प्रयागराज : कमलेश की बतौर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी भी लगवाता था अर्पित, पहले भी सेंधमारी कर चुका है कमलेश
अर्पित व कमलेश की जान पहचान पहले से थी। कमलेश अपना स्कूल चलाता था और धीरे-धीरे उसने अर्पित से अच्छी दोस्ती कर ली। वह अर्पित के जरिये परीक्षाओं के दौरान कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी भी करता था। आरओ/एआरओ परीक्षा में खुद अभ्यर्थी होने के कारण वह ड्यूटी नहीं कर पाया। यह बात अर्पित ने गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ में एसटीएफ को बताई है।
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आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल का कर्मचारी अर्पित विनीत यशवंत पेपर की फोटो खींचकर सरगना को भेजने वाले कमलेश की ड्यूटी बतौर कक्ष निरीक्षक लगवाता था। इस परीक्षा में कमलेश अभ्यर्थी था, इसलिए उसकी ड्यूटी नहीं लगवाई थी। यह बात खुद अर्पित ने एसटीएफ को पूछताछ में बताई है।
सूत्रों के मुताबिक, अर्पित व कमलेश की जान पहचान पहले से थी। कमलेश अपना स्कूल चलाता था और धीरे-धीरे उसने अर्पित से अच्छी दोस्ती कर ली। वह अर्पित के जरिये परीक्षाओं के दौरान कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी भी करता था। आरओ/एआरओ परीक्षा में खुद अभ्यर्थी होने के कारण वह ड्यूटी नहीं कर पाया। यह बात अर्पित ने गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ में एसटीएफ को बताई है।
उधर, कमलेश ने बताया कि वह अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए कई बार यूपीएसएसएसी के लखनऊ स्थित दफ्तर गया था। वहीं आने-जाने के दौरान एक बार उसकी मुलाकात सौरभ शुक्ला से हुई जो पारा स्थित जीडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल का मैनेजर था। उसने सौरभ को बताया कि उसकी प्रयागराज के कई स्कूलों में अच्छी जान पहचान है। यह भी बताया था कि वह भर्ती परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी भी करता है। इसके बाद ही पेपर लीक गिरोह के डॉ. शरद सिंह पटेल के संपर्क में पूर्व से रहने वाले सौरभ ने उसे लालच दिया।
कहा कि अगर वह पेपर लीक करा दे तो वह एक झटके में अमीर बन जाएगा। इसके बाद दोनों मिलते रहे। बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल को आरओ/एआरओ परीक्षा केंद्र बनाने की जानकारी कमलेश ने सौरभ को दी तो उसने उसे पेपर लीक कराने को कहा। यही नहीं लखनऊ बुलाकर कमलेश को डॉ. शरद से कई बार मिलवाया। इसके बाद ही कमलेश ने डॉ. शरद व सौरभ के कहे अनुसार परीक्षा वाले दिन अर्पित की मदद से स्कूल पहुंचकर पेपर का फोटो खींचा और सौरभ के मोबाइल पर भेज दिया।
बैंक खातों की भी जांच कर रही एसटीएफ
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, अर्पित व कमलेश समेत गिरोह के सभी सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इन खातों में रुपये कहां-कहां से भेजे गए। साथ ही इन खातों से किन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए। अफसरों का मानना है कि इससे गिरोह के कई अन्य मददगारों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
सिविल लाइंस पुलिस कर चुकी है पूछताछ
तीन दिन पहले गिरफ्तार अर्पित, कमलेश, सौरभ शुक्ला व डॉ. शरद से सिविल लाइंस पुलिस भी पूछताछ कर चुकी है। थाने की एक टीम ने कौशाम्बी पहुंचकर जेल भेजे जाने से पहले आरोपियों से पूछताछ की थी। अब इन चारों के साथ ही कुल 11 आरोपियों को बी वारंट पर तलब कर उनका रिमांड बनवाने की तैयारी है। इनमें से 10 का बी वारंट कौशाम्बी जबकि सरगना राजीव नयन का बी वारंट मेरठ जेल में तामील कराया जाएगा। दोनों जगह से लाकर कोर्ट में पेश किए जाने पर उनका रिमांड बनवाया जाएगा।