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Atiq Ashraf Murder: ...तो शाइस्ता करती थी फेस टाइम आईडी से बात, खान सौलत का कबूलनामा, अतीक का ये बेटा फंसेगा!
Mon, 08 May 2023 09:53 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 08 May 2023 09:53 AM IST
सार
कस्टडी रिमांड के दौरान माफिया अतीक के करीबी वकील खान सौलत के खुलासे में अतीक का नाबालिग बेटा अहजम का नाम भी आया है। अहजम भी जांच के दायरे में है। उससे भी पूछताछ हो सकती है। उमेश हत्याकांड की साजिश में फेस टाइम आईडी का इस्तेमाल हुआ था
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शाइस्ता परवीन, माफिया अतीक अहमद की पत्नी। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का नाबालिग बेटा अहजम भी जांच के दायरे में है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है। कस्टडी रिमांड पर लिए गए सौलत के बयान व फोन की जांच के बाद यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक, उमेश पाल हत्याकांड की साजिश संबंधी बातचीत के लिए जिन फेस टाइम आईडी का इस्तेमाल हुआ, उनमें से एक अहजम की है।
अहजम अतीक का चौथे नंबर का बेटा है और अभी राजरूपपुर बाल गृह में आवासित है। तीन अप्रैल को कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के दौरान खान सौलत हनीफ ने अपना आईफोन बरामद कराया था। इसके बाद पता चला था कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश संबंधी बातचीत के लिए अतीक एंड कंपनी फेस टाइम एप का इस्तेमाल करती थी।
एप पर बनी आईडी के जरिए ही यह बातचीत संभव हो पाती थी। खास बात यह है कि इसमें thakur008@icloud.com नाम की जिस आईडी का इस्तेमाल हुआ, वह अहजम की है।
इस बात का खुलासा खुद सौलत ने पुलिस के सामने किया है। अब पुलिस को इस बात का जवाब खोजना है कि आखिर अहजम की आईडी का इस्तेमाल क्यों हुआ। सूत्रों का कहना है कि विवेचना में जुटी धूमनगंज पुलिस अनुमति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अहजम से पूछताछ कर सकती है।
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अहजम अतीक का चौथे नंबर का बेटा है और अभी राजरूपपुर बाल गृह में आवासित है। तीन अप्रैल को कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के दौरान खान सौलत हनीफ ने अपना आईफोन बरामद कराया था। इसके बाद पता चला था कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश संबंधी बातचीत के लिए अतीक एंड कंपनी फेस टाइम एप का इस्तेमाल करती थी।
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एप पर बनी आईडी के जरिए ही यह बातचीत संभव हो पाती थी। खास बात यह है कि इसमें thakur008@icloud.com नाम की जिस आईडी का इस्तेमाल हुआ, वह अहजम की है।
इस बात का खुलासा खुद सौलत ने पुलिस के सामने किया है। अब पुलिस को इस बात का जवाब खोजना है कि आखिर अहजम की आईडी का इस्तेमाल क्यों हुआ। सूत्रों का कहना है कि विवेचना में जुटी धूमनगंज पुलिस अनुमति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अहजम से पूछताछ कर सकती है।
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...तो शाइस्ता करती थी बात
अहजम की आईडी से न सिर्फ अतीक बल्कि सौलत से अक्सर बातचीत की बात सामने आने के बाद इस बात की भी चर्चा है कि हो सकता है कि इस आईडी के जरिए शाइस्ता बात करती रही हो। दरअसल सौलत ने खुद स्वीकार किया है कि वह लगातार शाइस्ता के संपर्क में था और उसके लिए अलग-अलग जगहों से रुपये लाने का काम भी करता था।
अहजम की आईडी से न सिर्फ अतीक बल्कि सौलत से अक्सर बातचीत की बात सामने आने के बाद इस बात की भी चर्चा है कि हो सकता है कि इस आईडी के जरिए शाइस्ता बात करती रही हो। दरअसल सौलत ने खुद स्वीकार किया है कि वह लगातार शाइस्ता के संपर्क में था और उसके लिए अलग-अलग जगहों से रुपये लाने का काम भी करता था।
माना जा रहा है कि शाइस्ता भी सौलत व अन्य लोगों से बातचीत के लिए सुरक्षित माने जाने वाले फेस टाइम एप का ही इस्तेमाल करती रही हो। सौलत के फोन से अहजम की जो आईडी सामने आई है, इस बात की पूरी आशंका है कि शाइस्ता ही इसके जरिए सौलत व अन्य लोगों से संपर्क करती रही हो।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए शाइस्ता-साबिर की तलाश
50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन व पांच लाख के इनामी शूटर साबिर की तलाश में पुलिस अब खुल्दाबाद में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। पुलिस ने न सिर्फ अपने सर्विलांस कैमरों बल्कि निजी प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों के फुटेज भी देखने शुरू किए हैं। यह कवायद इसलिए की जा रही है कि यह पता चल सके कि 17 अप्रैल को खुल्दाबाद में जफरउल्लाह के घर से निकलने के बाद दोनों किस रास्ते से फरार हुए।
50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन व पांच लाख के इनामी शूटर साबिर की तलाश में पुलिस अब खुल्दाबाद में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। पुलिस ने न सिर्फ अपने सर्विलांस कैमरों बल्कि निजी प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों के फुटेज भी देखने शुरू किए हैं। यह कवायद इसलिए की जा रही है कि यह पता चल सके कि 17 अप्रैल को खुल्दाबाद में जफरउल्लाह के घर से निकलने के बाद दोनों किस रास्ते से फरार हुए।
अतीक की हत्या के अगले ही दिन शाइस्ता व शूटर साबिर खुल्दाबाद में गुरुद्वारे के पास स्थित जफरउल्लाह के घर पहुंचे थे। इस बात का खुलासा असद के दोस्त आतिन से पूछताछ में हुआ। उसने यह भी बताया कि 16 अप्रैल को ठहरने के बाद दोनों 17 अप्रैल को कहीं और के लिए निकल गए थे। इसी के बाद से पुलिस की अलग-अलग टीमें खुल्दाबाद क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी हैं। सूत्रों का कहना है कि पांच दिनों में 50 से ज्यादा कैमरों की फुटेज पुलिस टीमें खंगाल चुकी हैं।
शाइस्ता ने साबिर को दोबारा खुल्दाबाद क्यों भेजा?
पुलिस के लिए एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर 17 अप्रैल को फरार होने के बाद पांच लाख का इनामी साबिर दोबारा खुल्दाबाद क्यों आया। दरअसल, आतिन ने पूछताछ में यह बताया है कि साबिर दो मई को भी उसके घर आया था।
पुलिस के लिए एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर 17 अप्रैल को फरार होने के बाद पांच लाख का इनामी साबिर दोबारा खुल्दाबाद क्यों आया। दरअसल, आतिन ने पूछताछ में यह बताया है कि साबिर दो मई को भी उसके घर आया था।
हालांकि, रात में पुलिस की दबिश के दौरान वह चकमा देकर भाग निकला। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि शाइस्ता ने ही साबिर को किसी काम से भेजा था। ऐसे में यह भी चर्चा का विषय है कि आखिर इतना जरूरी कौन सा काम था, जिसके लिए साबिर दोबारा शहर आया जबकि वह पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है।