Prayagraj : जिस बाल गृह में बंद हैं अतीक के नाबालिग बेटे, वहां से भाग निकला किशोर, 13 दिन बाद बरामद
राजरूपपुर स्थित बालगृह से भागा 12 वर्षीय बालक रविवार को मिल गया। वह हिम्मतगंज में घूमते हुए पकड़ा गया। जिसके बाद उसे फिर आवासित करा दिया गया है। तीन जुलाई को वह बालगृह से भाग निकला था। इसकी सूचना धूमनगंज पुलिस को दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि वह दारागंज का रहने वाला है।
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राजरूपपुर स्थित बाल गृह से एक किशोर के भागने सेे हड़कंप मच गया। बाल गृह पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त है और 24 घंटे पुलिस की निगरानी रहती है बावजूद इसके बालक के भाग जाने से सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बाल गृह में अतीक के दो नाबालिग बेटे अहजम और अबान भी रखे गए हैं। बालक के भागने के बाद परेशान पुलिस को राहत उस समय मिली जब उसे 13 दिन बाद फिर से बरामद कर लिया गया।
राजरूपपुर स्थित बालगृह से भागा 12 वर्षीय बालक रविवार को मिल गया। वह हिम्मतगंज में घूमते हुए पकड़ा गया। जिसके बाद उसे फिर आवासित करा दिया गया है। तीन जुलाई को वह बालगृह से भाग निकला था। इसकी सूचना धूमनगंज पुलिस को दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि वह दारागंज का रहने वाला है। फिलहाल माता-पिता उसे साथ ले जाने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में उसे बालगृह में आवासित कराया गया है। धूमनगंज एसीपी वरुण कुमार ने बताया कि बालक को आवासित करा दिया गया है। सुरक्षा में तैनात जवानों को अलर्ट किया गया है। बता दें कि इसी बालगृह में अतीक के दो नाबालिग बेटे भी आवासित कराए गए हैं।
बंद हैं अतीक के दोनों बेटे
बालक के भागने को लेकर बाल गृह की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां पर पुलिस के 30 जवानों की 24 घंटे ड्यूटी रहती है। सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। रोजाना बच्चों की गिनती की जाती है, बावजूद इसके बच्चों के भागने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बाल गृह में माफिया अतीक अहमद के दोनों बेटे अहजम और अबान को भी रखा गया है।
सुरक्षाकर्मियों और बाल गृह के स्टाफ पर हो सकती है कार्रवाई
बाल गृह से बालक के भागने को लेकर प्रशासन काफी सख्त हो गया है। इस मामले में यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ ही बाल गृह के स्टाफ पर भी कार्रवाई की जा सकती है। पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अतीक के बेटों को यहां रखे जाने के कारण यह बाल गृह काफी संवेदनशील हो गया है और इसकी समय समय पर निगरानी की जाती है। सुरक्षा में इस तरह की चूक से अधिकारी भी सन्न हैं।
50 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता
बाल गृह से बालक के भागने के बाद अधिकारी भी सन्न थे। किसी को इसकी भनक न लगे इसकी पूरी कोशिश की गई। पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी अपने स्तर से बालक के खोजबीन में जुटे रहे। शहर के करीब 50 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद हिम्मतगंज में बच्चे के होने की सूचना मिली। घर-घर तलाशी लेने के बाद बच्चे को उसके दोस्त के यहां से बरामद किया गया। उसको भागने में किसने मदद यह सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि बालक कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। 20 फीट ऊंची दीवारें और दरवाजे पर 24 घंटे की पहरेदारी के बावजूद बालक कैसे भाग निकला यह गंभीर जांच का विषय है।