High Court : महिला कर्मचारी की जीपीएस ट्रैकिंग कराने के आरोपी पैथोलॉजी मालिक की गिरफ्तारी पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला कर्मचारी से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, उसकी जीपीएस ट्रैकिंग व वीडियो बनाकर प्रसारित करने के आरोपी निजी पैथोलॉजी के मालिक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला कर्मचारी से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, उसकी जीपीएस ट्रैकिंग व वीडियो बनाकर प्रसारित करने के आरोपी निजी पैथोलॉजी के मालिक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही पुलिस आयुक्त से अगली तारीख पर विवेचना की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने झूंसी स्थित पैथोलॉजी सेंटर के मालिक विनोद मिश्रा की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता नित्यानंद श्रीवास्तव व सुयश भार्गव को सुनकर दिया है।
पैथोलॉजी सेंटर में काम करने वाले शादीशुदा पीड़िता ने याची के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि पीड़िता पति से विवाद के बाद मायके में रह रही थी और झूसी स्थित पैथोलॉजी में नौकरी करती थी। इसी दौरान याची ने पहले उसे प्यार का झांसा दिया, फिर तलाक दिलाने की बात कहते हुए जबरन शारीरिक संबंध बनाए। हिडन कैमरे से वीडियो और फोटो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया। मना करने पर उसने वीडियो पीड़िता के परिजनों को भेजने की धमकी दी। पीड़िता ने जब नौकरी छोड़ने की बात कही तो आरोपी ने उसके वाहन में जीपीएस लगवाकर पीछा करना शुरू कर दिया।
इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पीड़िता के आरोपों की पुष्टि के लिए विवेचना में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र करने के संबंध में पुलिस आयुक्त से हलफनामा तलब किया था। कोर्ट ने पाया कि पेश हलफनामे में किसी तरह के अभद्र फोटो व वीडियो का उल्लेख नहीं है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता की जीपीएस ट्रैकिंग का मुद्दा एफआईआर का हिस्सा नहीं है। इसलिए इस चरण में उस पर टिप्पणी आवश्यक नहीं है। लिहाजा, कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।