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ऑडियो वायरल होने के मामले ने पकड़ा तूल

Sat, 13 Apr 2019 12:18 AM IST
विनोद सिंह News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Apr 2019 12:18 AM IST
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case of Audio tape viral became sensational, Politics start.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एक महिला प्रोफेसर और एक महिला लेखक के बीच बातचीत का कथित ऑडियो जारी होने के बाद कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू एक बार फिर चर्चा में हैं और मामला तेजी से मूल पकड़ रहा है। छात्रों ने कुलपति के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान छेड़ दिया है। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने इविवि की गिरती साख को लेकर यूजीसी को पत्र लिखकर इसके लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराया है।
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शुक्रवार को छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में कुलपति के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। बैनर पर विश्वविद्यालय बचाओ का स्लोगन लिखा हुआ था और यह भी लिखा कि नो क्लास-नो फीस, नो रैंकिंग-नो फीस, नो हॉस्टल-नो फीस, नो हॉस्पिटल-नो फीस। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कुलपति के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में भागीदारी की। छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने कहा कि कुलपति प्रो. हांगलू के कार्यकाल में इविवि की एनआईआरएफ रैंकिंग लगातार गिरी और विश्वविद्यालय के टॉप 200 शिक्षण संस्थानों की सूची से भी बाहर हो चुका है। नैक ग्रेडिंग में भी विश्वविद्यालय को तगड़ा झटका लगा है। पूर्व में कुलपति को एक महिला लेखिका बीच आपत्तिजनक बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। अब इविवि की एक महिला प्रोफेसर और उस महिला लेखिका के बीच का ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें कुलपति पर तमाम गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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उधर, छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ने भी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय के बिगड़ते हालात के लिए कुलपति प्रो. हांगलू को जिम्मेदार बताया है। ऋचा ने शिक्षक भर्ती में धांधली का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया है कि कि कुलपति पद का दुरुपयोग करते हुए शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपने गलत कार्यों एवं फैसलों पर साथ देने के लिए मजबूर करते हैं। मना करने पर निलंबन और निष्कासन किया जाता है। वहीं, छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह ने भी मंत्रालय को शिकायत भेजकर कहा है कि विश्वविद्यालय के फोटोग्राफी विभाग में प्रवेश रोक दिया गया है और इसके लिए कुलपति जिम्मेदार हैं। ऐसे ही विभागों पर ताला लगता रहा तो विश्वविद्यालय की हालात और बदतर हो जाएंगे।
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कुलपति के समर्थन में उतरे हिंदी विभाग के शिक्षक
इविवि के हिंदी विभाग में शुक्रवार को हुई बैठक में शिक्षकों ने कहा कि वायरल ऑडियो में विभाग की महिला प्रोफेसर ने विभाग के शिक्षकों एवं कुलपति पर अमर्यादित टिप्पणी की है। इससे इविवि और कुलपति की छवि धूमिल हुई है। शिक्षकों ने इस मसले पर ऑटा की बैठक बुलाने की मांग की है। शिक्षकों की बैठक में प्रो. चंदा देवी, डॉ. राजेश गर्ग, डॉ. चितरंजन कुमार, डॉ. राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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