फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Bharti Bhawan library becomes a slaughterhouse of books, books are getting spoiled due to poor maintenance

किताबों की कत्लगाह बना भारती भवन पुस्तकालय, रखरखाव ठीक नहीं होने से किताबें हो रहीं खराब

Mon, 08 Mar 2021 08:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 08 Mar 2021 08:24 PM IST
विज्ञापन
Bharti Bhawan library becomes a slaughterhouse of books, books are getting spoiled due to poor maintenance
prayagraj news : भारती भवन पुस्तकालय। - फोटो : prayagraj

शहर का भारती भवन पुस्तकालय जिसमें कभी पंडित महामना मदन मोहन मालवीय और जवाहर लाल नेहरू जैसी महान विभूतियां ज्ञानार्जन के लिए आती थीं वह आज किताबों की कत्लगाह बना हुआ है। संसाधन नहीं होने से किताबें खराब हो रही हैं। एक दशक से करीब दो लाख अनुदान राशि दी जा रही है। इसे बढ़ाने की सरकार से मांग की गई है।

विज्ञापन


पुस्तकालयाध्यक्ष स्वतंत्र पांडेय बताते हैं कि जिस जगह पर यह भवन है, उस जमीन को ब्रज मोहन लाल भल्ला ने दिया था। साथ ही एक लाख रुपये निर्माण कार्य के लिए भी दिए थे। पुस्तकालय की स्थापना पंडित महामना मदन मोहन मालवीय और बाल कृष्ण भट्ट के संयुक्त प्रयास से हुई थी। यह प्रदेश का सबसे पुराना पुस्तकालय है। ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष पंडित महामना मदन मोहन मालवीय थे।

विज्ञापन

Bharti Bhawan library becomes a slaughterhouse of books, books are getting spoiled due to poor maintenance
prayagraj news : भारती भवन पुस्तकालय। - फोटो : prayagraj

वर्तमान में इनके पौत्र न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय अध्यक्ष हैं। पुस्तकालय में ब्रजमोहन व्यास, पंडित बालकृष्ण भट्ट, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन, केशव देव मालवीय, महादेवी वर्मा, संपूर्णानंद, कमला नेहरू, पंडित जवाहन लाल नेहरू और पंडित महामना मदन मोहन मालवीय जैसी हस्तियां ज्ञानार्जन के लिए आती थीं। इसके अलावा यह पुस्तकालय आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता सेनानियों का केंद्र भी था। चंद्रशेखर आजाद भी यहां आते थे और रणनीति बनाते थे। यहां से पुस्तकें क्रांतिकारियों के पढ़ने के लिए नैनी जेल भेजी जाती थीं। बताते हैं कि दान की किताबों से पुस्तकालय का संचालन शुरू हुआ था।

Bharti Bhawan library becomes a slaughterhouse of books, books are getting spoiled due to poor maintenance
prayagraj news : भारती भवन पुस्तकालय। - फोटो : prayagraj
पुस्तकालयाध्यक्ष ने बताया कि यहां पर करीब 1145 पांडुलिपियां, कुछ ताड़पत्र और तकरीबन 1762 का उत्तरकांड, 1784 का किषकिंधा कांड, आदि ग्रंथ भी हैं। वर्तमान में 61 हजार पुस्तकें हैं। जो वर्तमान में अनदेखी की वजह से धूल फांक रही हैं। करीब 5500 पुस्तकें उर्दू में हैं। रामायण, श्रीमद् भागवत गीता आदि भी उर्दू में हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिवर्ष एक से डेढ़ लाख रुपये की पुस्तकें बतौर भेंट दी जा रही हैं।

एक दशक से पुस्तकालय को 2 लाख रुपये अनुदान राशि दी जा रही है। राशि को 10 लाख किए जाने की सरकार से मांग की गई है। नगर निगम ने भी दो दशक से मदद राशि बंद कर दी। पुस्तकों को सूचीबद्ध करने के लिए पुस्तकालय को कंप्यूटरीकृत करने का काम चल रहा है। पुस्तकालय में जल्द ही वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होगी। 2014 के बाद पुस्तकालय को केंद्रीय सूची में रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed