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आजम खां और बेटे ने कोर्ट में किया सरेंडर, दोनों को मिली जमानत
Thu, 10 Jan 2019 11:26 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 10 Jan 2019 11:26 PM IST
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सड़क पर धरना देकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री और सपा विधायक मो. आजम खां और उनके बेटे विधायक मो. अब्दुल्ला ने स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में सरेंडर कर दिया। स्पेशल कोर्ट ने दोनों को एनबीडब्ल्यू जारी किया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली और जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की। आजम का पक्ष अधिवक्ता इमरान उल्ला और एसए नसीम गुडडू ने रखा। घटना दो जनवरी 2008 की मुरादाबाद के हजलैट थाने की है।
आरोप है कि सपा नेता आजम खां काला शीशा लगी पजेरो गाड़ी से जा रहे थे। गाड़ी उनके विधायक पुत्र मो. अब्दुल्ला चला रहे थे। वाहन जांच के दौरान उन्हें रोका गया तो आजम खां ने अपने को मंत्री बता कर धमकी दी और सड़क पर बैठ गए।
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अपने समर्थकों को भी बुला लिया था। कहा था कि गाड़ी में आग लगा दूंगा, जिससे पूरा प्रदेश जल उठेगा। साथ ही सरकार विरोधी भाषण देने लगे थे। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान हाजिर न होने पर कोर्ट ने दोनों लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया था।
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जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की। आजम का पक्ष अधिवक्ता इमरान उल्ला और एसए नसीम गुडडू ने रखा। घटना दो जनवरी 2008 की मुरादाबाद के हजलैट थाने की है।
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आरोप है कि सपा नेता आजम खां काला शीशा लगी पजेरो गाड़ी से जा रहे थे। गाड़ी उनके विधायक पुत्र मो. अब्दुल्ला चला रहे थे। वाहन जांच के दौरान उन्हें रोका गया तो आजम खां ने अपने को मंत्री बता कर धमकी दी और सड़क पर बैठ गए।
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अपने समर्थकों को भी बुला लिया था। कहा था कि गाड़ी में आग लगा दूंगा, जिससे पूरा प्रदेश जल उठेगा। साथ ही सरकार विरोधी भाषण देने लगे थे। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान हाजिर न होने पर कोर्ट ने दोनों लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया था।
बृहस्पतिवार को कोर्ट में पिता-पुत्र ने सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश कर कहा कि उन्हें राजनीतिक कारण से झूठा फंसाया गया है। घटना से उनका कोई सरोकार नहीं है।
जमानत की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता कमरूल हसन सिददीकी, विनोद चंद दुबे, इफ्तेखार अहमद, बाबूराम यादव, और गोलू यादव सहित सपा के समर्थक मौजूद रहे।
जमानत की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता कमरूल हसन सिददीकी, विनोद चंद दुबे, इफ्तेखार अहमद, बाबूराम यादव, और गोलू यादव सहित सपा के समर्थक मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री नारद राय ने किया सरेंडर, मिली जमानत
आचार संहिता उल्लंघन सहित तीन मुकदमों में पूर्व मंत्री नारद राय ने स्पेशल कोर्ट में बृहस्पतिवार को सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली और जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अधिवक्ता पवन कुमार मिश्र और रजनीश पांडेय को सुनकर दिया है।
घटना 31 जनवरी 2017 की बलिया के कोतवाली थाने की है। वादी पशुधन अधिकारी अनिल कुमार प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि चुनाव के दौरान बिना अनुमति के चार पहिया वाहन, बाइक, बैंड बाजा और झंडों का प्रयोग कर जुलूस निकाला था। पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। कोतवाली थाने में ही पुलिस ने दो फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप है कि एक चैनल के कार्यक्रम में नारद राय ने उत्तेजित होकर नारेबाजी की थी। कोतवाली थाने में ही 21 सितंबर 2009 की घटना में पुलिस ने मानहानि की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि सपा के धरना प्रदर्शन में अम्बिका चौधरी और नारद राय ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था।
पूर्व विधायक के खिलाफ वारंट
आचार संहिता उल्लंघन के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने गैर हाजिर रहने पर पूर्व विधायक ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, जावेद इकबाल और परशुराम मिश्र के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है। घटना नौ फरवरी 2017 की कुशीनगर के कोतवाली पड़रौना थाने की है। आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, सपा के ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, बसपा के जावेद इकबाल और निर्दल परसुराम मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
घटना 31 जनवरी 2017 की बलिया के कोतवाली थाने की है। वादी पशुधन अधिकारी अनिल कुमार प्रसाद ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि चुनाव के दौरान बिना अनुमति के चार पहिया वाहन, बाइक, बैंड बाजा और झंडों का प्रयोग कर जुलूस निकाला था। पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। कोतवाली थाने में ही पुलिस ने दो फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप है कि एक चैनल के कार्यक्रम में नारद राय ने उत्तेजित होकर नारेबाजी की थी। कोतवाली थाने में ही 21 सितंबर 2009 की घटना में पुलिस ने मानहानि की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि सपा के धरना प्रदर्शन में अम्बिका चौधरी और नारद राय ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था।
पूर्व विधायक के खिलाफ वारंट
आचार संहिता उल्लंघन के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने गैर हाजिर रहने पर पूर्व विधायक ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, जावेद इकबाल और परशुराम मिश्र के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है। घटना नौ फरवरी 2017 की कुशीनगर के कोतवाली पड़रौना थाने की है। आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, सपा के ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, बसपा के जावेद इकबाल और निर्दल परसुराम मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।