्तेमाल रकम के स्रोत के साथ ही कई बिंदुओं को लेकर उठ रहे सवालों पर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
पुलिस को अब तक नहीं मिला अफसर का मोबाइल
इस मामले में एक और बात यह सामने आई है कि अफसर का मोबाइल फोन अब तक पुलिस को नहीं मिल सका है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मोबाइल परिजनों के पास है। फिलहाल, उनकी ओर से मोबाइल पुलिस को नहीं सौंपा गया है। जानकारों का कहना है कि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी है कि घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर व्यापक पड़ताल की जाए। अफसर के मोबाइल से भी कुछ अहम क्लू मिल सकते हैं और इसके लिए उसे कब्जे में लिया जाना जरूरी है।