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‘एटीएम खोजो मिशन’ पर भटकते रहे शहरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:00 AM IST
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अमूमन छुट्टी के दिन शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। सोमवार को गुरु नानक जयंती पर केंद्र और राज्य सरकार के सभी दफ्तर बंद थे। स्कूलों में भी छुट्टी थी। पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद सोमवार को कई दिनों के अंतराल पर बैंकों में भी छुट्टी थी। इसके बावजूद शहर की सड़कों में वाहन फर्राटा भर रहे थे। रोज की तरह सड़कों पर भीड़भाड़ थी और हर शख्स जल्दी में नजर आ रहा था। दअरसल, शहरियों की यह भीड़ ‘एटीएम खोजो मिशन’ पर निकली थी। शहर में अस्सी फीसदी एटीएम बंद थे या उनमें पैसा खत्म हो गया था। हर कोई भटक रहा था। शहरियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था। दिनभर भटकने के बाद जिसे सफलता मिली, उसे लगा कि कोई बड़ी जंग जीत ली और जिनके हाथ कुछ नहीं आया, वे शाम को थक हारकर घर आकर बैठ गए।
दोपहर एक बजे एजी ऑफिस सत्यनिष्ठा भवन परिसर के बाहर स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकल रहे थे और लाइन में कम से कम एक हजार लोग खड़े थे। हवा में हल्की ठंड थी और धूप अच्छी लग रही थी लेकिन उस वक्त कतार में सबसे पीछे खड़े राजरूपपुर के प्रदीप कुमार पसीने से तरबतर थे। जेब से बार-बार रुमाल निकालकर पसीना पोछ रहे थे। प्रदीप जानते थे कि उनका नंबर आने तक नोट खत्म हो जाएंगे लेकिन पैसे की जरूरत उनकी उम्मीद को बांधे हुए थी। ब्लड प्रेेशर के मरीज प्रदीप ने बताया कि तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन नंबर नहीं आया। घर में जो फुटकर था, वह खत्म हो चुका है। ब्लड प्रेशर की दवा खरीदने तक का पैसा नहीं है। भाई शहर से बाहर रहता है। उससे दवा मंगाई है। अगर एटीएम से पैसा मिल गया तो सबसे पहले दवा खरीदेंगे, क्योंकि प्रदीप को इसकी तत्काल जरूरत थी।
दोपहर दो बजे अल्लापुर स्थित मटियारा रोड पर भी एसबीआई के एटीएम पर लंबी लाइन लगी थी जबकि सामने पीएनबी और एक्सिस बैंक का एटीएम बंद था। पास ही रहने वाले अंबरीश श्रीवास्तव लाइन में काफी पीछे खड़े थे। चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी। अबंरीश के बेटे को वायरल बुखार आ रहा है। घर में जो भी फुटकर था, उससे डॉक्टर की फीस दे दी और दवा खरीद ली। बेटे के लिए दूध और घर के लिए सब्जी खरीदने को उनके पास दस रुपये भी नहीं बचे थे। अबंरीश इस बात से परेशान था कि नंबर आते-आते पैसा खत्म हो गया हो कहां जाएंगे, किससे पैसा मांगेंगे। शहर में हजारों लोग सोमवार को ऐसी ही दिक्कतों से जूझते रहे।
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एटीएम ने नहीं निकले ढाई हजार
- सरकार ने घोषणा की है कि एटीएम से एक बार में ढाई हजार रुपये निकाले जा सकते हैं। सोमवार को जो एटीएम काम कर रहे थे, वहां यह रकम नहीं निकली। लोग सिर्फ दो हजार रुपये ही निकाल सके। बैंक अफसरों ने बताया कि अब तक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है, इसी वजह से दो हजार रुपये ही निकल रहे हैं। मंगलवार को सॉफ्टेवयर अपडेट हो सकता है।
अस्सी फीसदी एटीएम रहे बंद
