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क्रेट में चार विषयों में सीटें रह गईं खाली
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AU Admission
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) में इस बार चार विषयों की सीटें खाली रह गईं। वहीं, बॉटनी में 48 सीटों के मुकाबले महज एक अभ्यर्थी ने क्वालीफाई किया। इसके अलावा कई अन्य विषयों में सीटों की संख्या से कम अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया। इन सीटों पर प्रवेश के लिए इविवि प्रशासन को फिर से क्रेट का आयोजन करना पड़ सकता है। इस मुद्दे समेत कई बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है।
इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में 40 विषयों में पीएचडी की 655 सीटों पर प्रवेश के लिए 20 मई को क्रेट का आयोजन किया गया था। क्रेट में शामिल होने के लिए कुल 6671 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें से परीक्षा में 5641 अभ्यर्थी यानी 84.56 फीसदी उपस्थित रहे जबकि 1030 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पीएचडी की इविवि में 289 और कॉलेजों में 366 सीटें हैं। इविवि में क्रेट का आयोजन पहली बार यूजीसी रेगुलेशन 2016 के तहत किया जा रहा है, सो लिखित परीक्षा में नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी शामिल होना पड़ा, जबकि इससे पहले उन्हें लिखित परीक्षा में शामिल होने से छूट थी।
बदली परिस्थितियों में हुई परीक्षा के परिणाम चौंकाने वाले हैं। गणित की चार सीटों के लिए कोई भी अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक भी हासिल नहीं कर सका। चारों सीटें इलाहाबाद विश्वविद्यालय की हैं। इसके अलावा इविवि में मैटेरियल साइंस की 12 सीटों के लिए भी कोई योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला और सभी सीटें खाली रह गईं। जबकि दो अन्य विषयों की सीटें भी खाली रह गईं।
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वहीं बॉटनी की इविवि में 12, सीएमपी डिग्री कॉलेज में 30 और एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज में छह सीटों के लिए केवल एक अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सका। इसके अलावा अर्थशास्त्र में पीएचडी की आधे से अधिक सीटें रिक्त रह गईं। वहीं, कई अन्य विषयों में भी सीटों से कम संख्या में अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया। यूजीसी के नियमों के तहत ऐसी परिस्थितियों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा दोबारा कराई जा सकती है। सोमवार को इविवि प्रवेश समिति की बैठक में है, जिसमें इस मुद्दे पर निर्णय लिया जा सकता है।
भूगोल का परिणाम जारी
इविवि प्रशासन की ओर से क्रेट में भूगोल विषय का परिणाम भी जारी कर दिया गया है। अन्य सभी विषयों रिजल्ट पहले ही घोषित किया जा चुका था लेकिन भूगोल विषयों की कॉपियां जांचने का काम समय से पूरा न होने के कारण परिणाम फंसा हुआ था। अब भूगोल विषय का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है।
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इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में 40 विषयों में पीएचडी की 655 सीटों पर प्रवेश के लिए 20 मई को क्रेट का आयोजन किया गया था। क्रेट में शामिल होने के लिए कुल 6671 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें से परीक्षा में 5641 अभ्यर्थी यानी 84.56 फीसदी उपस्थित रहे जबकि 1030 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पीएचडी की इविवि में 289 और कॉलेजों में 366 सीटें हैं। इविवि में क्रेट का आयोजन पहली बार यूजीसी रेगुलेशन 2016 के तहत किया जा रहा है, सो लिखित परीक्षा में नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी शामिल होना पड़ा, जबकि इससे पहले उन्हें लिखित परीक्षा में शामिल होने से छूट थी।
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बदली परिस्थितियों में हुई परीक्षा के परिणाम चौंकाने वाले हैं। गणित की चार सीटों के लिए कोई भी अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक भी हासिल नहीं कर सका। चारों सीटें इलाहाबाद विश्वविद्यालय की हैं। इसके अलावा इविवि में मैटेरियल साइंस की 12 सीटों के लिए भी कोई योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला और सभी सीटें खाली रह गईं। जबकि दो अन्य विषयों की सीटें भी खाली रह गईं।
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वहीं बॉटनी की इविवि में 12, सीएमपी डिग्री कॉलेज में 30 और एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज में छह सीटों के लिए केवल एक अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सका। इसके अलावा अर्थशास्त्र में पीएचडी की आधे से अधिक सीटें रिक्त रह गईं। वहीं, कई अन्य विषयों में भी सीटों से कम संख्या में अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया। यूजीसी के नियमों के तहत ऐसी परिस्थितियों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा दोबारा कराई जा सकती है। सोमवार को इविवि प्रवेश समिति की बैठक में है, जिसमें इस मुद्दे पर निर्णय लिया जा सकता है।
भूगोल का परिणाम जारी
इविवि प्रशासन की ओर से क्रेट में भूगोल विषय का परिणाम भी जारी कर दिया गया है। अन्य सभी विषयों रिजल्ट पहले ही घोषित किया जा चुका था लेकिन भूगोल विषयों की कॉपियां जांचने का काम समय से पूरा न होने के कारण परिणाम फंसा हुआ था। अब भूगोल विषय का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है।