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हॉस्टल खाली कराने से पहले विश्वविद्यालय में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:58 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों से अवैध कब्जे हटाए जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फरमान के बाद हॉस्टलों में हड़कंप की स्थिति है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जब परीक्षाएं न चल रही हों तभी कार्रवाई की जाए लेकिन बृहस्पतिवार को छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और उन्होंने डीएसडब्ल्यू कार्यालय का घेराव कर दिया। छात्रों ने हंगामा किया तो मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। शाम तक उहापोह की स्थिति बनी रही। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा जिससे वैध अंत:वासियों की परीक्षाएं प्रभावित हों, तब जाकर मामला शांत हुआ।
बृहस्पतिवार को पंत हॉस्टल भी पूरी तरह से खाली करा लिया। ऐसे में छात्रों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि सभी हॉस्टल खाली कराए जाने की तैयारी हो रही है जबकि हाईकोर्ट का आदेश है कि परीक्षाएं न चल रहीं हों तो सभी हॉस्टल 30 अप्रैल तक पूरी तरह से खाली करा लिए जाएं ताकि अवैध अंत:वासी बाहर हो जाएं और 30 जून तक हॉस्टल के कमरों को नए सिरे से आवंटन कर दिया जाए। ऐसे में जो वैध अंत:वासी हैं, वे हॉस्टल में ही रह जाएंगे और नए छात्रों को भी कमरों पर कब्जा मिल जाएगा। इस मसले पर विश्वविद्यालय प्रशासन अभी कार्ययोजना ही तैयार कर रहा था कि इस बीच छात्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी हॉस्टल खाली कराने जा रहा है। सभी हॉस्टल के छात्र और एक हॉस्टल की छात्राएं डीएसडब्ल्यू दफ्तर पहुंच गए। वहां हंगामा शुरू हो गया।
छात्राओं का कहना था कि स्नातक की परीक्षाएं चल रही हैं और आईएएस-पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा का कार्यक्रम भी निर्धारित है। ऐसे में परीक्षाओं के बाद कार्रवाई की जाए। दोपहर 12 बजे के आसपास हुई वार्ता के दौरान प्रॉक्टर रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू आरकेपी सिंह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि शाम चार बजे बैठक होगी और इसके बार स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी जाएगी। शाम पांच बजे उनकी छात्रों के साथ दोबारा वार्ता हुई। छात्रों को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही जिला प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी और इसके बाद ही हॉस्टलों को खाली कराए जाने पर निर्णय होगा। छात्रों को भरोसा दिलाया गया कि किसी भी सूरत में छात्रावासों के वैध अंत:वासियों की परीक्षाएं प्रभावित नहीं होंगी। बैठक के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया गया।
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बृहस्पतिवार को पंत हॉस्टल भी पूरी तरह से खाली करा लिया। ऐसे में छात्रों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि सभी हॉस्टल खाली कराए जाने की तैयारी हो रही है जबकि हाईकोर्ट का आदेश है कि परीक्षाएं न चल रहीं हों तो सभी हॉस्टल 30 अप्रैल तक पूरी तरह से खाली करा लिए जाएं ताकि अवैध अंत:वासी बाहर हो जाएं और 30 जून तक हॉस्टल के कमरों को नए सिरे से आवंटन कर दिया जाए। ऐसे में जो वैध अंत:वासी हैं, वे हॉस्टल में ही रह जाएंगे और नए छात्रों को भी कमरों पर कब्जा मिल जाएगा। इस मसले पर विश्वविद्यालय प्रशासन अभी कार्ययोजना ही तैयार कर रहा था कि इस बीच छात्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी हॉस्टल खाली कराने जा रहा है। सभी हॉस्टल के छात्र और एक हॉस्टल की छात्राएं डीएसडब्ल्यू दफ्तर पहुंच गए। वहां हंगामा शुरू हो गया।
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छात्राओं का कहना था कि स्नातक की परीक्षाएं चल रही हैं और आईएएस-पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा का कार्यक्रम भी निर्धारित है। ऐसे में परीक्षाओं के बाद कार्रवाई की जाए। दोपहर 12 बजे के आसपास हुई वार्ता के दौरान प्रॉक्टर रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू आरकेपी सिंह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि शाम चार बजे बैठक होगी और इसके बार स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी जाएगी। शाम पांच बजे उनकी छात्रों के साथ दोबारा वार्ता हुई। छात्रों को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही जिला प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी और इसके बाद ही हॉस्टलों को खाली कराए जाने पर निर्णय होगा। छात्रों को भरोसा दिलाया गया कि किसी भी सूरत में छात्रावासों के वैध अंत:वासियों की परीक्षाएं प्रभावित नहीं होंगी। बैठक के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया गया।
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