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हांगलू के करीबियों ने लटकाया कुलपति का चयन

Thu, 19 Mar 2020 10:04 PM IST
Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Mar 2020 10:04 PM IST
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AU ex VC ratan lal hangloo
allahabad university - फोटो : प्रयागराज
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  •  पूर्व ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री ने एमएचआरडी के उप सचिव पर साधा निशाना
  •  कहा, एक दिन में 600 किमी यात्रा करने वाले प्रो. खेत्रपाल के स्वास्थ्य पर सवाल उठाना गलत

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी के दो सदस्यों के मनोनयन पर सवाल उठाने वाले ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसवेक दुबे और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के उप सचिव सूरत सिंह पर पूर्व ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री ने निशाना साधा है। प्रो. शास्त्री का आरोप है कि पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू के करीबी नहीं चाहते हैं कि इविवि के हालात सुधते और वे अब नए विवाद उत्पन्न कर कुलपति की चयन प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं।




प्रो. शास्त्री ने बृहस्पवितार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि सर्च कमेटी के सदस्य प्रो. सीएल खेत्रपाल का नियमों के तहत किया गया है। आरोप लगाया कि प्रो. खेत्रपाल के चयन पर सवाल उठाने वाले ऑटा अध्यक्ष पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू के करीबियों में शुमार थे और हांगलू की गैरमौजूदगी के बावजूद उनका भ्रष्ट तंत्र विश्वविद्यालय में अब भी सक्रिय है। प्रो. रामसेवक दुबे की शिकायत पर एमएचआरडी के उप सचिव सूरत सिंह की ओर से इविवि प्रशासन को जारी पत्र पर भी प्रो. शास्त्री ने सवाल उठाए हैं।

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प्रो. शास्त्री का आरोप है कि प्रो. हांगलू के भ्रष्टाचार पर चार वर्षों तक जो लोग पर्दा डालने का काम करते रहे, उनमें सूरत सिंह भी शामिल हैं। सूरत सिंह ने अपने पत्र में सर्च कमेटी के सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पिछले दिनों प्रो. खेत्रपाल ने भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में गुजरात के पांच कैंपसों का निरीक्षण किया और इस दौरान उन्होंने एक दिन में 600 किमी यात्रा की। इसलिए उनके स्वास्थ्य पर सवाल उठाना भी सूरत सिंह के पत्र पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजेंगे। जरूरत पड़ी तो न्यायालय की शरण में जाएंगे।

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