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यूपीपीएससीः एपीएस-2010 पर केंद्रित हुई सीबीआई जांच
Thu, 14 Mar 2019 08:23 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 Mar 2019 08:23 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई की टीम अब भी आयोग में डटी है और पूरी जांच अब एपीएस-2010 की परीक्षा पर केंद्रित हो चुकी है। सीबीआई आयोग में इस परीक्षा से संबंधित कोई न कोई नए दस्तावेज रोज खंगाल रही है। परीक्षा से गड़बड़ी के कई सुराग भी सीबीआई के हाथ लगे हैं। किसी भी दिन बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
इस परीक्षा का आयोजन सपा के कार्यकाल में किया गया था और रिजल्ट की घोषणा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के शासनकाल में की गई। रिजल्ट जारी होने के बाद आयोग ने फर्जी प्रमाणपत्र के कुछ मामले भी पकड़े और जांच के बाद तकरीबन आधा दर्जन चयनितों का अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिया। वहीं, कुछ अन्य मामलों में जांच भी चल रही है। सवाल उठे रहे हैं कि परीक्षा से पहले कंप्यूटर के फर्जी प्रमाणपत्र कैसे स्वीकार कर लिए गए और किस आधार पर परीक्षार्थियों को विभिन्न चरणों में हुई परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई एवं उनका चयन किया गया।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई भी इन्हीं तमाम सवालों का जवाब खोज रही है और उस वक्त परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एपीएस के कुछ चयनितों से भी पूछताछ हुई है और सीबीआई जांच एपीएस-2010 पर केंद्रित हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ियों के तमाम सुराग मिलने के बाद सीबीआई अब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। तेज होती सीबीआई जांच के कारण एपीएस-2010 परीक्षा से जुड़े कर्मचारी और अफसर हड़बड़ाए हुए हैं।
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इस परीक्षा का आयोजन सपा के कार्यकाल में किया गया था और रिजल्ट की घोषणा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के शासनकाल में की गई। रिजल्ट जारी होने के बाद आयोग ने फर्जी प्रमाणपत्र के कुछ मामले भी पकड़े और जांच के बाद तकरीबन आधा दर्जन चयनितों का अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिया। वहीं, कुछ अन्य मामलों में जांच भी चल रही है। सवाल उठे रहे हैं कि परीक्षा से पहले कंप्यूटर के फर्जी प्रमाणपत्र कैसे स्वीकार कर लिए गए और किस आधार पर परीक्षार्थियों को विभिन्न चरणों में हुई परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई एवं उनका चयन किया गया।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई भी इन्हीं तमाम सवालों का जवाब खोज रही है और उस वक्त परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एपीएस के कुछ चयनितों से भी पूछताछ हुई है और सीबीआई जांच एपीएस-2010 पर केंद्रित हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ियों के तमाम सुराग मिलने के बाद सीबीआई अब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। तेज होती सीबीआई जांच के कारण एपीएस-2010 परीक्षा से जुड़े कर्मचारी और अफसर हड़बड़ाए हुए हैं।
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