Prayagraj : महाकुंभ मेले में बिछड़े लोगों को मिलाएंगे ब्रह्मा, विष्णु और महेश, लगाई जाएगी डेकोरेटिव लाइट
मेला क्षेत्र में बिजली पूर्ति के लिए लगभग 50 हजार पोल लगने हैं। वर्तमान में करीब 9500 पोल लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा दो बिजली घर भी तैयार हो गया है। अरैल की तरफ लाइट भी जगमग होने लगी है। महाकुंभ में लगभग 30 करोड़ रुपये के मूल्य के बिजली खपत होने का अनुमान है।
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महाकुंभ मेले में बिछड़े हुए लोगों को ब्रह्मा, विष्णु और महेश मिलाएंगे। इसके लिए विद्युत विभाग की ओर से मेला क्षेत्र के तीन प्रमुख मार्गाें काली, त्रिवेणी और लाल सड़क पर डेकोरेटिव पोल और डिजाइनर लाइट लगाई जाएगी। इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश के चित्र की लाइटों को इनबिल्ट किया जाएगा। जिसे देखकर मेले में बिछड़े हुए लोग आसानी से अपनों से मिल सकेंगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में लाइटिंग की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पिछले दिनों डेकोरेटिव पोल पर भगवान शिव के त्रिशूल, ब्रह्मा, विष्णु और महेश की लाइटिंग लगाकर ट्रायल किया गया था।
इसे अब मंजूरी दे दी गई है। मेला क्षेत्र के तीनों प्रमुख मार्ग पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश के चित्र की लाइटिंग करवाई जाएगी। मेरठ की कंपनी 3.35 करोड़ रुपये से इस काम को 10 दिसंबर तक पूरा करेगी।भगवान शिव के त्रिशूल पर भी खास लाइटिंग की जाएगी। विष्णु के पोल वाली स्ट्रीट लाइट में शंख भी लगाया जाएगा। वहीं, ब्रह्माजी के स्ट्रीट पोल में कमल का चित्र भी बनाया जाएगा। इस लाइटिंग से श्रद्धालुओं के लापता होने पर तुरंत मिलने और त्रिदेव के दर्शन भी हो सकेंगे।
लगाए जा चुके हैं 9500 पोल
मेला क्षेत्र में बिजली पूर्ति के लिए लगभग 50 हजार पोल लगने हैं। वर्तमान में करीब 9500 पोल लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा दो बिजली घर भी तैयार हो गया है। अरैल की तरफ लाइट भी जगमग होने लगी है। महाकुंभ में लगभग 30 करोड़ रुपये के मूल्य के बिजली खपत होने का अनुमान है।
13 बिजली घरों से होगी आपूर्ति
अधिकारियों ने बताया कि मेला क्षेत्र में लगभग पौने चार करोड़ यूनिट बिजली खपत होने का अनुमान है। जिले के 13 बिजली घरों से मेले में आपूर्ति की जाएगी। इनमें दारागंज, बमरौली, फाफामऊ, जार्जटाउन, करेली आदि शामिल हैं। सर्दी अधिक होने से आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
मेला क्षेत्र के तीनों प्रमुख मार्गों पर डेकोरेटिव पोल लगाए जाएंगे। इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश के चित्र की लाइटों को इनबिल्ट किया जाएगा। इससे सौंदर्यीकरण तो होगा ही साथ ही किसी के बिछड़ने पर उसे आसानी से तलाश भी जा सकेगा। - मनोज गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, महाकुंभ