{"_id":"6eefa7fe5ba7fc0d4d5631c831136e05","slug":"cold-counterattack-air-drainage-mercury-wham-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड का पलटवार, ‘एयर ड्रैनेज’ से पारा धड़ाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड का पलटवार, ‘एयर ड्रैनेज’ से पारा धड़ाम
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:14 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। आखिरकार वहीं हुआ जिसकी आशंका थी। जानलेवा ठंड व कोहरे का पलटवार हो ही गया। दो तीन दिन पहले गंगा के मैदानी इलाकों में खिली धूप ने आम आदमी को जानलेवा ठंड से राहत तो दी लेकिन मौसम विज्ञानियों को आशंका थी कि मौसम अचानक पलटेगा और ठंड एक बार फिर बढ़ेगी, हुआ भी यही। दो दिन तक सूरज की तपिश से गंगा के मैदानी इलाकों में मौजूद हवाएं ऊपर उठ गईं। परिणामस्वरूप उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकाें में जारी बर्फबारी से ठंडी हवाओं ने तेजी से इनकी जगह ले ली। रही सही कसर नम पुरवइया ने पूरी कर दी। बेहद ठंडी पछुवा और नम -पुरवइया के गठजोड़ से मौसम का मिजाज बिगड़ गया।
शहर व आसपास के इलाकों में घना कोहरे के साथ पूरे दिन ऐसी ठंडी हवा बही कि लोगों का कलेजा कांप गया। ठंडी पछुवा हवाओं के असर से पारा 10.7 डिग्री लुढ़क गया। अधिकतम तापमान में आई इस गिरावट ने ठंड को खतरनाक बना दिया। ठंडक का असर यह रहा कि शहरी अलाव तापते रहे या दिन भर घरों में रजाई में दुबके रहे। महज वहीं लोग सड़कों पर दिखे जिन्हें नौकरी करने जाना पड़ा या विशेष परिस्थितियों में ही घर से निकलना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री व न्यूनतम 10.4 डिग्री दर्ज किया गया। जो एक दिन पहले अधिक तम24.3 और न्यूनतम 9.4 डिग्री था।
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक मौसम का बदला मिजाज एयर ड्रैनेज का नतीजा है। धरातल के साथ बह रही ठंडी पछुवा हवाओं ने जहां गलन बढ़ा दी वहीं नम पुरवइया से घना कोहरा बन रहा है। दिन और रात के तापमान के कम अंतर से ठंड को और खतरनाक बना दिया है। बकौल प्रो. ओझा मौसम का यही मिजाज अगले दो से तीन दिन देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
ठंड ने माघ मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों की मुसीबत बढ़ा दी। मेला क्षेत्र में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ कल्पवासियों ने अपने स्तर पर कैंपों में अलाव जलाने की व्यवस्था की, लेकिन ज्यादातर कड़कड़ाती ठंड से परेशान रहे। मौसम के अचानक बदले मिजाज के चलते मेला क्षेत्र में लकड़ी के कारोबारियों ने दाम बढ़ा दिए ।
तेज सर्दी ने राहगीरों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। फैशनेबल युवा सेहत का ख्याल नहीं करते। शाम लौटते वक्त ज्यादातर को बिना सिर, काम ढंके तेज बाइक चलाते देखा जा सकता है। उन पर सर्द हवाओं का ऐसा हमला हुआ कि बाइक लेकर उल्टे भाग खड़े हुए। ठंड के चलते सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति कुछ कम ही रही। कई अफसरों ने कार्यालय अवधि में हीटर जलवाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश की।
जबरदस्त सर्दी का असर यह रहा कि सिविल लाइंस समेत शहर के तमाम इलाकों में चाय, पकौड़े, समोसे की दुकानों पर भारी भीड़ रही। तीखी सर्दी के साथ लोगों ने इसका चाय, समोसे के साथ ठंड का लुफ्त उठाया। तमाम ऐसे लोग भी जिन्होंने घर में चाय, पकौड़े का आनंद लिया।
विज्ञापन
शहर व आसपास के इलाकों में घना कोहरे के साथ पूरे दिन ऐसी ठंडी हवा बही कि लोगों का कलेजा कांप गया। ठंडी पछुवा हवाओं के असर से पारा 10.7 डिग्री लुढ़क गया। अधिकतम तापमान में आई इस गिरावट ने ठंड को खतरनाक बना दिया। ठंडक का असर यह रहा कि शहरी अलाव तापते रहे या दिन भर घरों में रजाई में दुबके रहे। महज वहीं लोग सड़कों पर दिखे जिन्हें नौकरी करने जाना पड़ा या विशेष परिस्थितियों में ही घर से निकलना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री व न्यूनतम 10.4 डिग्री दर्ज किया गया। जो एक दिन पहले अधिक तम24.3 और न्यूनतम 9.4 डिग्री था।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएस ओझा के मुताबिक मौसम का बदला मिजाज एयर ड्रैनेज का नतीजा है। धरातल के साथ बह रही ठंडी पछुवा हवाओं ने जहां गलन बढ़ा दी वहीं नम पुरवइया से घना कोहरा बन रहा है। दिन और रात के तापमान के कम अंतर से ठंड को और खतरनाक बना दिया है। बकौल प्रो. ओझा मौसम का यही मिजाज अगले दो से तीन दिन देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
ठंड ने माघ मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों की मुसीबत बढ़ा दी। मेला क्षेत्र में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ कल्पवासियों ने अपने स्तर पर कैंपों में अलाव जलाने की व्यवस्था की, लेकिन ज्यादातर कड़कड़ाती ठंड से परेशान रहे। मौसम के अचानक बदले मिजाज के चलते मेला क्षेत्र में लकड़ी के कारोबारियों ने दाम बढ़ा दिए ।
तेज सर्दी ने राहगीरों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। फैशनेबल युवा सेहत का ख्याल नहीं करते। शाम लौटते वक्त ज्यादातर को बिना सिर, काम ढंके तेज बाइक चलाते देखा जा सकता है। उन पर सर्द हवाओं का ऐसा हमला हुआ कि बाइक लेकर उल्टे भाग खड़े हुए। ठंड के चलते सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति कुछ कम ही रही। कई अफसरों ने कार्यालय अवधि में हीटर जलवाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश की।
जबरदस्त सर्दी का असर यह रहा कि सिविल लाइंस समेत शहर के तमाम इलाकों में चाय, पकौड़े, समोसे की दुकानों पर भारी भीड़ रही। तीखी सर्दी के साथ लोगों ने इसका चाय, समोसे के साथ ठंड का लुफ्त उठाया। तमाम ऐसे लोग भी जिन्होंने घर में चाय, पकौड़े का आनंद लिया।