अतीक-अशरफ हत्याकांड : न्यायिक आयोग की पड़ताल जारी, आज भी कई चश्मदीदों के दर्ज किए जा रहे बयान
बयान लेने और पूछताछ का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। जिन लोगों के बयान बुधवार को नहीं हो सके थे उन्हे गुरुवार को बुलाया गया है। अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने चश्मदीद मेडिकल स्टाफ, मीडियाकर्मियों से पूछताछ की।
विस्तार
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या की जांच के लिए शासन की ओर से गठित न्यायिक आयोग की पड़ताल जारी है। आयोग के सदस्य शहर में कैंप किए हुए हैं। मंगलवार को आयोग के सदस्य और अध्यक्ष शहर पहुंच गए थे। बुधवार को दिन भर पड़ताल करते हुए हत्या के समय घटनास्थल पर मौजूद रहे चश्मदीदों मेडिकल स्टाफ, मीडियाकर्मियों, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से पूछताछ करते हुए शपथ पत्र पर उनका बयान लिया गया।
सूत्रों के अनुसार बयान लेने और पूछताछ का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। जिन लोगों के बयान बुधवार को नहीं हो सके थे उन्हे गुरुवार को बुलाया गया है। अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने चश्मदीद मेडिकल स्टाफ, मीडियाकर्मियों से पूछताछ की। इनमें कॉल्विन अस्पताल के डॉक्टर व अन्य स्टाफ शामिल रहे। इन सभी की ओर से अपने बयान संबंधी शपथपत्र आयोग के समक्ष पेश किए गए। जिसका गहनता से अवलोकन करने के साथ ही सदस्यों ने वारदात की फुटेज से मिलान भी किया।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय आयोग मंगलवार को शहर पहुंच गया था। बुधवार सुबह 10.30 बजे से कार्रवाई शुरू की। पूर्व में नोटिस जारी होने के चलते कॉल्विन अस्पताल के डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ निर्धारित समय से पहले ही वहां पहुंच गए थे। जिसके बाद सदस्यों ने एक-एक कर उनसे पूछताछ शुरू की। डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टाफ ने अपने बयान संबंधी शपथपत्र को आयोग के सदस्यों के सामने पेश किया।
इसका गहराई से अवलोकन करने के बाद सदस्यों ने संबंधितों से सवाल पूछे।इसके बाद घटना के वीडियो फुटेज से बयान का मिलान भी किया और जहां जरूरत पड़ी, उसे लेकर भी जानकारी मांगी। शाम चार बजे तक पूछताछ का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद शाम पांच बजे के करीब कुछ मीडियाकर्मियों को भीतर बुलाया गया। यह वह हैं जो घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे। इन्हें भी पूर्व में ही नोटिस जारी किया गया था। इनसे भी घटना के बाबत गहनता से पूछताछ की गई और बयान संबंधी शपथपत्र लिया गया।
पुलिसकर्मियों का आज हो सकता है बयान
इस मामले में उन 21 पुलिसकर्मियों का बयान भी दर्ज किया जाना है जो घटना के दौरान अतीक-अशरफ की सुरक्षा में तैनात थे। इनमें धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य भी शामिल हैं। इन सभी को भी पूर्व में ही नोटिस जारी कर लिखित में शपथपत्र के साथ बयान उपलब्ध कराने को निर्देशित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार को पुलिसकर्मियों का बयान लिया गया।
दो दिन तक चलेगी कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि अभी न्यायिक आयोग के सदस्य अगले दो दिनों तक शहर में ही कैंप करेंगे। 19 मई को उन्हें वापस जाना है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही आयोग शहर पहुंचा है। इससे पहले दो बार 20 अप्रैल व छह मई को भी आयोग शहर आ चुका है। हालांकि इस दौरान घटनास्थल व धूमनगंज थाने का निरीक्षण किया गया था।