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काला घोड़ा शूटआउट में नाम आने के बाद बच्चा पासी बन गया ‘भाई’

Mon, 12 Oct 2020 11:31 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 12 Oct 2020 11:31 AM IST
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Baccha pasi becomes 'BHAI' after being named in black horse shootout
बच्चा पासी - फोटो : अमर उजाला

धूमनगंज निवासी जिस निहाल कुमार उर्फ बच्चा पासी का मकान शनिवार को गिराया गया, उसका पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। लेकिन वह करीब 14 साल पहले मुंबई में हुए काला घोड़ा शूटआउट में नाम आने के बाद चर्चा में आया। बाद में वह अदालत से बरी हुआ, लेकिन तब तक वह छोटा राजन के गुर्गे के तौर पर जाना जाने लगा था। 

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सुलेमसराय से दो बार के पार्षद बच्चा पासी पर पहला मुकदमा धूमनगंज थाने में 2001 में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज हुआ। धूमनगंज थाने में इसी साल दर्ज दूसरे केस में उस पर नशीली दवाओं की तस्करी का आरोप लगा। दो साल बाद सिविल लाइंस थाने में उस पर लगातार दो मुकदमे दर्ज हुए जिनमें से एक में लूट जबकि दूसरे में डकैती का आरोप लगा। इस तरह उस पर दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त लंबी होती गई लेकिन जरायम की दुनिया में वह चर्चित 2006 में हुआ।

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Baccha pasi becomes 'BHAI' after being named in black horse shootout
prayagraj news : धूमनगंज में छोटा राजन के गुर्गे बच्चा पासी का मकान गिराता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj

मुंबई के काला घोड़ा शूट आउट में नाम आने के बाद उसका नाम अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के गुर्गे के तौर पर लिया जाने लगा। इस शूटआउट में उसके साथ ही झूंसी के राजेश यादव व खान मुबारक के भाई जफर का भी नाम आया। लेकिन बाद में अदालत से वह बरी हो गया। बता दें कि अम्तूबर 2006 में मुंबई के कालाघोड़ा इलाके में पेशी पर आए दो बंदियों को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था। जिसे छोटा राजन गैंग का नाम आया था। इसके बाद 2007 में कचहरी लूट व हत्याकांड में भी बच्चा का नाम आया। 

13 साल से पार्षद की कुर्सी पर कब्जा

कचहरी लूटकांड में नाम आने के बाद बच्चा पासी ने राजनीति का रुख किया। 2007 वह साल था था जिसमें पहली बार उसने बसपा से चुनाव लडक़र पार्षदी हथिया ली। 2012 में महिला सीट होने पर उसने अपनी पत्नी रजिता को चुनाव लड़वाया जो भारी मतों से जीतकर पार्षद बनी। 2017 में फिर से बच्चा ने किस्मत आजमाई और लगातार तीसरी बार सीट पर कब्जा जमाया। इस तरह 13 साल से पार्षदी की सीट पर उसने कब्जा बरकरार रखा है। 

Baccha pasi becomes 'BHAI' after being named in black horse shootout
prayagraj news : धूमनगंज में छोटा राजन के गुर्गे बच्चा पासी का मकान गिराता पीडीए का बुलडोजर। - फोटो : prayagraj

पुलिस ने रजिस्टर्ड किया था गैंग

पुलिस ने करीब तीन महीने पहले बच्चा पासी का गैंग पंजीकृत किया। डी-46 नाम से पंजीकृत इस गैंग का लीडर बच्चा को बताया गया। इसमें कुल 15 सदस्य बताए गए। गैंग के दो सदस्यों कौशाम्बी के दिलीप प्रजापति व पीपलगांव के मंजीत कुशवाहा का शस्त्र लाइसेेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी भेजी गई थी। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई को गलत बताते हुए उसकी ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। उसके अधिवक्ता अरुण कुमार मिश्रा का दावा है कि बच्चा पर कुल 24 मुकदमे दर्ज थे जिनमें से 13 में वह बरी हो चुका है। इनमें से दो में तो खुद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई। नौ मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं जिनमेें वह जमानत पर है। उनका यह भी दावा है कि बच्चा के खिलाफ गैंग पंजीकृत करने के दौरान पुलिस रेगुलेशन एक्ट के प्रावधानों का भी उल्लंघन किया गया।
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