शहर में जो भी एटीएम खुले थे, वहां यही हाल था। स्थिति इतनी खराब न होती, अगर सभी एटीएम खुले होते। अस्सी फीसदी एटीएम काम ही नहीं कर रहे थे। टैगोर टाउन में एचडीएफसी, पीएनबी, साउथ मलाका में यस बैंक, बहादुरगंज में एचडीएफसी, विवेकानंद मार्ग पर पीएनबी, इंडियन ओवरसीज बैंक, विजया बैंक, सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, मानसरोवर के पास केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक, डीआरएम ऑफिस पर एसबीआई, हाईकोर्ट के पास यस बैंक, इलाहाबाद जंक्शन पर एसबीआई, क्वाइव रोड स्थित विजया बैंक, केनरा बैंक, आंध्रा बैंक, बैरहना स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कीडगंज में बैंक ऑफ बड़ौदा, अटाला गोल चौराहा पर इलाहाबाद बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, पीएनबी समेत शहर के ज्यादातर एटीएम सोमवार को बंद रहे या सुबह ही उनमें पैसा खत्म हो गया। अपने ही पैसे के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाते रहे।
एक से अधिक कार्ड से पैसा निकालने पर हंगामा
- जहां भी एटीएम ख्ुाले थे, वहां लंबी कतार लगी हुई थी। अल्लापुर में एसबीआई के एटीएम के बाहर भी यही माहौल था। लाइन में खड़े हर शख्स का सब्र जवाब दे रहा था। इनमें से कुछ लोग ऐसे थे जो चार से पांच एटीएम कार्ड लेकर पहुंचे थे। एक युवक तो छह कार्ड लेकर पहुंचा और पैसा निकालने लगा। जब उसने चौथे कार्ड का इस्तेमाल किया तो पीछे खड़े लोग भड़क गए। युवक भी उनसे भिड़ गया और हंगामा शुरू हो गया। आसपास मौजूद दूसरे लोगों ने मामला शांत कराया। लोगों ने युवक को चौथे कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने दिया।
डीएम के फरमान का भी असर नहीं
- डीएम संजय कुमार ने रविवार शाम बैंक अफसरों की आपात बैठक बुलाकर फरमान जारी किया था कि सोमवार से शहर के सभी एटीएम 24 घंटे काम करने चाहिए लेकिन बैंकों पर डीएम के निर्देश का कोई असर नहीं दिखा। एटीएम बंद हैं, एटीएम में पैसा खत्म हो गया है, सर्वर ठप हो गया है, ऐसी तमाम शिकायतों से एडीएम सिटी ऑफिस में बनाए गए कंट्रोल रूम का फोन घनघनाता रहा लेकिन शहरियों को राहत नहीं मिली। एडीएम सिटी पुनीत शुक्ल का कहना है कि कंट्रोल रूप में एटीएम बंद होने, पैसा खत्म होने की 20 से अधिक शिकायतें आईं हैं। संबंधित बैंक अफसरों से फोन पर बात की गई। उन्होंने आश्वस्त किया है कि देर शाम तक एटीएम में पैसे डाल दिए जाएंगे और जो एटीएम बंद हैं, उनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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दोपहर एक बजे एजी ऑफिस सत्यनिष्ठा भवन परिसर के बाहर स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकल रहे थे और लाइन में कम से कम एक हजार लोग खड़े थे। हवा में हल्की ठंड थी और धूप अच्छी लग रही थी लेकिन उस वक्त कतार में सबसे पीछे खड़े राजरूपपुर के प्रदीप कुमार पसीने से तरबतर थे। जेब से बार-बार रुमाल निकालकर पसीना पोछ रहे थे। प्रदीप जानते थे कि उनका नंबर आने तक नोट खत्म हो जाएंगे लेकिन पैसे की जरूरत उनकी उम्मीद को बांधे हुए थी। ब्लड प्रेेशर के मरीज प्रदीप ने बताया कि तीन दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन नंबर नहीं आया। घर में जो फुटकर था, वह खत्म हो चुका है। ब्लड प्रेशर की दवा खरीदने तक का पैसा नहीं है। भाई शहर से बाहर रहता है। उससे दवा मंगाई है। अगर एटीएम से पैसा मिल गया तो सबसे पहले दवा खरीदेंगे, क्योंकि प्रदीप को इसकी तत्काल जरूरत थी।
