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आरओ, एआरओ 2016 परीक्षा पेपर लीक में सीबीसीआईडी ने दर्ज किया बयान
Wed, 27 Jan 2021 07:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 27 Jan 2021 07:28 PM IST
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uppsc
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी /सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ, एआरओ) परीक्षा 2016 के पेपर आउट के बारे में सीबीसीआईडी एवं विशेष जांच दल ने शिकायतकर्ता प्रतियोगी छात्रों का बयान दर्ज किए। सीबीसीआईडी एवं पुलिस के आईटी सेल ने प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष और शिकायकर्ता अवनीश पाण्डेय एवं दूसरे छात्रों का बयान किया। विशेष जांच दल ने अवनीश से पूछा की प्रश्नपत्र आउट होने के बारे में उन्होनें सबसे पहले कहां शिकायत दर्ज कराई।
अवनीश ने साक्ष्य सहित बताया कि वह पहले परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ, उसके बाद तत्कालीन अध्यक्ष अनिरूद्घ यादव से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपने समर्थन में आयोग के गेटपास की रसीद भी जांच टीम को उपलब्ध कराई। जांच टीम ने सबसे पहले प्रश्नपत्र पाने वाले मऊआइमा के प्रतियोगी जिसके पास प्रश्नपत्र आया था के बारे में बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।
जांच टीम ने उस प्रतियोगी का मोबाइल भी सीहल कर लिया है। आयोग की ओर से 27 नवंबर 2016 को परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के कारण यह विवादों में आई परीक्षा को निरस्त करने के बाद आयोग नए सिरे से परीक्षा करा चुकी है। पेपर लीक प्रकरण में शामिल अभियुक्तों जो बेनकाब करने की जिम्मेदारी शासन की ओर से विशेष जांच दल को दी गई थी। शासन की ओर से पेपर लीक मामले को उजाकर करने का सीबीसीआईडी पर दबाव है।
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अवनीश ने साक्ष्य सहित बताया कि वह पहले परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ, उसके बाद तत्कालीन अध्यक्ष अनिरूद्घ यादव से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपने समर्थन में आयोग के गेटपास की रसीद भी जांच टीम को उपलब्ध कराई। जांच टीम ने सबसे पहले प्रश्नपत्र पाने वाले मऊआइमा के प्रतियोगी जिसके पास प्रश्नपत्र आया था के बारे में बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।
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जांच टीम ने उस प्रतियोगी का मोबाइल भी सीहल कर लिया है। आयोग की ओर से 27 नवंबर 2016 को परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के कारण यह विवादों में आई परीक्षा को निरस्त करने के बाद आयोग नए सिरे से परीक्षा करा चुकी है। पेपर लीक प्रकरण में शामिल अभियुक्तों जो बेनकाब करने की जिम्मेदारी शासन की ओर से विशेष जांच दल को दी गई थी। शासन की ओर से पेपर लीक मामले को उजाकर करने का सीबीसीआईडी पर दबाव है।
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