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ठंड का कहरः पक्षाघात के दस, हार्टअटैक के 13 नए मरीज
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Cold fury: Ten of paralysis, 13 new heart attack patients
- फोटो : CITY DESK
ठंड का कहर: पक्षाघात के दस, हार्ट
अटैक के 13 नए मरीज एसआएन पहुंचे
0 चिल्डेन अस्पताल में निमोनिया पीड़ित बच्चों की भरमार, आठ भर्ती किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। ठंड का कहर जानलेवा साबित हो रहा है। नसों में सिकुड़न और खून के बहाव में रुकावट लोगों को अस्पताल पहुंचा रही है। मंगलवार को शीतलहर के प्रभाव से दस लोगों को पक्षाघात और 13 लोगों को हार्ट अटैक आया। सभी को एसआरएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी और मेडिसिन आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं, चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में निमोनिया पीड़ित बच्चों की भरमार है। दिन में एक बजे तक वहां आठ बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
एसआएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक अस्पताल में हर दिन पक्षाघात के शिकार औसतन छह मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी हालत गंभीर होती है। मंगलवार को दस नए मरीज भर्ती किए। अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल यूनिट के आईसीयू के सात बेड समेत सभी 36 बेड फुल हैं। मरीजों की भरमार से गलियारे में बेड लगाए गए हैं। रात में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजपाल के मुताबिक एंजाइना पेन और हार्ट अटैक पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। 24 घंटे में 13 नए मरीज भर्ती किए गए। खतरे से बाहर हुए मरीजों को आईसीयू से वार्ड में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठंड के इस मौसम में दिल के रोगियों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। विभाग में आईसीयू और वार्ड मरीजों से भरे हैं।
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सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय चिल्ड्रेेन के अधीक्षक डॉ. मुकेश बीर सिंह ने बताया कि ठंड के तेवर बच्चों के लिए ठीक नहीं है। सर्दी-जुकाम के इलाज में लापरवाही उन्हें निमोनिया पीड़ित बना रही है। कोल्ड फीवर, छाती में जकड़न समेत अन्य शिकायतों को लेकर अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या 300 से पार जा रही है। मंगलवार को निमोनिया पीड़ित आठ बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
सेहत पर भारी ठंड, करें बचाव
चिकित्सकों के मुताबिक अचानक बढ़ी ठंड और बर्फीली हवाएं सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। बिना शरीर पर गर्म कपड़े डाले बाहर निकलना बिस्तर पर पहुंचा सकता है। कान, हाथ और पैर के पंजों को ढंककर ही घर से बाहर निकलें। फिजीशियन डॉ. अनुभा श्रीवास्तव के मुताबिक दिल के रोगी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाना होगा। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक बीपी के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने के साथ सर्दी से बचाव जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय इस मौसम में बेचैनी की शिकायत को घातक बताते हैं। उनके मुताबिक खुद डॉक्टर बनने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवाएं लें। उन्होंने बताया कि ओपीडी में ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। बुखार पीड़ितों का बीपी बढ़ने और घबराहट की शिकायत हो रही है। लोगों को नियमित दवाएं लेने के साथ ठंडी वस्तुओं से बचने की सलाह दी जा रही है।
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अटैक के 13 नए मरीज एसआएन पहुंचे
0 चिल्डेन अस्पताल में निमोनिया पीड़ित बच्चों की भरमार, आठ भर्ती किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। ठंड का कहर जानलेवा साबित हो रहा है। नसों में सिकुड़न और खून के बहाव में रुकावट लोगों को अस्पताल पहुंचा रही है। मंगलवार को शीतलहर के प्रभाव से दस लोगों को पक्षाघात और 13 लोगों को हार्ट अटैक आया। सभी को एसआरएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी और मेडिसिन आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं, चिल्ड्रेन अस्पताल की ओपीडी में निमोनिया पीड़ित बच्चों की भरमार है। दिन में एक बजे तक वहां आठ बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
एसआएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक अस्पताल में हर दिन पक्षाघात के शिकार औसतन छह मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी हालत गंभीर होती है। मंगलवार को दस नए मरीज भर्ती किए। अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल यूनिट के आईसीयू के सात बेड समेत सभी 36 बेड फुल हैं। मरीजों की भरमार से गलियारे में बेड लगाए गए हैं। रात में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजपाल के मुताबिक एंजाइना पेन और हार्ट अटैक पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। 24 घंटे में 13 नए मरीज भर्ती किए गए। खतरे से बाहर हुए मरीजों को आईसीयू से वार्ड में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठंड के इस मौसम में दिल के रोगियों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। विभाग में आईसीयू और वार्ड मरीजों से भरे हैं।
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सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय चिल्ड्रेेन के अधीक्षक डॉ. मुकेश बीर सिंह ने बताया कि ठंड के तेवर बच्चों के लिए ठीक नहीं है। सर्दी-जुकाम के इलाज में लापरवाही उन्हें निमोनिया पीड़ित बना रही है। कोल्ड फीवर, छाती में जकड़न समेत अन्य शिकायतों को लेकर अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या 300 से पार जा रही है। मंगलवार को निमोनिया पीड़ित आठ बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
सेहत पर भारी ठंड, करें बचाव
चिकित्सकों के मुताबिक अचानक बढ़ी ठंड और बर्फीली हवाएं सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। बिना शरीर पर गर्म कपड़े डाले बाहर निकलना बिस्तर पर पहुंचा सकता है। कान, हाथ और पैर के पंजों को ढंककर ही घर से बाहर निकलें। फिजीशियन डॉ. अनुभा श्रीवास्तव के मुताबिक दिल के रोगी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाना होगा। एसआरएन अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कमलेश सोनकर के मुताबिक बीपी के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने के साथ सर्दी से बचाव जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय इस मौसम में बेचैनी की शिकायत को घातक बताते हैं। उनके मुताबिक खुद डॉक्टर बनने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह पर ही दवाएं लें। उन्होंने बताया कि ओपीडी में ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। बुखार पीड़ितों का बीपी बढ़ने और घबराहट की शिकायत हो रही है। लोगों को नियमित दवाएं लेने के साथ ठंडी वस्तुओं से बचने की सलाह दी जा रही है।