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बापू को ‘अंतिम प्रणाम’ के लिए उमडे़ थे शहरी
सुरभि गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 30 Jan 2017 02:24 AM IST
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
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बापू का अस्थिकलश जब 12 फरवरी 1948 को इलाहाबाद पहुंचा तो पूरा शहर उन्हें ‘अंतिम प्रणाम’ करने के लिए उमड़ पड़ा था। अश्रुपूरित नेत्रों से श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए शहरियों का तांता लगा हुआ था। रेलवे स्टेशन से फूलों से सजी गाड़ी में उनका अस्थि कलश संगम ले जाया गया। कंपनी बाग में बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़े हुजूम में बच्चे, बूढ़े, महिला, पुरुष सभी शामिल थे। छोटे बच्चे अंतिम दर्शन के लिए अपने पिता के कंधे पर सवार थे।
संगम तक निकली अस्थिकलश यात्रा में गाड़ी के आगे तत्कालीन प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू के साथ ही कई राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ीं हस्तियां भी शामिल थीं। गाड़ी के पीछे-पीछे लोगों का हुजूम चला। अस्थिकलश का दर्शन करते हुए लोगों की आंखें नम रहीं।
सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने दांडी, गुजरात के समुद्र तट पर नमक तैयार किया था। बापू द्वारा तैयार नमक की कुछ मात्रा इलाहाबाद भी लाई गई थी। 13 अप्रैल 1930 में यहां पर इस नमक की नीलामी हुई जिसे एसके धर और उनके दोस्तों ने 600 में खरीदा था। इलाहाबाद संग्रहालय की गांधी गैलरी में यह नमक अब तक सहेज कर रखा गया है। गैलरी इंचार्ज सुनील गुप्ता ने बताया कि इसे प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने संग्रहालय को भेंट किया था।
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इलाहाबाद संग्रहालय की गांधी वीथिका में महात्मा गांधी से जुड़ी चीजों को सहेज कर रखा गया है। इसमें बचपन से लेकर अंतिम यात्रा तक की यादें शामिल हैं। संग्रहालय निदेशक राजेश पुरोहित ने बताया कि गैलरी में बापू के लिखे पत्र, गांधी वॉच के साथ ही अति दुर्लभ चित्र प्रदर्शित हैं। इन चित्रों में गांधी जी के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन की छवियां दिखती हैं।
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संगम तक निकली अस्थिकलश यात्रा में गाड़ी के आगे तत्कालीन प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू के साथ ही कई राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ीं हस्तियां भी शामिल थीं। गाड़ी के पीछे-पीछे लोगों का हुजूम चला। अस्थिकलश का दर्शन करते हुए लोगों की आंखें नम रहीं।
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने दांडी, गुजरात के समुद्र तट पर नमक तैयार किया था। बापू द्वारा तैयार नमक की कुछ मात्रा इलाहाबाद भी लाई गई थी। 13 अप्रैल 1930 में यहां पर इस नमक की नीलामी हुई जिसे एसके धर और उनके दोस्तों ने 600 में खरीदा था। इलाहाबाद संग्रहालय की गांधी गैलरी में यह नमक अब तक सहेज कर रखा गया है। गैलरी इंचार्ज सुनील गुप्ता ने बताया कि इसे प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने संग्रहालय को भेंट किया था।
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इलाहाबाद संग्रहालय की गांधी वीथिका में महात्मा गांधी से जुड़ी चीजों को सहेज कर रखा गया है। इसमें बचपन से लेकर अंतिम यात्रा तक की यादें शामिल हैं। संग्रहालय निदेशक राजेश पुरोहित ने बताया कि गैलरी में बापू के लिखे पत्र, गांधी वॉच के साथ ही अति दुर्लभ चित्र प्रदर्शित हैं। इन चित्रों में गांधी जी के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन की छवियां दिखती हैं।