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दोपहर दो बजे अल्लापुर स्थित मटियारा रोड पर भी एसबीआई के एटीएम पर लंबी लाइन लगी थी जबकि सामने पीएनबी और एक्सिस बैंक का एटीएम बंद था। पास ही रहने वाले अंबरीश श्रीवास्तव लाइन में काफी पीछे खड़े थे। चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी। अबंरीश के बेटे को वायरल बुखार आ रहा है। घर में जो भी फुटकर था, उससे डॉक्टर की फीस दे दी और दवा खरीद ली। बेटे के लिए दूध और घर के लिए सब्जी खरीदने को उनके पास दस रुपये भी नहीं बचे थे। अबंरीश इस बात से परेशान था कि नंबर आते-आते पैसा खत्म हो गया हो कहां जाएंगे, किससे पैसा मांगेंगे। शहर में हजारों लोग सोमवार को ऐसी ही दिक्कतों से जूझते रहे।
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एटीएम ने नहीं निकले ढाई हजार
- सरकार ने घोषणा की है कि एटीएम से एक बार में ढाई हजार रुपये निकाले जा सकते हैं। सोमवार को जो एटीएम काम कर रहे थे, वहां यह रकम नहीं निकली। लोग सिर्फ दो हजार रुपये ही निकाल सके। बैंक अफसरों ने बताया कि अब तक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है, इसी वजह से दो हजार रुपये ही निकल रहे हैं। मंगलवार को सॉफ्टेवयर अपडेट हो सकता है।
अस्सी फीसदी एटीएम रहे बंद
शहर में जो भी एटीएम खुले थे, वहां यही हाल था। स्थिति इतनी खराब न होती, अगर सभी एटीएम खुले होते। अस्सी फीसदी एटीएम काम ही नहीं कर रहे थे। टैगोर टाउन में एचडीएफसी, पीएनबी, साउथ मलाका में यस बैंक, बहादुरगंज में एचडीएफसी, विवेकानंद मार्ग पर पीएनबी, इंडियन ओवरसीज बैंक, विजया बैंक, सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, मानसरोवर के पास केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक, डीआरएम ऑफिस पर एसबीआई, हाईकोर्ट के पास यस बैंक, इलाहाबाद जंक्शन पर एसबीआई, क्वाइव रोड स्थित विजया बैंक, केनरा बैंक, आंध्रा बैंक, बैरहना स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कीडगंज में बैंक ऑफ बड़ौदा, अटाला गोल चौराहा पर इलाहाबाद बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, पीएनबी समेत शहर के ज्यादातर एटीएम सोमवार को बंद रहे या सुबह ही उनमें पैसा खत्म हो गया। अपने ही पैसे के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाते रहे।
एक से अधिक कार्ड से पैसा निकालने पर हंगामा
- जहां भी एटीएम ख्ुाले थे, वहां लंबी कतार लगी हुई थी। अल्लापुर में एसबीआई के एटीएम के बाहर भी यही माहौल था। लाइन में खड़े हर शख्स का सब्र जवाब दे रहा था। इनमें से कुछ लोग ऐसे थे जो चार से पांच एटीएम कार्ड लेकर पहुंचे थे। एक युवक तो छह कार्ड लेकर पहुंचा और पैसा निकालने लगा। जब उसने चौथे कार्ड का इस्तेमाल किया तो पीछे खड़े लोग भड़क गए। युवक भी उनसे भिड़ गया और हंगामा शुरू हो गया। आसपास मौजूद दूसरे लोगों ने मामला शांत कराया। लोगों ने युवक को चौथे कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने दिया।
डीएम के फरमान का भी असर नहीं
- डीएम संजय कुमार ने रविवार शाम बैंक अफसरों की आपात बैठक बुलाकर फरमान जारी किया था कि सोमवार से शहर के सभी एटीएम 24 घंटे काम करने चाहिए लेकिन बैंकों पर डीएम के निर्देश का कोई असर नहीं दिखा। एटीएम बंद हैं, एटीएम में पैसा खत्म हो गया है, सर्वर ठप हो गया है, ऐसी तमाम शिकायतों से एडीएम सिटी ऑफिस में बनाए गए कंट्रोल रूम का फोन घनघनाता रहा लेकिन शहरियों को राहत नहीं मिली। एडीएम सिटी पुनीत शुक्ल का कहना है कि कंट्रोल रूप में एटीएम बंद होने, पैसा खत्म होने की 20 से अधिक शिकायतें आईं हैं। संबंधित बैंक अफसरों से फोन पर बात की गई। उन्होंने आश्वस्त किया है कि देर शाम तक एटीएम में पैसे डाल दिए जाएंगे और जो एटीएम बंद हैं, उनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।