{"_id":"5b3534844f1c1b2b428b741f","slug":"blessed-devotees-of-lord-jagannath-s-vrishabha-shobhayatra","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान जगन्नाथ की विश्राम शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान जगन्नाथ की विश्राम शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलाभिषेक के बाद बृहस्पतिवार की शाम निकली भगवान जगन्नाथ की विश्राम शोभायात्रा में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त और भगवान के प्रेम की बानगी देखते बनी। हाथी, घोड़े संग निकली इस शोभायात्रा में ध्वजा, पताका, बाजेगाजे के साथ पुरुषों संग महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इसी के साथ मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ भक्तों के प्रेम में अत्यधिक नहाने की वजह से बीमार पड़ गए। देर शाम भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा आर्य भवन पहुंची। वहां पखवारे भर विश्राम के बाद वह 12 जुलाई को स्वस्थ होंगे। 13 जुलाई को रथारूढ़ होकर भगवान भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे और सड़कों पर भक्तिभाव का मेला गुलजार हो जाएगा।
बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे विद्या गौरी वाटिका स्थित जगन्नाथ मंदिर में षोडशोपचार विधि से पूजन और शृंगार के बाद भगवान का जलाभिषेक शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक लगातार जलाभिषेक चला। शाम पांच बजे जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से सविधि पूजा के बाद सोलह शृंगार कर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रथारूढ़ कराया गया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता ने नारियल फोड़ कर रस्सी खींच कर रथ को आगे बढ़ाया। इसी के शोभायात्रा मंदिर से रवाना हुई। सबसे आगे झंडा गाड़ी, पताका और अलग-अलग बैंडबाजा चल रहे थे। भगवान गणेश की सवारी के पीछे हाथी, घोड़ों पर राजाओं के अलावा संतरी, चोबदार, भगवान गरुण की सवारी, चांदी के रथ पर राधा-कृष्ण, भगवान विष्णु-लक्ष्मी की नयनाभिराम झांकियां आकर्षण का केंद्र बन गई।
सड़कों की पटरियों पर जगह-जगह बाद शोभायात्रा की झलक पाने के लिए भीड़ लगदी रही। आर्य भवन में भगवान केपहुंचने के बाद मंदिर के कपाट पखवारे भर के लिए बंद कर दिए गए। समिति के संयोजक वसंत लाल आजाद ने बताया कि भगवान के विश्राम में जाने के साथ ही पखवारे भर के लिए दर्शन, पूजन स्थगित कर दिया गया है। इस अवधि में भगवान को स्वस्थ करने के लिए मलाई, तुलसी दल के अलावा अन्य फलों के रसों का भोग लगाया जाता रहेगा। जगन्नाथ जी महोत्सव समिति के संयोजक वसंत लाल आजाद ने बताया कि 12 जुलाई को औषधीय काढ़े का भोग लगने के बाद भगवान स्वस्थ होंगे। 13 जुलाई को सपरिवार रथारूढ़ होकर वह निकलेंगे। शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता, जयराम गुप्ता, प्रीति रावत, कुसुमलता गुप्ता, इंद्राणी मालवीय, निर्मला गुप्ता, उमा गुप्ता, त्रिलोकी केसरवानी, राजेश वैश्य, श्रीनाथ जायसवाल, विजय वैश्य, गोपाल जी स्वर्णकार, कैलाश चंद्र केसरवानी, रंजना वर्मा, मधुसूदन निषाद, अशोक सिंह, रजत कसेरा, धमेंद्र केसरवानी, मीना देवी समेत समिति के कई सदस्य शामिल थे।
विज्ञापन
प्रयाग में भगवान जगन्नाथ बृहस्पतिवार को भक्तों के प्रेम में अत्याधिक नहाकर बीमार पड़ गए। तरह-तरह के काढ़ा और फलों, व्यंजनों के भोग से वह 12 जुलाई को स्वस्थ होंगे और 13 जुलाई को रथयात्रा के मेले में भगवान जगन्नाथ सुसज्जित रथ पर श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे। इसी के साथ जीरो रोड, एसी बासु रोड, मान सरोवर चौराहा, सुलाकी चौराहा, बहादुरगंज, मुट्ठीगंज, हटिया से लेकर मालवीय नगर तक सड़कों की पटरियों पर आस्था का मेला लग जाएगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे विद्या गौरी वाटिका स्थित जगन्नाथ मंदिर में षोडशोपचार विधि से पूजन और शृंगार के बाद भगवान का जलाभिषेक शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक लगातार जलाभिषेक चला। शाम पांच बजे जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से सविधि पूजा के बाद सोलह शृंगार कर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रथारूढ़ कराया गया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता ने नारियल फोड़ कर रस्सी खींच कर रथ को आगे बढ़ाया। इसी के शोभायात्रा मंदिर से रवाना हुई। सबसे आगे झंडा गाड़ी, पताका और अलग-अलग बैंडबाजा चल रहे थे। भगवान गणेश की सवारी के पीछे हाथी, घोड़ों पर राजाओं के अलावा संतरी, चोबदार, भगवान गरुण की सवारी, चांदी के रथ पर राधा-कृष्ण, भगवान विष्णु-लक्ष्मी की नयनाभिराम झांकियां आकर्षण का केंद्र बन गई।
विज्ञापन
सड़कों की पटरियों पर जगह-जगह बाद शोभायात्रा की झलक पाने के लिए भीड़ लगदी रही। आर्य भवन में भगवान केपहुंचने के बाद मंदिर के कपाट पखवारे भर के लिए बंद कर दिए गए। समिति के संयोजक वसंत लाल आजाद ने बताया कि भगवान के विश्राम में जाने के साथ ही पखवारे भर के लिए दर्शन, पूजन स्थगित कर दिया गया है। इस अवधि में भगवान को स्वस्थ करने के लिए मलाई, तुलसी दल के अलावा अन्य फलों के रसों का भोग लगाया जाता रहेगा। जगन्नाथ जी महोत्सव समिति के संयोजक वसंत लाल आजाद ने बताया कि 12 जुलाई को औषधीय काढ़े का भोग लगने के बाद भगवान स्वस्थ होंगे। 13 जुलाई को सपरिवार रथारूढ़ होकर वह निकलेंगे। शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता, जयराम गुप्ता, प्रीति रावत, कुसुमलता गुप्ता, इंद्राणी मालवीय, निर्मला गुप्ता, उमा गुप्ता, त्रिलोकी केसरवानी, राजेश वैश्य, श्रीनाथ जायसवाल, विजय वैश्य, गोपाल जी स्वर्णकार, कैलाश चंद्र केसरवानी, रंजना वर्मा, मधुसूदन निषाद, अशोक सिंह, रजत कसेरा, धमेंद्र केसरवानी, मीना देवी समेत समिति के कई सदस्य शामिल थे।
विज्ञापन
प्रयाग में भगवान जगन्नाथ बृहस्पतिवार को भक्तों के प्रेम में अत्याधिक नहाकर बीमार पड़ गए। तरह-तरह के काढ़ा और फलों, व्यंजनों के भोग से वह 12 जुलाई को स्वस्थ होंगे और 13 जुलाई को रथयात्रा के मेले में भगवान जगन्नाथ सुसज्जित रथ पर श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे। इसी के साथ जीरो रोड, एसी बासु रोड, मान सरोवर चौराहा, सुलाकी चौराहा, बहादुरगंज, मुट्ठीगंज, हटिया से लेकर मालवीय नगर तक सड़कों की पटरियों पर आस्था का मेला लग जाएगा।