प्रयागराज : पांच माह से सिटी बसें बंद, मनमाना किराया भरने को मजबूर लोग
संगम नगरी में डीजल चलित सिटी बसें बंद होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी विश्वविद्यालय एवं स्कूल-कॉलेज और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं को रही है। सिटी बसों के बंद होने से सारा बोझ ई-बसों पर आ गया है।
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शहर में चलने वाली 100 से ज्यादा सिटी बसों के बंद होने के बाद गंगापार और यमुनापार से आने वाले लोगों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है। इन बसों को बंद हुए पांच माह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन प्रयागराज सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड अब तक इन बसों का विकल्प शहरवासियों को नहीं दे सका है। मजबूरी में लोग विक्रम, ऑटो एवं अन्य निजी वाहनों से आवागमन कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें मनमाना किराया भरना पड़ रहा है।
संगम नगरी में डीजल चलित सिटी बसें बंद होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी विश्वविद्यालय एवं स्कूल-कॉलेज और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं को रही है। सिटी बसों के बंद होने से सारा बोझ ई-बसों पर आ गया है। सूबे की सबसे ज्यादा आबादी वाला जिला महज 50 ई-बसों के सहारे है, जबकि फिटेनस खत्म हो जाने की वजह से 119 सिटी बसें पिछले पांच माह से झूंसी स्थित रोडवेज की वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं।
26 रूटों पर होता था सिटी बसाें का संचालन
फरवरी 2023 तक संगम नगरी के 26 रूटों पर 120 सिटी बसों का संचालन हो रहा था। खास बात यह थी कि सिटी बसों का दायरा सिर्फ शहर तक ही नहीं, बल्कि गंगापार और यमुनापार के कई कस्बों एवं बाजारों तक था। एक-एक करके इन सभी बसों का संचालन फिटनेस खत्म हो जाने की वजह से बंद कर दिया गया। आरटीओ ने इन बसों की फिटनेस आगे नहीं बढ़ाई। इस वजह से बाद में यह सभी बसें झूंसी वर्कशॉप में खड़ी हो गईं।
16 फरवरी से प्रदर्शन कर रहे हैं संविदा कर्मी
डीजल चलित सिटी बसों के बंद हो जाने की वजह से 300 से ज्यादा संविदा कर्मियों का रोजगार भी छिन गया। इस वजह से 16 फरवरी 23 से ही संविदा कर्मी झूंसी स्थित रोडवेज की वर्कशॉप में क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। शुक्रवार को उनके आंदोलन का 162वां दिन था। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन को लेकर शाखा अध्यक्ष अंबिकेश जायसवाल ने कहा कि संविदा कर्मी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। जब तक उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संविदा कर्मी अंकित ने बताया कि प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दोनों सांसद एवं कई विधायकों के साथ ही मंडलायुक्त, मेयर, जिलाधिकारी आदि से वह गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली है।
नंदी ने कहा परिवहन मंत्री से करेंगे बात
उधर शहर में 100 से ज्यादा सिटी बसें बंद हो जाने की वजह से लोगों को हो रही दिक्कत के बारे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में वह परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से बात करेंगे। संगम नगरी को जल्द से जल्द और ई-बसें मिलें, इसका पूरा प्रयास किया जाएगा।