Fraud : फर्जी आईएएस व मंत्री का सचिव बनकर ठगी करने के आरोपी पर चार्जशीट, विवेचना में सही मिले आरोप
इसी साल 27 फरवरी को मामला सामने आने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्जकर आरोपी नैना सैमुअल पुथराना को गिरफ्तार किया था। वह वसंत बिहार, ड्रमंड रोड सिविल लाइंस की रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, विवेचना के दौरान इस मामले में कुल 10 लोगों के बयान दर्ज किए गए।
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फर्जी आईएएस और कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल की निजी सचिव बनकर स्कूल में दाखिला कराने के लिए स्कूल प्रबंधन, पुलिस अफसरों, थानेदार पर दबाव और रौब दिखाने वाली निजी शिक्षिका पर चार्जशीट दायर कर दी गई है। विवेचना में उस पर मिले आरोप सही मिले। यह भी तथ्य सामने आया कि वह पहले भी इस तरह से धोखाधड़ी कर चुकी थी।
इसी साल 27 फरवरी को मामला सामने आने के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्जकर आरोपी नैना सैमुअल पुथराना को गिरफ्तार किया था। वह वसंत बिहार, ड्रमंड रोड सिविल लाइंस की रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, विवेचना के दौरान इस मामले में कुल 10 लोगों के बयान दर्ज किए गए।
इनमें से एक एसीपी व एक इंस्पेक्टर भी हैं, जिनके पास महिला ने फोन किया। इसके अलावा सेंट जोसेफ कॉलेज के प्रिंसिपल फादर थॉमस ने भी पुलिस को बताया कि महिला ने कॉलेज में आईएएस बनकर ईमेल की थी और दाखिले का दबाव बनाया था।
आरोपी के खिलाफ जगमल हाता निवासी उस व्यक्ति ने भी बयान दिया, जिसके बच्चे का एडमिशन सेंट जोसेफ कॉलेज में कराने के लिए उसने एक लाख रुपये मांगे थे और 80 हजार रुपये एडवांस लिए थे। गवाहों के बयान व विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उस पर लगे आरोप सही पाए। इससे पहले भी आरोपी खुद को आईएएस बताकर धोखाधड़ी कर चुकी थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
ट्यूशन पढ़ाती थी बच्चे को, पिता से की थी डील
पुलिस की विवेचना में यह बात भी सामने आई है कि महिला उस बच्चे को ट्यूशन पढ़ाती थी, जिसका एडमिशन कराने के लिए उसने एक लाख रुपये मांगे थे। इसके अलावा वह कई अन्य बच्चों को भी अपने घर पर ही ट्यूशन पढ़ाती थी। पीएचडी करने के कारण वह अपने नाम के आगे डॉक्टर भी लगाती है। महिला अपने पति से अलग रहती है और उसका तलाक का केस चल रहा है।
पति के नाम पर लिए गए सिम का करती थी इस्तेमाल
विवेचना के दौरान यह बात भी सामने आई कि महिला आईएएस व मंत्री का निजी सचिव बनकर जिस नंबर से पुलिस अफसरों व अन्य लोगों को फोन करती थी, वह उसके पति के नाम पर था। यह सिम उसके पति के नाम पर लिया गया था। यह बात भी सामने आई कि उसने कॉल व मैसेज करने के साथ ईमेल भी की। इसके लिए nidhipandey.ias 1970@ gmail.com नाम से ईमेल आईडी भी बनाई थी। धौंस जमाने के लिए ही उसने ईमेल आईडी में आईएएस भी लिखा था।