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डिजिटल होने के साथ पुस्तकों से जुड़ाव भी जरूरी
Wed, 06 Nov 2019 01:39 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 01:39 AM IST
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Books are very necessary in digital edge
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प्रयागराज की उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में मंगलवार को ‘एक्सेसिंग डिजिटल लाइब्रेरी रिसोर्सेज’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. केएन सिंह ने शिक्षकों का आह्वान किया कि पढ़ो इंडिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए लाइब्रेरी में पुस्तकों के बीच अपना कुछ समय अवश्य दें। डिजिटल होने के साथ पुस्तकों से जुड़ाव भी बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर सूचना क्रांति का है। बदले समय तक के साथ खुद को भी बदलना पड़ेगा। कहा कि डिजिटल क्रांति का दौर में सबसे अधिक लाभ शिक्षकों को मिलेगा। वे अन्य विश्वविद्यालयों, लोक सेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग आदि के कंटेंट को देखकर विभिन्न विषयों के सेलेबस को अपडेट कर सकेंगे।
कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन एवं संचालन कर रहे डॉ. राम जनम मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विश्व की महत्वपूर्ण डिजिटल लाइब्रेरीज उपलब्ध हैं। उन्होंने ई-पीजी पाठशाला, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, स्वयं, स्वयंप्रभा, वल्ड डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य स्नोतों के बारे में जानकारी दी। विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. आशुतोष गुप्ता ने कार्यशाला के बारे में बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रेम प्रकाश दुबे ने किया।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर सूचना क्रांति का है। बदले समय तक के साथ खुद को भी बदलना पड़ेगा। कहा कि डिजिटल क्रांति का दौर में सबसे अधिक लाभ शिक्षकों को मिलेगा। वे अन्य विश्वविद्यालयों, लोक सेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग आदि के कंटेंट को देखकर विभिन्न विषयों के सेलेबस को अपडेट कर सकेंगे।
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कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन एवं संचालन कर रहे डॉ. राम जनम मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विश्व की महत्वपूर्ण डिजिटल लाइब्रेरीज उपलब्ध हैं। उन्होंने ई-पीजी पाठशाला, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, स्वयं, स्वयंप्रभा, वल्ड डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य स्नोतों के बारे में जानकारी दी। विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. आशुतोष गुप्ता ने कार्यशाला के बारे में बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रेम प्रकाश दुबे ने किया।
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